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राष्ट्रीय लुप्तप्राय प्रजाति दिवस: चंबल में बढ़ा तेंदुए का कुनबा, कुलांचे भर रहे काले हिरन

Sat, 22 May 2021 12:03 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 22 May 2021 12:03 AM IST
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National Endangered Species Day Number of Leopard Increase in Chambal Sanctuary in Agra
तेंदुआ और काला हिरन

आज राष्ट्रीय लुप्तप्राय प्रजाति दिवस है। यह प्रतिवर्ष मई माह के तीसरे शुक्रवार को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य संकट ग्रस्त वन्यजीवों के संरक्षण के लिए लोगों को प्रेरित करना है। आगरा के बाह क्षेत्र में चंबल सेंचुरी संकट ग्रस्त वन्यजीवों का ठिकाना बनी हुई  है। यहां वन्यजीवों के संरक्षण के लिए वन विभाग की चल रही मुहिम के कारण तेंदुए और काले-चितकबरे हिरन कुलांचे भर रहे हैं, जो आईयूसीएन (अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ ) की संकटग्रस्त सूची में शामिल हैं। इनके अलावा प्रमुख रूप से चंबल नदी में  लुप्तप्राय डॉल्फिन, कछुए और गंभीर संकटग्रस्त घड़ियाल का संरक्षण किया जा रहा है। चंबल नदी किनारे मादा घड़ियाल मार्च-अप्रैल में नदी के किनारे बालू में नेस्टिंग करती हैं और मई-जून में हैचिंग करती हैं। चंबल में कछुओं की लुप्तप्राय आधा दर्जन से अधिक प्रजातियां भी मिलती हैं। 

National Endangered Species Day Number of Leopard Increase in Chambal Sanctuary in Agra
चंबल में हिरन

बाह के रेंजर आरके सिंह राठौड़ ने बताया कि 1979 में चंबल सेंचुरी अस्तित्व में आई थी। तब बीहड़ में गद्दीदार पैरों वाले तेंदुए बहुतायत में थे। पर, चंबल सेंचुरी में  बिलायती बबूलों की झाड़ियां हो जाने के कारण तेंदुए की आबादी संकट में पड़ गई थी। 40 साल बाद बीहड़ में बिलायती बबूलों का दायरा सिमटने के साथ ही गद्दीदार पैर वाले वन्यजीव का विचरण दिखने लगा है। 

National Endangered Species Day Number of Leopard Increase in Chambal Sanctuary in Agra
चंबल में तेंदुआ - फोटो : अमर उजाला

रेंजर के मुताबिक चंबल में तेंदुए के विचरण के साथ प्रजनन से लुप्तप्राय वन्यजीव को नया ठिकाना मिला है। साल भर में इनकी आबादी 24 हो गई है। पिछले दिनों मऊ, नावली, मऊ की मढै़या , हथकांत, नंदगवां, महुआशाला, कैंजरा, सिमराई, गोंसिली, बाघराजपुरा, पडुआपुरा, मंसुखपुरा, रेहा, बरेंडा में 5 नर, 6 मादा और 12 शावक वन विभाग की टीम को पेट्रोलिंग के दौरान दिखे थे। इसके अलावा राजस्थान से सटे चंबल के बीहड़ में करीब 500 काले और चितकबरे हिरन हैं। ग्रामीणों को संरक्षण के लिए प्रेरित करने से कुनबा भी तेजी से बढ़ रहा है।

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National Endangered Species Day Number of Leopard Increase in Chambal Sanctuary in Agra
चंबल के बीहड़ में तेंदुआ - फोटो : अमर उजाला
बनाई समितियां, ताकि बढे़ं वन्यजीव 
चंबल में तेंदुए बढ़ने के साथ ही बीहड़ में आने वाली 49 ग्राम पंचायतों के चरवाहों पर हमले भी बढ़ गए है। ऐसे में ग्रामीणों को जागरूक बनाने के लिए 60 वन समितियां गठित की गई हैं। जिससे वन्यजीवों का कुनबा भी बढे़ और उनके हमले का डर भी न रहे।
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National Endangered Species Day Number of Leopard Increase in Chambal Sanctuary in Agra
कछुए - फोटो : अमर उजाला

कछुओं की लुप्तप्राय प्रजाति ढोर के 1200 बच्चे बुधवार को चंबल नदी के अपने कुनबे में शामिल हो गए। रेंजर आरके सिंह राठौड ने बताया कि लुप्तप्राय कछुओं की ढोर प्रजाति भारत, नेपाल, बांग्लादेश, वर्मा में ही बची है। मार्च अप्रैल में चंबल नदी के विभिन्न घाटों पर कछुओं की नेस्टिंग हुई थी। 150 नेस्ट चिन्हित कर वन विभाग ने जीपीएस से लोकेशन ट्रैस की थी। प्रत्येक नेस्ट में करीब डेढ़ फीट गहरे गड्ढे में कछुओं ने 25 से 30 अंडे दिए थे। करीब दो महीने बाद बुधवार वनकर्मियों की निगरानी ये बच्चे नदी में पहुंचाए गए। 
 

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