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Chhath Puja 2021: आगरा में छाई छठ की अलौलिक छटा, आज खरना, बुधवार को पहला अर्घ्य

Tue, 09 Nov 2021 12:01 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Tue, 09 Nov 2021 12:01 AM IST
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Chhath Puja 2021 festival Devotees Keep kharna vrat today in Agra
छठ पूजा (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

सूर्य की उपासना और छठी मैया की पूजा के महापर्व छठ की शुरुआत नहाय-खाय के साथ हो गई। आगरा में संतान प्राप्ति के साथ ही उनकी मंगलकामना के लिए लोगों ने प्रार्थना की। सूर्य को अर्घ्य दिया। इस दौरान ‘छठ मैया के दिहल ललनवा अंगनवा डोले’ आदि गीतों का दौर पूरे दिन चला। 



व्रतियों ने सूर्य देव और छठ मैया को मनाने के लिए तन और मन स्वच्छ रखने के उपाय किए। घरों में पूजा पाठ का दौर चला। घरों में लौकी की सब्जी, चावल और चने की दाल विशेष रूप से बनाई गई।  इस दौरान ‘कोपी कोपी बोलेली ये छठि माई, सुना ये सेवक लोग, मोरे घाटे दुबिया जमि गइल मकई बसेरा डलली..’गीत गाए गए। खासतौर से शहर में रह रहे पूर्वांचल के परिवारों में छठ की खुशी देखी गई। 

ये प्रसाद होता है तैयार
सब्जियां, ईख, नारियल, ठेकुआ (मीठा पकवान), नए चावल के लड्डू, मौसमी फल सूर्य और देवी को अर्पित किए जाते हैं। अगले दिन सूर्य की उपासना के बाद इसे प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है। 

Chhath Puja 2021 festival Devotees Keep kharna vrat today in Agra
छठ पूजा करतीं महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
इस पर्व को हठ योग भी कहते हैं
पौराणिक रूप से छठ व्रत काफी महत्वपूर्ण है। पं. सुभाष चंद्र शास्त्री बताते हैं कि चार दिनों तक चलने वाला यह महापर्व अत्यंत पवित्र और कठिन होता है। पुराणों में इसे हठ योग व्रत भी कहा जाता है। इसमें होने वाली सूर्य उपासना से कर्ण रोग, नेत्र रोग, मानसिक रोग, चर्म रोग, कुष्ठ रोग आदि से मुक्ति मिलती है। साथ ही जिन्हें यह रोग हैं, उससे छुटकारा मिलता है। 
Chhath Puja 2021 festival Devotees Keep kharna vrat today in Agra
छठ पूजा करतीं महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
नहाय खाय का महत्व 
छठ पूजन के पहले दिन नहाय खाय होता है। इसमें व्रत रखने वाले शारीरिक और मानसिक रूप से स्वच्छ और पवित्र होकर शुद्ध और सुपाच्य भोजन करते हैं। इसके पीछे यह धारणा है कि चार दिन के पूजन से शारीरिक व्याधि, रोग और व्यवधान नहीं आए। लौकी और भात का सेवन किया जाता है। व्रत से पहले पूरे घर में सफाई होती है। श्रद्धालु पूरे मन से सूर्य और छठ मैया की पूजा करते हैं। 
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बल्केश्वर घाट - फोटो : अमर उजाला
घाटों पर सफाई के लिए दिया ज्ञापन
पूर्वांचल सांस्कृतिक सेवा समिति के अध्यक्ष शंभूनाथ चौबे ने घाटों की स्थिति का जायजा लिया। समिति के पदाधिकारियों के साथ कैलाश मंदिर के महंत गौरव गोस्वामी भी रहे। चौबे ने बताया कि घाटों पर सफाई कार्य नहीं हुआ है। इसके लिए उनकी ओर से एडीएम सिटी को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से कैलाश घाट, पोइया घाट, रामबाग घाट, हाथी घाट आदि पर सफाई व्यवस्था करने की मांग की गई।  
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घरों में उत्सव का माहौल - फोटो : अमर उजाला
घरों में उत्सव का माहौल
महाराणा प्रताप नगर निवासी मालती चौबे ने कहा कि पूरे साल छठ का इंतजार रहता है। घर में उत्सव का माहौल है। चारों दिन पूजा चलेगी। चुनमुन मिश्रा ने कहा कि छठ मैया के पूजन से सभी मनोकामना पूरी होती हैं। यह व्रत आत्मिक सुख भी देता है। त्रिवेणी नगर की सुभद्रा यादव ने कहा कि छठ मैया में काफी शक्ति है। मैया व्रतियों की सभी मनोकामना पूरी करती हैं। घर में खुशियां आती हैं। कमला नगर की मीना गुप्ता ने कहा कि इन दिनों छठ मैया के गीतों ने नया उत्साह भर दिया है। माता रानी सभी इच्छाएं पूरी करती हैं। 
 
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