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Agra: मासूम की मौत के 32 घंटे बाद पुलिस ने भरवाया गड्ढा, हादसे का जिम्मेदार कौन, अफसरों की अजब दलीलें

Wed, 08 Jun 2022 10:55 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Wed, 08 Jun 2022 10:55 AM IST
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police got the pit filled on road after six year old boy death in agra
गड्ढे में डूबकर हुई थी जीशान की मौत - फोटो : अमर उजाला

आगरा के तोता का ताल पर गड्ढे में गिरकर छह साल के जीशान की मौत के बाद भी जिम्मेदार अफसर अफसर बेपरवाह हैं। सोमवार को हुए हादसे के बाद से अब तक कोई भी अफसर मौके पर नहीं पहुंचा। ना ही जांच शुरू की जा सकी है। शाम तक जब जानलेवा गड्ढा खुला रहा तो पुलिस ने कर्मचारियों को बुलाकर करीब छह बजे गड्ढे से पानी निकलवाया और मिट्टी भरवाई। 32 घंटे के बाद यह गड्ढा पुलिस ने भरवाया, लेकिन इस खोदाई के जिम्मेदार अफसर अपना पल्ला छुड़ाने में लगे हुए हैं। नगर आयुक्त ने इस मामले की जांच अपर नगर आयुक्त एसपी यादव को सौंपी थी, उनके रविवार तक अवकाश पर होने के कारण जांच शुरू ही नहीं हो सकी है। 

गड्ढे पर अफसरों की अजब दलीलें  

जलनिगम निर्माण इकाई के प्रोजेक्ट मैनेजर यदुनाथ सिंह ने कहा कि हमने दो महीने पहले यहां सीवर का काम किया था। एक महीने पहले सीवर लाइन चालू भी कर दी। जो गड्ढा खोदा था, वह बंद कर दिया था। अब किसने गड्ढा खोदा, हमें नहीं पता। हमारे विभाग का काम नहीं है। 

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इसी गड्ढे में डूबकर हुई जीशान की मौत - फोटो : अमर उजाला

'हमारी कोई पाइपलाइन नहीं'

जलनिगम विश्व बैंक इकाई के प्रोजेक्ट मैनेजर महेश कुमार गौतम ने कहा कि हमारी तोता का ताल क्षेत्र में कोई पाइपलाइन नहीं है और ना हम काम कर रहे हैं। हमारा काम अवधपुरी, अलबतिया, आवास विकास क्षेत्र में चल रहा है। तोता का ताल में हमने कोई गड्ढा नहीं खोदा, ना लाइन की मरम्मत की है।  

'जलकल का कोई लेनादेना नहीं'

जलकल विभाग के महाप्रबंधक आरएस यादव ने कहा कि जलनिगम और बीएसएनएल ही बता पाएंगे। हमारी लाइन किसने तोड़ी, यह जानकारी हमें नहीं है। जलनिगम ने गड्ढा खोदा था, जिसमें पानी भर गया। जलकल विभाग का इस गड्ढे से कोई लेना देना नहीं, ना हम जिम्मेदार हैं। 
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हादसे के बाद भी 32 घंटे तक खुला रहा गड्ढा - फोटो : अमर उजाला

सड़कों के बीचोबीच खोदे पड़े गड्ढे

छह साल के जीशान की जान जाने के बाद भी सरकारी विभागों के अधिकारी इस कदर लापरवाह रहे कि मंगलवार को शहर में सड़कों के बीच में जो गड्ढे खोदे पड़े थे, उनकी ना तो बैरिकेडिंग कराई, ना ही काम पूरा कराकर बंद कराया। बोदला मारुति एस्टेट रोड पर दरगाह नबी करीम के प्रवेश द्वार पर गड्ढे को खोदकर चार दिनों से छोड़ रखा  है। इसी तरह कैलाशपुरी में केनरा बैंक के सामने चौराहे पर ग्रीन गैस द्वारा खोदाई की गई, जिसे अब तक नहीं भरा गया है। 
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जीशान के पिता और दादी - फोटो : अमर उजाला

पिता बोले- प्रशासन ने नहीं ली सुध

जीशान की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पिता रियाजुद्दीन का कहना है कि विभागीय गलती की वजह से बेटे की जान चली गई। इसके लिए विभागीय अधिकारी जिम्मेदार हैं। उन्हें इंसाफ चाहिए। इसके लिए वह जल्द अधिकारियों से भी मिलेंगे। घटना के बावजूद कोई मिलने नहीं आया। क्षेेत्र के लोगों ने पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे की मांग की है।
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मासूम जीशान - फोटो : अमर उजाला

पुलिस ने शिकायत पर नहीं की थी सुनवाई

क्षेत्रीय निवासी मोनू ने बताया कि लापरवाही से पाइपलाइन डालने का काम हुआ था। जगह-जगह गड्ढे खोद दिए गए थे। सुरक्षा के इंतजाम नहीं थे। उनके पास तक के वीडियो और फोटो भी हैं। गड्ढा बंद करने के लिए ठेकेदार से कहा था। मगर, उसने उल्टा उसकी शिकायत पुलिस से कर दी। इस पर पुलिस ने उसका शांति भंग में चालान कर दिया था। तब पुलिस सक्रिय होती तो गड्ढा बंद कराया जा सकता था। 

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