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दिहुली नरसंहार: ढाई घंटे तक चला था खूनी खेल, हर तरफ लाशें ही लाशें, जो जहां उसे वहीं किया ढेर; कांप गई थी रूह
Wed, 12 Mar 2025 09:23 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, मैनपुरी
अमर उजाला नेटवर्क, मैनपुरी
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 12 Mar 2025 09:23 AM IST
सार
फिरोजाबाद के जसराना कस्बे के गांव दिहुली में 18 नवंबर 1981 को डकैत संतोष और राधे के गिरोह ने 24 दलितों की हत्या की थी। 44 साल बाद नरसंहार मामले में इंसाफ मिला है। कोर्ट ने तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत 18 मार्च को सजा सुनाएगी।
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firozabad dihuli massacre
- फोटो : अमर उजाला
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मैनपुरी के दिहुली के सामूहिक नरसंहार में अभियोजन पक्ष ने पांच गवाहों को पेश किया। इनमें लायक सिंह, बेदराम, हरिनरायण, कुमर प्रसाद, बनवारी लाल थे। उन्होंने अपनी गवाही में वारदात के भयावह मंजर को अदालत के समक्ष पेश किया।
दिहुली नरसंहार में तीन आरोपी तीन दोषी करार
- फोटो : अमर उजाला
गवाहों ने अदालत को बताया था भयावह मंजर
जो जहां था उसे गोलियों से वहीं किया ढेर, कांप गई थी रूह
लायक सिंह ने बताया था कि हत्यारों के जाने के बाद देखा कि ज्वाला प्रसाद के अलावा अन्य 23 दलितों की और लाशें पड़ीं थीं। छह लोग घायल थे। राम सेवक, शीला, धन देवी, गजाधर सिंह, मुनेश, मुकेश, गंगा सिंह, राम प्रसाद, श्रृंगार मती. शिवदयाल, दुलारी, राजेंद्री, शांति देवी, राजेश, आशा देवी, भरत सिंह, दातारम, लालाराम, मुनेश, भूरे, मानिकचंद, लीलाधर, प्रीतम सिंह आदि की लाशें पड़ीं मिलीं।
जो जहां था उसे गोलियों से वहीं किया ढेर, कांप गई थी रूह
लायक सिंह ने बताया था कि हत्यारों के जाने के बाद देखा कि ज्वाला प्रसाद के अलावा अन्य 23 दलितों की और लाशें पड़ीं थीं। छह लोग घायल थे। राम सेवक, शीला, धन देवी, गजाधर सिंह, मुनेश, मुकेश, गंगा सिंह, राम प्रसाद, श्रृंगार मती. शिवदयाल, दुलारी, राजेंद्री, शांति देवी, राजेश, आशा देवी, भरत सिंह, दातारम, लालाराम, मुनेश, भूरे, मानिकचंद, लीलाधर, प्रीतम सिंह आदि की लाशें पड़ीं मिलीं।
दिहुली नरसंहार
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
राम सेवक की लाश गेंदा लाल के यहां, शीला देवी की लाश सोनकर के यहां, गजाधर की लाश उसके छप्पर में, धन देवी की लाश गजाधर की दुकान में, मुनेश की लाश और मुकेश की लाश चारपाई पर भीतर मकान में, गंगा सिंह की लाश सोनपाल के छप्पर में, रामप्रसाद की लाश राम प्रसाद के मकान में, श्रृंगार मती की लाश उसके आंगन में, शिव दयाल की लाश लट्री सिंह के दरवाजे के सामने, दुलारी की लाश बैठक में, राजेंद्री, राजेश, शांति देवी की लाश चौक में, आशा देवी की लाश उसके मकान के सामने किवाड़ों में, दाताराम की लाश वेदराम के मकान के भीतर, लालाराम की लाश रामस्वरूप के मकान में, भूरे की लाश ज्वाला प्रसाद के मकान में, और ज्वाला प्रसाद के आंगन में मुनेश की लाश मिली।
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दिहुली का सामूहिक नरसंहार
- फोटो : अमर उजाला
गिरोह के दो लोगों को पुलिस ने पकड़ा था, दलित समाज के दो लोग थे गवाह
लायक सिंह ने कोर्ट में बयान दिया था कि घटना से सवा साल पहले राधे व संतोष के गिरोह से पुलिस मुठभेड़ दिहुली में हुई थी। उसमें इनके गिरोह के दो सदस्यों को पुलिस ने पकड़ लिया था। मौके पर गांव के आंगन लाल, बाला सहाय, मिटवू लाल, महराज गवाह थे। पुलिस ने उनके सामने गिरफ्तारी व हथियार पकड़े जाने का उल्लेख किया था। इसी के कारण राधे और संतोषा का गैंग गांव वालों से दुश्मनी मानने लगा था।
लायक सिंह ने कोर्ट में बयान दिया था कि घटना से सवा साल पहले राधे व संतोष के गिरोह से पुलिस मुठभेड़ दिहुली में हुई थी। उसमें इनके गिरोह के दो सदस्यों को पुलिस ने पकड़ लिया था। मौके पर गांव के आंगन लाल, बाला सहाय, मिटवू लाल, महराज गवाह थे। पुलिस ने उनके सामने गिरफ्तारी व हथियार पकड़े जाने का उल्लेख किया था। इसी के कारण राधे और संतोषा का गैंग गांव वालों से दुश्मनी मानने लगा था।
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दोषी राम सेवक
- फोटो : अमर उजाला
नरसंहार के बाद की थी दावत, डेढ़ बजे तक रुके थे गांव में
तथ्य के गवाह के तौर पर वेदराम ने अदालत को बताया था कि वारदात में उनके दो बेटे भी मारे गए। नरसंहार के बाद आरोपी ठाकुरों के मोहल्ले में चले गए। वहां पंचम सिंह, रवेंद्र सिंह, युधिष्ठिर सिंह, रामपाल सिंह के घर पर रात को डेढ़ बजे तक रुके। वहां गिरोह ने दावत भी की थी। भयाहवता बताते हुए कहा कि रात तक वह डर के कारण अपने मोहल्ले में नहीं गए थे। गिरोह ने हत्याओं के बाद लूटपाट भी की थी। 200 ग्राम की करधनी, 12 लच्छे चांदी के और अन्य जेवर लूट ले गए थे। कुछ कपड़े भी लूट ले गए थे।
तथ्य के गवाह के तौर पर वेदराम ने अदालत को बताया था कि वारदात में उनके दो बेटे भी मारे गए। नरसंहार के बाद आरोपी ठाकुरों के मोहल्ले में चले गए। वहां पंचम सिंह, रवेंद्र सिंह, युधिष्ठिर सिंह, रामपाल सिंह के घर पर रात को डेढ़ बजे तक रुके। वहां गिरोह ने दावत भी की थी। भयाहवता बताते हुए कहा कि रात तक वह डर के कारण अपने मोहल्ले में नहीं गए थे। गिरोह ने हत्याओं के बाद लूटपाट भी की थी। 200 ग्राम की करधनी, 12 लच्छे चांदी के और अन्य जेवर लूट ले गए थे। कुछ कपड़े भी लूट ले गए थे।