ट्रांसयमुना थाना क्षेत्र के इस्लाम नगर निवासी अरशद ने अपनी चार बहनें और मां को लखनऊ ले जाकर मंगलवार रात उनकी हत्या कर दी। स्थानीय लोगों को जानकारी होते ही हत्यारोपी के घर के बाहर आसपास के लोगों को जमावड़ा लग गया। पड़ोसियों का कहना था कि जमीन के लिए तो नहीं अरशद ने अपनी बहनों और मां की हत्या कर दी।
लखनऊ सामूहिक हत्याकांड: बड़ा खुलासा... इस वजह से बौखलाया हुआ था अरशद, पिता को भी उल्टा लटकाकर पीटा था
सामूहिक हत्याकांड के आरोपी अरशद पिता से एक साल पहले जमीन खरीदने वाले अलीम की पत्नी शायरा बानो ने बताया कि रुपये मिलने के बाद ही बदरूद्दीन उर्फ बदर ने घर की वसीयत बेटियों के नाम कर दी थी।
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सामूहिक हत्याकांड के आरोपी अरशद पिता से एक साल पहले जमीन खरीदने वाले अलीम की पत्नी शायरा बानो ने बताया कि रुपये मिलने के बाद ही बदरूद्दीन उर्फ बदर ने घर की वसीयत बेटियों के नाम कर दी थी। इस बात की जानकारी अरशद को हुई तो उसने अपने पिता को ही छत से उल्टा लटका दिया था। उसकी जमकर पिटाई लगाई थी। तब किसी तरह पड़ोसियों ने ही पिता को बचाया था। तब से अरशद का जुल्म बहनों और मां पर ज्यादा बढ़ गया था।
फातिमा ने बताया कि बदरूद्दीन के घर में पहले एक ही कमरा बना हुआ था। एक साल पहले ही जमीन बेचने के बाद उसने मकान बनवाया था। तभी बेटियों के नाम वसीयत कर दी थी। जब अरशद को इसकी जानकारी हुई तो वह बौखला गया। उसने घर को ही कैदखाना बना दिया। पिता के साथ भी कई बार मारपीट की थी। अरशद से घर में सभी डरते थे। वह किसी को बोलने तक नहीं देता था। उन्हें आशंका है कि वसीयत के चक्कर में बहनों के साथ मां की भी हत्या कर दी।
किसी के घर खाना नहीं बना तो कोई डर से चला गया
बहनों और मां की हत्या के आरोपी अरशद ने पड़ोसियों पर जमीन कब्जाने के साथ अन्य आरोप लगाए हैं। पुलिस ने बुधवार को पूछताछ करने के लिए अलीम व अन्य लोगों को हिरासत में लिया। इसके बाद बृहस्पतिवार दोपहर तक वह घर नहीं पहुंचे। उनके घर वाले परेशान है। किसी के घर खाना नहीं बना तो किसी के परिजन डर से घर छोड़कर रिश्तेदारों के चले गए।
अलीम की पत्नी शायरा बानो ने बताया कि पुलिस बुधवार को उनके पति को पूछताछ करने के लिए लेकर घर से गई थी। शाम को थोड़ी देर के लिए आए थे। रात भर उनके दोनों बच्चे पिता की याद करते रहे न किसी ने खाना खाया न सोए। सुबह पड़ोस के लोगों से खाने के लिए नाश्ता लाकर दिया। बच्चों और पत्नी को अनहोनी की चिंता सताए जा रही है। वहीं आरोपी अरशद के पड़ोसी आफताब को भी पुलिस पूछताछ के लिए लेकर गई थी। इससे उनका परिवार में दहशत में आ गया। डर की वजह से रिश्तदारों के घर चले गए। दो दिन से दुकान भी बंद है।
लोग बोले- अरशद सिरफिरा था
लोगों ने दावा किया कि उसने घर को बहनों के लिए कैदखाना बना दिया था। घर से निकलने पर उनसे मारपीट करता था। रोजाना पड़ोसी बहनों से मारपीट की आवाज सुना करते थे। वह खुद भी पड़ोसियों से बात नहीं करता था। कई बार कहासुनी करने लगता था। इस कारण कोई उससे बोलता नहीं था। लखनऊ में हत्याकांड की जानकारी के बाद उसके घर के बाहर लोगों की भीड़ लग गई। लोग यही कह रहे थे कि अरशद सिरफिरा था।
एक कमरे में रहता था पूरा परिवार
बदरुद्दीन मोहल्ले में दिल्ली वालों के नाम से जाने जाते हैं। इसकी वजह उनका परिवार करीब 15 साल पहले दिल्ली से आगरा आया था। दिल्ली में वह किसी फैक्टरी में काम करता था। किसी बात पर नौकरी चली गई। इस पर आगरा आ गए। इस्लाम नगर में ही किराए के मकान में रहते थे। बाद में यहीं पर 100 गज का प्लॉट खरीद लिया। इसमें एक कमरा बनाकर पूरा परिवार रह रहा था। फरवरी 2024 में उसमें से 50 गज जमीन घर के सामने रहने वाले अलीम को बेच दी।