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ताजमहल पर 'चमकी'...जिसे देखने को सालभर इंतजार करते हैं पर्यटक, जानिए क्या है खासियत
Sun, 13 Oct 2019 09:26 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 13 Oct 2019 09:26 AM IST
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ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
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खूबसूरत ताजमहल की दुनिया दीवानी है। इसका दीदार करने के लिए प्रतिदिन दुनियाभर से हजारों लोग आते हैं, लेकिन ताजमहल पर 'चमकी' कुछ लोग ही देख पाते हैं। यह मौका साल में सिर्फ पांच बार ही मिलता है। इस खास मौके पर ताज के दीदार का टिकट अन्य दिनों के मुकाबले काफी महंगा होता है। इसके बावजूद सैलानियों की संख्या कम नहीं होती है। जानिए चमकी पर क्यों खास है ताजमहल का दीदार
शरद पूर्णिमा पर ताजमहल का दीदार
- फोटो : अमर उजाला
दरअसल, शरद पूर्णिमा की धवल चांदनी में ताजमहल में अद्भुत नजारा होता है। चंद्रमा की किरणें पड़ते ही ताज पर पच्चीकारी में जड़े कीमती पत्थर चमक उठते हैं। इस बेहद खूबसूरत स्मारक को चांदनी रात में देखने की ललक हर सैलानी के मन में होती है। यह नजारा 'चमकी' कहलाता है। इस बार रविवार को शरद पूर्णिमा है, लेकिन पांच दिन के ताज नाइट विजन की शुरुआत शनिवार से हो गई है।
ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद वर्ष 2004 से शरद पूर्णिमा के दो दिन पहले से दो दिन बाद तक रात में ताजमहल खोला जाता है। साल भर में यही पांच दिन होते हैं, जब ताज को रात को भी खोला जाता है। लेकिन इस बार चार दिन ही है, क्योंकि शुक्रवार को ताज बंद होने के कारण पर्यटक रात्रि दर्शन नहीं कर सके थे। शनिवार रात 8:30 बजे से ताजमहल के नाइट व्यू की पहली शिफ्ट शुरू होगी।
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ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
शरद पूर्णिमा के अवसर पर नाइट व्यू का पहला शो 'हाउसफुल' होगा। सभी टिकट बिक चुके हैं। शुक्रवार को पुरातत्व विभाग पर टिकट के लिए सुबह से ही लाइनें लग गई थीं। शनिवार को भी यही हाल रहा। ताजमहल के नाइट व्यू के लिए प्रतिदिन 400 टिकट निर्धारित हैं, इसलिए बहुत से पर्यटक चमकी देखने से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में वे शरद पूर्णिमा से पहले और इसके बाद ताजमहल का रात्रि में दीदार करते हैं।
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taj mahal night view on sharad purnima
- फोटो : अमर उजाला
शरद पूर्णिमा रविवार को है। इस दिन चांद धरती के नजदीक होता है। पर्यटक सालभर इसका इंतजार करते हैं। चंद्रमा की दूधिया रोशनी संगमरमरी पत्थरों पर जब पड़ती है तो इसमें लगे बेशकीमती पत्थर दूर से ही चमकते हैं। शनिवार को रविवार के रात्रि दर्शन के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) के माल रोड स्थित कार्यालय पर लंबी कतार लग गई। नाइट व्यू में अधिकतम 400 सैलानी रात 8:30 से 12:30 बजे की अवधि में ताजमहल देख सकते हैं।