आगरा में स्वास्थ्य विभाग के रैपिड रेस्पांस टीम (आरआरटी) में शामिल डॉक्टर इस समय कोरोना संक्रमण से लोगों को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। जो संक्रमित मरीज होम आइसोलेशन में हैं, उनके घरों पर ये डॉक्टर दवाएं पहुंचा रहे हैं। मरीजों को दवा खाने और घर में बरती जाने वाली एहतियात की जानकारी दे रहे हैं। घर के बाकी सदस्यों की स्क्रीनिंग करने के साथ उन्हें भी दवा देने और काउंसिलिंग का काम कर रहे हैं। कोरोना संक्रमण की दर बढ़ने के बाद से इनको बिना छुट्टी के काम करना पड़ रहा है। घर जाते हैं तो परिवार से अलग एक कमरे में सीमित रहते हैं।
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#LadengeCoronaSe: एक वर्ष से परिवार से अलग एक कमरे को बनाया ठिकाना, बिना छुट्टी काम कर रहे कोरोना योद्धा
Fri, 30 Apr 2021 02:38 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 30 Apr 2021 02:38 PM IST
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कोरोना योद्धा
- फोटो : अमर उजाला
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डॉ. सागर नवल
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संक्रमण से बचाव के लिए सबसे अलग रहते हैं
आरआरटी में शामिल डॉ. सागर नवल पहले आइसोलेशन में भर्ती मरीजों की देखरेख कर रहे थे। बाद में कांटेक्ट ट्रैसिंग करने वाली टीम का हिस्सा रहे। अब घरों पर आइसोलेट मरीजों तक दवाएं पहुंचाने का काम कर रहे हैं। मरीज के साथ उनके घरवालों को दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए प्रेरित करते हैं। इन्होंने एक वर्ष से घर में अपना कमरा बिल्कुल अलग कर रखा है। घर में बुजुर्ग माता-पिता हैं। इनको संक्रमण से बचाने के लिए यह खुद को अलग रखते हैं। मां-बाप की सेवा भी नहीं कर पा रहे हैं। समाज की सेवा पूरे लगन से कर रहे हैं।
आरआरटी में शामिल डॉ. सागर नवल पहले आइसोलेशन में भर्ती मरीजों की देखरेख कर रहे थे। बाद में कांटेक्ट ट्रैसिंग करने वाली टीम का हिस्सा रहे। अब घरों पर आइसोलेट मरीजों तक दवाएं पहुंचाने का काम कर रहे हैं। मरीज के साथ उनके घरवालों को दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए प्रेरित करते हैं। इन्होंने एक वर्ष से घर में अपना कमरा बिल्कुल अलग कर रखा है। घर में बुजुर्ग माता-पिता हैं। इनको संक्रमण से बचाने के लिए यह खुद को अलग रखते हैं। मां-बाप की सेवा भी नहीं कर पा रहे हैं। समाज की सेवा पूरे लगन से कर रहे हैं।
कोरोना योद्धा: डॉ. सुरेंद्र
- फोटो : अमर उजाला
घर में भी करते हैं सामाजिक दूरी का पालन
आरआरटी के सदस्य डॉ. सुरेंद्र करीब डेढ़ वर्ष से कोरोना संक्रमित मरीजों को बचाने के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इस समय होम आइसोलेशन वाले मरीजों को दवाएं पहुंचाते हैं। होम आइसोलेशन के संबंध में जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए मरीजों और उनके घरवालों को प्रेरित करते हैं। बिना साप्ताहिक अवकाश के लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि घर में खुद को सैनिटाइज करके प्रवेश करते हैं। घर वालों से भी दूरी बनाकर रहते हैं।
आरआरटी के सदस्य डॉ. सुरेंद्र करीब डेढ़ वर्ष से कोरोना संक्रमित मरीजों को बचाने के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इस समय होम आइसोलेशन वाले मरीजों को दवाएं पहुंचाते हैं। होम आइसोलेशन के संबंध में जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए मरीजों और उनके घरवालों को प्रेरित करते हैं। बिना साप्ताहिक अवकाश के लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि घर में खुद को सैनिटाइज करके प्रवेश करते हैं। घर वालों से भी दूरी बनाकर रहते हैं।
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कोरोना योद्धा: डॉ. राजेश कुमार
- फोटो : अमर उजाला
डेढ़ वर्ष से अपने बच्चों के पास नहीं गए
आरआरटी के सदस्य डॉ. राजेश कुमार डेढ़ वर्ष से घर में अलग कमरे में रहते हैं। अलग शौचालय का इस्तेमाल करते हैं। यहां तक की बच्चों के पास भी नहीं जाते। इसके बाद भी इनके जज्बे में कमी नहीं है। इनका कहना है कि लोगों को कोरोना से बचाना प्राथमिकता है। वह होम आइसोलेशन वाले मरीजों को दवाएं पहुंचाते हैं। उनकी काउंसिलिंग करते हैं। तमाम लोग सड़कों पर बिना मास्क के दिखते हैं। उनको देखकर कष्ट होता है। कई लोगों को टोकते भी हैं।
आरआरटी के सदस्य डॉ. राजेश कुमार डेढ़ वर्ष से घर में अलग कमरे में रहते हैं। अलग शौचालय का इस्तेमाल करते हैं। यहां तक की बच्चों के पास भी नहीं जाते। इसके बाद भी इनके जज्बे में कमी नहीं है। इनका कहना है कि लोगों को कोरोना से बचाना प्राथमिकता है। वह होम आइसोलेशन वाले मरीजों को दवाएं पहुंचाते हैं। उनकी काउंसिलिंग करते हैं। तमाम लोग सड़कों पर बिना मास्क के दिखते हैं। उनको देखकर कष्ट होता है। कई लोगों को टोकते भी हैं।
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मैनपुरी जिला अस्पताल के ब्लड बैंक के एलटी सौरभ चौहान
- फोटो : अमर उजाला
मरीजों को ब्लड की आपूर्ति के लिए सहयोग कर रहे एलटी
कोरोना संक्रमण के बीच तेजी के साथ बढ़ रही अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों को ब्लड की जरूरत पड़ती है। मैनपुरी के जिला अस्पताल की ब्लड बैंक में कार्यरत एलटी सौरभ चौहान ब्लड बैंक में लगातार कार्य कर रहे हैं। उनका कहना है कि ब्लड बैंक इस महामारी के बीच 24 घंटे लोगों की सेवा के लिए तैयार है। यहां आने वाले किसी भी मरीज को एक्सचेंज पर रक्त मिलता है।
कोरोना संक्रमण के बीच तेजी के साथ बढ़ रही अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों को ब्लड की जरूरत पड़ती है। मैनपुरी के जिला अस्पताल की ब्लड बैंक में कार्यरत एलटी सौरभ चौहान ब्लड बैंक में लगातार कार्य कर रहे हैं। उनका कहना है कि ब्लड बैंक इस महामारी के बीच 24 घंटे लोगों की सेवा के लिए तैयार है। यहां आने वाले किसी भी मरीज को एक्सचेंज पर रक्त मिलता है।