अक्षय तृतीया पर शुक्रवार को परंपरागत रूप में ठाकुर श्रीबांकेबिहारी की चरण दर्शन सेवा की गई। ठाकुर जी के श्री चरणों में केसर युक्त चंदन का गोला अर्पित कर पायल पहनाई गई। इस विशेष दर्शन के लिए ठाकुर जी के द्वार पर आम भक्त खड़े रहे। देहरी पर माथा टेक कर वापस हो गए। हालांकि इस दौरान सेवायत परिवार और पुलिसकर्मियों ने दर्शन का लाभ उठाया। ठाकुर श्रीबांकेबिहारी लाल जू के चरण दर्शन भक्तों को वर्ष में केवल एक बार अक्षय तृतीया पर ही सुलभ होते हैं। इस दिन ठाकुर जी को विशेष रेशमी जरी से कढ़े पीत वस्त्र धारण कराकर पैरों में स्वर्णरजत निर्मित पायल पहनायी गयी। ठाकुर जी के चरणों में केसर, कपूर, गुलाबजल, मिश्रित चन्दन का गोला अर्पित किया गया। सत्तू, बेसन के लड्डू के साथ विविध प्रकार के शीतल पेय निवेदित किए गए। परंपरागत रूप से मनाये गये उत्सव में आम श्रद्धालुओं को दर्शन लाभ नहीं मिल सका।
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अक्षय तृतीया: आम भक्तों के लिए बंद रहा श्रीबांकेबिहारी मंदिर, पुलिसकर्मियों को कराए दर्शन, तस्वीरें
Sat, 15 May 2021 12:24 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा-वृंदावन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा-वृंदावन
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sat, 15 May 2021 12:24 AM IST
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अक्षय तृतीय पर बांकेबिहारी मंदिर में जाते पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
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श्रीबांकेबिहारी मंदिर में दर्शन के लिए जाते पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
हालांकि बड़ी संख्या में श्रद्धालु दूरदराज से आकर मंदिर के बाहर सुबह से ही जुटने शुरू हो गये थे, लेकिन वह मंदिर में प्रवेश नहीं कर सके। ठाकुर जी की देहरी पर माथा टेकने के बाद घर वापस चले गए। मंदिर में केवल सेवायत गोस्वामी परिवारों को ही प्रवेश की अनुमति दी गयी थी। पुलिसकर्मियों ने भी इस अवसर का लाभ उठाया। इधर, श्रीराधादामोदर लाल मंदिर में भी ठाकुर जी की चरण सेवा की गई। भव्यता से ठाकुर जी का शृंगार किया गया। भक्तों ने भाव के साथ श्रीराधा दामोदर लाल के दर्शन किए।
बांकेबिहारी मंदिर के बाहर खड़े श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
श्रीबांके बिहारी मंदिर में ठाकुरजी को चंदन लगाया गया, गर्मी से बचने के लिए सत्तू का प्रसाद चढ़ाया गया। मथुरा व वृंदावन समेत मंदिरों में सेवायत द्वारा पूजा की गई और प्रसाद का वितरण भी किया गया।
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बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन कर लौटते भक्त
- फोटो : अमर उजाला
वृंदावन का सबसे बड़ा पर्व है अक्षय तृतीया
वृंदावन का सबसे बड़ा पर्व अक्षय तृतीया है। इस दिन स्नान और पुण्य का महत्व हैं। ठाकुरजी को शीतलता प्रदान करने के लिए भक्त शीतल पदार्थ प्रदान करता है। साल में एक बार चरणों के दर्शन के लिए वृंदावन में ऐसी भीड़ उमड़ती है कि व्यवस्थाएं संभाले नहीं संभलती। अबकी बार लॉकडाउन के कारण भक्त अपने आराध्य के चरण दर्शन नहीं कर सके।
वृंदावन का सबसे बड़ा पर्व अक्षय तृतीया है। इस दिन स्नान और पुण्य का महत्व हैं। ठाकुरजी को शीतलता प्रदान करने के लिए भक्त शीतल पदार्थ प्रदान करता है। साल में एक बार चरणों के दर्शन के लिए वृंदावन में ऐसी भीड़ उमड़ती है कि व्यवस्थाएं संभाले नहीं संभलती। अबकी बार लॉकडाउन के कारण भक्त अपने आराध्य के चरण दर्शन नहीं कर सके।
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राधाकुंड
- फोटो : अमर उजाला
राधाकुंड में किए दर्शन
अक्षय तृतीया पर कस्बा राधाकुंड के मंदिरों में ठाकुर जी के चरण दर्शन हुए। कुछ मंदिरों में ऑनलाइन दर्शन कराने की व्यवस्था की गई। राधा-श्याम कुंड संगम स्थित गिरिराज मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर, राधा गोविंद देव मंदिर, प्राचीन राधा रमन मंदिर, राधा गोपीनाथ मंदिर सहित अन्य सैकड़ों मंदिरों में अक्षय तृतीया महोत्सव मनाया गया। कोरोना संक्रमण के चलते मंदिर बंद रहने से श्रद्धालुओं को मायूस होते देखा गया। गिरिराज मंदिर के सेवायत कृष्णगोपाल कौशिक ने बताया कि अक्षय तृतीया को गिरिराज प्रभु को चंदन का श्रृंगार किया गया। सत्तू का भोग लगाकर गिरिराज प्रभु की मंगला आरती उतारी गई।
अक्षय तृतीया पर कस्बा राधाकुंड के मंदिरों में ठाकुर जी के चरण दर्शन हुए। कुछ मंदिरों में ऑनलाइन दर्शन कराने की व्यवस्था की गई। राधा-श्याम कुंड संगम स्थित गिरिराज मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर, राधा गोविंद देव मंदिर, प्राचीन राधा रमन मंदिर, राधा गोपीनाथ मंदिर सहित अन्य सैकड़ों मंदिरों में अक्षय तृतीया महोत्सव मनाया गया। कोरोना संक्रमण के चलते मंदिर बंद रहने से श्रद्धालुओं को मायूस होते देखा गया। गिरिराज मंदिर के सेवायत कृष्णगोपाल कौशिक ने बताया कि अक्षय तृतीया को गिरिराज प्रभु को चंदन का श्रृंगार किया गया। सत्तू का भोग लगाकर गिरिराज प्रभु की मंगला आरती उतारी गई।