{"_id":"61c941077057cc4a710587d0","slug":"mirza-ghalib-birthday-special-story-mirza-ghalib-birthplace-in-agra","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"मिर्जा गालिब: हर जुबां का वो आसरा...उसके दिल में धड़कता था आगरा, पढ़ें ताजनगरी में जन्मे मशहूर शायर की कहानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मिर्जा गालिब: हर जुबां का वो आसरा...उसके दिल में धड़कता था आगरा, पढ़ें ताजनगरी में जन्मे मशहूर शायर की कहानी
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 27 Dec 2021 10:06 AM IST
विज्ञापन
1 of 6
इसी हवेली में बीता गालिब का बचपन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
हर जुबां का वो आसरा...उसके दिल में धड़कता था आगरा... वह शायर जिसको पूरी दुनिया जानती है। जिनकी शायरी के लोग अभी भी दीवाने हैं, उस मिर्जा गालिब का जन्म 27 दिसंबर 1797 को आगरा में हुआ था। उनका पूरा बचपन ताजनगरी में ही बीता। जवानी के दहलीज पर कदम रखते ही वह दिल्ली चले गए। यहां जाने के बाद भी ताउम्र मिर्जा गालिब के दिल व दिमाग में आगरा छाया रहा। बैकुंठी देवी कन्या महाविद्यालय की एसोसिएट प्रोफेसर व उर्दू विभागाध्यक्ष डॉ. नसरीन बेगम ने गालिब के आगरा से रिश्ते के बारे में बताया।
मशहूर शायर मिर्जा गालिब का पूरा नाम असदुल्लाह खां गालिब था। वह कला महल (बाद में जो काला महल हुआ) स्थित अपनी ननिहाल की हवेली में पैदा हुए, जहां इस वक्त इंद्रभान गर्ल्स इंटर कॉलेज है। पिता का नाम अब्दुल्ला बेग था। आगरा के उस्तादों से मिर्जा गालिब ने तालीम हासिल की। वह 11 वर्ष की उम्र से शेर कहने लगे थे। दिल्ली जाने के बाद भी गालिब का दिल आगरा के लिए ही तड़पता रहा।
2 of 6
मिर्जा गालिब
गालिब ने अपने दोस्त ज्याउद्दीन अहमद खां को पत्र लिखा - ‘जाने बिरादर! गालिब नामुराद के अश्क व आह यानी आब-व-हवाएं अकबराबाद आपके लिए साजगार हो। मेरे वतन आगरा में हैं, इसलिए मुझसे बहुत करीब हैं। मैं खुश हूं कि मेरे शौक दूर अंदेशी ने मेरे दीदह (आंख) व दिल को इस सफर में आपके साथ कर दिया। ताकि इस गुरबत (परदेश) में अपने वतन के दीदार की शादमानी (खुशी), दाद भी आपको दे सकूं....।
3 of 6
ताजनगरी में जन्मे थे गालिब
- फोटो : अमर उजाला
गालिब को किस कदर ताजनगरी से मोहब्बत थी, इस खत से अंदाजा लगाया जा सकता है। गालिब अपने बचपन के दोस्त को लिखते हैं- ‘आह मुझे वह जमाना याद आता है, जब यह पूरी कायनात यानी अकबराबाद मेरा वतन थी। हमदर्द दोस्तों की एक अंजुमन हर वक्त आरास्ता रहा करती थी।’
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 6
इसी हवेली में बीता गालिब का बचपन
- फोटो : अमर उजाला
दीवाने देखने आते हैं, कहां गालिब का बचपना गुजरा
गालिब की शायरी के दीवाने अभी आगरा में काला महल में जहां उनका बचपना गुजरा, वह स्थान देखने पहुंचते हैं। हालांकि जिसमें वह रहते थे, वह हवेली बची नहीं। उसकी जगह इंद्रभान गर्ल्स इंटर कॉलेज बना हुआ है। यहां मिर्जा गालिब के बारे में कुछ ऐसा लिखा भी नहीं है, जिससे उनको पता चल सके। आसपास के दुकानदारों से पूछते हैं। जो पुराने हैं, वही थोड़ा बहुत बता पाते हैं।
विज्ञापन
5 of 6
इंद्रभान गर्ल्स इंटर कॉलेज
- फोटो : अमर उजाला
इंद्रभान गर्ल्स इंटर कॉलेज के गेट के पास ही चाय की दुकान है। इस पर 74 वर्षीय लालाराम बैठते हैं। उन्होंने बताया कि वह वर्ष 1963 से चाय की दुकान चला रहे हैं। शुरू से विद्यालय ही देखा है। बचपन से सुना है कि विद्यालय की जगह पर ही वह हवेली थी, जहां मिर्जा गालिब रहे थे। अक्सर लोग यहां आकर इस जगह के बारे में पूछते हैं।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।