इस बार पर्यटकों को जलेसर क्षेत्र के 108 हेक्टेयर क्षेत्रफल में बने पटना पक्षी विहार की पूरी शान दिखाई देगी। अच्छी बरसात होने से झील में पानी भरपूर मात्रा में है, जो पक्षियों के लिए आकर्षक बन रहा है। इसके चलते शुरूआत से ही मेहमान परिंदों की आमद से झील की रौनक बढ़ गई है। साथ ही पिछली बार से इस बार पक्षियों के ज्यादा आने की उम्मीद है। पटना पक्षी विहार में मेहमान परिंदों ने दस्तक दे दी है। जिससे वहां रौनक बिखरने लगी है। हालांकि अभी यह पक्षियों के आगमन की शुरूआत है। सर्दी बढ़ने के साथ ही यहां देश के अलावा विदेश से भी पक्षियों का आना शुरू होगा। पिछले साल बरसात कम होने से झील में पानी कम रह गया था। जिसके चलते इस चक्र से गुजरने वाले पक्षी आगे बढ़ते गए थे। इस बार अधिक बरसात हुई, जिसका पानी झील में लबालब है। पिछले साल नवंबर अंत तक 14-15 हजार पक्षी आए थे। इस बार यह संख्या 35-36 हजार है।
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पटना पक्षी बिहार: मेहमान परिंदों की आमद से बढ़ी झील की रौनक, देखिए खूबसूरत पक्षियों की तस्वीरें
संवाद न्यूज एजेंसी
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sat, 27 Nov 2021 12:06 AM IST
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पटना पक्षी बिहार में आए पक्षी
- फोटो : अमर उजाला
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पटना पक्षी बिहार में पक्षी
- फोटो : अमर उजाला
इन पक्षियों ने डाला डेरा
अभी तक प्रवासी पक्षियों में साइबेरिया से ग्रेलेग गूज, पिंटेल, शावलर, गॉडवॉल, कॉटन टील तथा चीन और वर्मा से कॉटन टील, विस्लिंग टील, कूट, कॉमन टील, स्पूनविल पक्षियों न उपस्थिति दर्ज कराई है। इनके अलावा रेड क्रेस्टेड पोचार्ड, टफटेड पोचार्ड, नीलसर, सुर्खाव, वार हेडेड गूज आदि प्रवासी पक्षी भी आए हैं। इन सभी प्रवासी पक्षियों की संख्या करीब 20 हजार है। जबकि देश के कई प्रजातियों के करीब 16 हजार पक्षी आ चुके हैं।
अभी तक प्रवासी पक्षियों में साइबेरिया से ग्रेलेग गूज, पिंटेल, शावलर, गॉडवॉल, कॉटन टील तथा चीन और वर्मा से कॉटन टील, विस्लिंग टील, कूट, कॉमन टील, स्पूनविल पक्षियों न उपस्थिति दर्ज कराई है। इनके अलावा रेड क्रेस्टेड पोचार्ड, टफटेड पोचार्ड, नीलसर, सुर्खाव, वार हेडेड गूज आदि प्रवासी पक्षी भी आए हैं। इन सभी प्रवासी पक्षियों की संख्या करीब 20 हजार है। जबकि देश के कई प्रजातियों के करीब 16 हजार पक्षी आ चुके हैं।
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बार हैडेड गूज
- फोटो : अमर उजाला
आसपास के वेटलैंड भी आते हैं पसंद
पक्षी विहार के अलावा मेहमान पक्षियों को आसपास के वेटलैंड भी पसंद आते हैं। यहां कई गांवों में सिंघाड़े की खेती होती है। जिसमें पक्षियों को अच्छा भोजन मिलता है।
पक्षी विहार के अलावा मेहमान पक्षियों को आसपास के वेटलैंड भी पसंद आते हैं। यहां कई गांवों में सिंघाड़े की खेती होती है। जिसमें पक्षियों को अच्छा भोजन मिलता है।
झील का पानी
- फोटो : अमर उजाला
पटना झील के आसपास बड़ी संख्या में खेत हैं, जिनसे पक्षियों को भोजन मिल जाता है। आबादी व निर्माण आदि गतिविधियां न होने से पक्षियों के लिए कोई व्यवधान नहीं होता। जिससे पक्षी यहां के वातावरण को ज्यादा पसंद करते हैं। साइबेरिया में ठंड बढ़ने की वजह से भोजन की उपलब्धता कम होती जाती है और पक्षी हिमालय की ओर से यहां पहुंचते हैं। यहां से दक्षिण की ओर बढ़ जाते हैं। - विराग शर्मा, पक्षी विशेषज्ञ
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एटा का पटना पक्षी बिहार
- फोटो : अमर उजाला
इस बार पक्षियों के लिए परिस्थितियां काफी अनुकूल हैं। उम्मीद की जा रही है कि 70 हजार से अधिक पक्षी पहुंचेंगे। पिछले साल करीब 64 हजार पक्षी पहुंचे थे। -नरेंद्र रावत, फोरेस्ट रेंज ऑफिसर
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