ताजनगरी में बुधवार रात हुई बारिश के बाद बृहस्पतिवार सुबह शहर की सड़कों का नजारा बदला हुआ मिला। शहर में जगह-जगह सड़कें धंस गई और 20 से ज्यादा जगह उनमें वाहन फंस गए। धंसी कारों और वाहनों को क्रेन की मदद से बाहर निकाला जा सका। गुरुवार की सुबह शाहगंज क्षेत्र के चाणक्यपुरी में घर के बाहर खड़ी कार सड़क धंसने पर उसमें समा गई। कार का पिछला हिस्सा ही नजर आया। यही हाल जयपुर हाउस और मारुति एस्टेट में हुआ। 20 से ज्यादा कारें सड़क धंसने से इसमें फंस गईं। हाल में ही बनी 8 किमी से अधिक सड़कों का ज्यादातर हिस्सा धंस गया। सीवर और पानी की पाइप लाइन वेस्टर्न जोन की जिन कॉलोनियों में बिछाई गई, वहां 4 से 6 फुट गहरे और 20 फुट तक लंबे गड्ढे हो गए। अगली स्लाइड में देखिए शहर का हाल...
'भ्रष्टाचार' के दलदल में धंस गईं सड़कें: आगरा में बारिश के बाद कारें गड्ढों में समाईं, देखिए तस्वीरें
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12 करोड़ से ज्यादा लागत से बनीं थीं सड़कें
शास्त्रीपुरम 80 फुट रोड, पश्चिमपुरी, अरविंदपुरम, हरीश नगर, नारायण विहार, मारुति एस्टेट, अलबतिया रोड, आवास विकास कॉलोनी, फतेहाबाद रोड, ताजनगरी, चाणक्यपुरी, शाहगंज, मानस नगर, जयपुर हाउस, बोदला, केदारनगर, साकेत कॉलोनी, जेल रोड खंदारी पर सीवर लाइन डालने के बाद यहां सड़क बनाई गई थी। यह सड़कें फरवरी, मार्च और अप्रैल माह में बनाई गई हैं। अधिकतर सड़कों का निर्माण जल निगम कराया गया था। मनीषा कंस्ट्रक्शन को इसका ठेका दिया गया था। इनके निर्माण में 12 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च आया था। विशेषज्ञों के मुताबिक सड़कों का हाल देखकर लगता है कि सीवर लाइन बिछाने के काम में लापरवाही बरती गई और उसके बाद सड़कों का निर्माण मिट्टी के कॉम्पेक्शन के बिना ही कर दिया गया।
लापरवाही: 15 दिन पहले बनी थी अरविंदपुरम रोड
एडीए ने 15 दिन पहले सिकंदरा-बोदला रोड के फूड सर्किल से लेकर अरविंदपुरम होते हुए शास्त्रीपुरम में तीन किमी लंबी सड़क का निर्माण कराया था, लेकिन बुधवार की बारिश में यह सड़क हरीश नगर, नारायण विहार और फूड सर्किल के सामने धंस गईं। 15 फुट लंबे और 2 फुट गहरे गड्ढे इस सड़क पर हो गए। क्षेत्रीय लोगों ने विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल से शिकायत की, जिस पर वह दोपहर में पहुंचे तो लोगों ने उन्हें सड़क की हालत दिखाई। विधायक ने मौके से एडीए उपाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र पैंसिया को फोन कर दोषी ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा। इस दौरान डॉ पार्थसारथी शर्मा, मनीष अग्रवाल, श्रीकान्त शर्मा, टी एन सिंह, जवाहर सिंह, मनोज चौहान, पार्षद मंजू वार्ष्णेय, प्रिया राजावत आदि मौजूद रहे।
मैने घर के बाहर कार खड़ी की। सुबह उठा तो आगे के दोनों पहिये सड़क धंसने से फंस गए। ऐसा लगा मानो कार ऊपर से गिरी हो। पानी की पाइप लाइन बिछाने के बाद रोड रोलर ही नहीं चलाया। - मनु सिंघल, मारुति एस्टेट
ठेकेदार से हो वसूली
एक साल तक सड़क पर सीवर और नाले के लिए खोदाई होती रही। अब जब 15 दिन पहले सड़क बनाई तो एक बारिश में ही धंस गई। ठेकेदार के खिलाफ वसूली होनी चाहिए। रामभरोसी लाल, हरीश नगर
पाइपलाइन बिछाने के बाद गिट्टी भी भरी, लेकिन मेरी कार उसी गड्ढे में समा गई। क्रेन मंगवाकर निकलवानी पड़ी। यह कैसा नवीन और स्मार्ट आगरा है, जहां रात को सोने के बाद सुबह जब जागें तो सड़कें गड्ढों में बदली मिलें। - हेमचंद्र नोतनानी, जयपुर हाउस
दलील: सभी जगह धंसी सड़कें
सभी जगह जहां पर सड़कें धंसी हैं, उन जगहों की रिपोर्ट मांगी गई है। धंसी हुई सड़कों पर गिट्टियां डलवाकर मरम्मत का काम शुरू कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने पर जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी। - यदुनाथ सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर, जल निगम