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Agra Hospital Fire: आग में फंसे थे बेटा-बेटी, बचाने गए अस्पताल संचालक, मौत के आगोश में समाए तीनों
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Wed, 05 Oct 2022 11:46 AM IST
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आग की चपेट में आकर राजन, उनकी बेटी और बेटे की मौत
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा के शाहगंज के नरीपुरा में आर मधुराज हॉस्पिटल में आग लगने की घटना में डायरेक्टर राजन (42), उनकी बेटी सिमरन उर्फ शालू (18) और बेटे ऋषि (15) की मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पिता गोपीचंद हादसे के बाद सदमे में हैं। उन्होंने रोते हुए पूरे घटना के बारे में बताया। खौफनाक मंजर की दास्तां सुनकर लोग दहल गए।
गोपीचंद नरीपुरा स्थित पुरानी आबादी के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि बेटे ने बीए कर रखा था। वह शुरू से ही हॉस्पिटलों में कंपाउंडर की नौकरी करता था। वह भी बेटे को डॉक्टर बनाना चाहते थे। वर्ष 2016 में घर के पास ही अपना हॉस्पिटल खोल लिया। बेसमेंट में हॉस्पिटल चलता है, जबकि भूतल पर परिवार रह रहा था। दूसरी मंजिल पर निर्माण कार्य चल रहा है। हॉस्पिटल में कई डॉक्टर अपनी सेवाएं देते हैं।
मंगलवार रात को चार मरीज हॉस्पिटल में भर्ती थे। बुधवार तड़के 4:45 बजे वह जागे थे। गोपीचंद ने बताया कि घर के दरवाजे के बगल में दुकान बनी हुई है। इसमें वह अपनी जूते मटेरियल की दुकान का सामान फोम आदि रखते थे। दुकान में ही एक डक्ट बनी है। इससे दुकान के अंदर लगी आग नजर आ रही थी। इस पर गोपीचंद ने शोर मचा दिया।
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घटना के बाद अस्पताल के बाहर खड़े लोग
- फोटो : अमर उजाला
शोर सुनकर नाती लवी और उनका बेटा राजन बाहर निकल आए। उन्होंने दुकान का शटर उठाया। आग भीषण लगी हुई थी। इस पर सभी हॉस्पिटल से निकल कर बाहर आ गए। वहीं इससे पहले मरीज और उनके तीमारदारों को नर्स स्नेहा ने बाहर निकाल दिया था। इसके बाद हॉस्पिटल के बराबर बने एक होटल के कर्मचारियों की मदद से पानी चलाया गया। आग बुझाने के प्रयास किए।
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घटना के अस्पताल के बाहर खड़े लोग
- फोटो : अमर उजाला
गोपीचंद को पता चला कि घर के अंदर नाती ऋषि और नातनी सिमरन उर्फ शालू भी फंसी हुई है। बहू राजरानी बेसमेंट की सीढ़ियों से बाहर आ गई थी। इस पर उन्होंने बेटे राजन को बच्चों के बारे में बताया। यह सुनकर राजन बच्चों को घर से निकालने के लिए अंदर दौड़ पड़े। उस समय घर के अंदर धुआं भरा हुआ था। दोनों बच्चे कमरे में सो रहे थे।
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घटना के बाद रोती-बिलखती नर्स स्नेहा
- फोटो : अमर उजाला
राजन उन तक पहुंच पाते इससे पहले ही दम घुटने से बीच में गिर पड़े। कुछ देर बाद बाहर खड़े लोग पहुंचे। वही गोपीचंद भी बगल के होटल की छत से अपने घर की छत से होते हुए अंदर गए। राजन फर्श पर पड़े हुए थे। उन्हें दो लोगों की मदद से किसी तरह बाहर निकाल कर लाए। बाद में ऋषि और शालू को बाहर निकाला गया। तीनों को अस्पताल ले गए, जहां उनकी मौत हो गई। वहीं राजन का बेटा लवी और पत्नी राजरानी की भी हालत गंभीर है। उन्हें भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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