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मिसाल: मंदिर के पास जख्मी मिली गाय और बछड़े के लिए नासिर बना ग्वाला, इलाज कराकर बचाई जान

Tue, 16 Nov 2021 11:21 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Tue, 16 Nov 2021 11:21 AM IST
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Nasir saves the lives of injured cow and calf in agra
नासिर ने बचाई गाय और बछड़े की जान - फोटो : अमर उजाला

आगरा के छावनी इलाके में एक गर्भवती गाय के जख्मों में कीड़े पड़ने के बाद भटकती रही, मगर किसी को उसकी हालत पर दया नहीं आयी। मुस्तफा क्वार्टर में वह बीमारी की हालत में गिरी और बछड़े को जन्म दिया। गाय और उसके नन्हें बछड़े की हालत यहां के नासिर से देखी नहीं गई तो उन्होंने अपनी पत्नी के साथ गाय की सेवा शुरू कर दी। नन्हें बछड़े को खरीदकर बोतल से दूध पिलाया। अब नासिर ने खुद ही गाय व बछड़े को पालने का निर्णय किया है। उन्होंने बछड़े का नाम सेबू और गाय का गौरी रख दिया है। नासिर के इस सेवा भाव की हर कोई सराहना कर रहा है। 

Nasir saves the lives of injured cow and calf in agra
जख्मी गाय का इलाज करते चिकित्सक - फोटो : अमर उजाला
मुस्तफा क्वार्टर के नासिर ने बताया कि करीब 10 दिन पहले एक गाय जिसके पैर की हड्डी टूटी थी और शरीर जख्मों से भरा था। वह मंदिर के पास गिर गई। इसी हालत में उसने बछड़े को जन्म दिया। 
Nasir saves the lives of injured cow and calf in agra
गाय के जख्मों में पड़ गए थे कीड़े - फोटो : अमर उजाला
नासिर से गाय और उसके नन्हें बछड़े की दुर्दशा देखी नहीं गई तो पत्नी के साथ उनकी सेवा शुरू कर दी। फिनायल से कीड़े साफ किए। इसके बाद उसने सोशल मीडिया पर मदद की गुहार लगाई मगर कोई आगे नहीं आया। 
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Nasir saves the lives of injured cow and calf in agra
नासिर ने कराया गाय का इलाज - फोटो : अमर उजाला
एक दो लोग आए तो शाबाशी देकर चले गए। इसके बाद किसी ने कैस्पर्स होम की संचालक विनीता अरोड़ा का मोबाइल नंबर दिया। तीन दिन पहले कैस्पर्स होम की टीम की डॉ. तूलिका अग्रवाल, डॉ. स्वतंत्र धाकड़, दिलीप, मुकुल ने गाय व बछड़े का इलाज किया। 
 
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Nasir saves the lives of injured cow and calf in agra
बछड़े को बोतल से दूध पिलाते बच्चे - फोटो : अमर उजाला
अब नासिर का कहना है कि उसने दोनों के नाम भी रख दिए हैं। वह खुद ही गाय और बछड़े की सेवा करेगा। अब सेबू और गौरी को किसी के हवाले नहीं करेगा। विनीता अरोड़ा ने गंगा-जमुनी तहजीब के शहर में नासिर के जज्बे की सराहना की है।
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