ताजनगरी में रविवार खुशियां लेकर आया। युद्धग्रस्त यूक्रेन से पांचवें दिन तीन बच्चे सकुशल घर लौट आए। घर में खुशियां छाईं, तो दूसरी तरफ प्रशासन और सरकार की मेहनत रंग लाई। घर पहुंचते ही दयालबाग निवासी साक्षी सिंह, ट्रांस यमुना निवासी यश यादव और नगला पदी निवासी उदिशा गुप्ता की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। यूक्रेन का मंजर भुलाकर तीनों परिवार के साथ खुशियां मना रहे हैं। तीनों मेडिकल की पढ़ाई के लिए यूक्रेन गए थे। जहां रूस से युद्ध शुरू होने के बाद वे फंस गए। यूक्रेन में अभी आगरा के 30 छात्र-छात्राएं फंसे हुए हैं। इन्हें सुरक्षित वापस निकालने के प्रयास जारी हैं।
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घर लौटी खुशियां: यूक्रेन से तीन बच्चे आगरा आए, 30 और छात्र-छात्राओं की जल्द होगी वतन वापसी
Mon, 28 Feb 2022 09:17 AM IST
मुकेश कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 28 Feb 2022 09:17 AM IST
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यूक्रेन से लौटी साक्षी, उदिशा और यश
- फोटो : अमर उजाला
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माता-पिता के साथ साक्षी सिकरवार
- फोटो : अमर उजाला
यूक्रेन में फंसी साक्षी पहली छात्रा है जो आगरा लौटी है। यूक्रेन के उजरेत शहर में स्थित नेशनल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस प्रथम वर्ष की छात्रा 20 वर्षीय साक्षी ने अमर उजाला को बताया कि भारतीय होने के क्या मायने हैं ये मुझे यूक्रेन में पता चला। जहां तिरंगा हमारी ढाल बना। मैंने राष्ट्रीय ध्वज का वास्तविक महत्व समझा। जितना सम्मान भारतीय होने पर यहां नहीं मिलता उससे अधिक मुझे युद्धग्रस्त यूक्रेन में महसूस हुआ।
साक्षी सिकरवार
- फोटो : अमर उजाला
यूक्रेन से लौटी साक्षी सिकरवार ने बताया कि मैं वहां हॉस्टल में रहती थी। 22 फरवरी की रात में रूस ने कीव में हमला किया। सुबह जब देखा तो आसमान में धुआं ही धुआं दिखाई दे रहा था। वो मंजर दिल को दहलाने वाला था। बहुत डर लग रहा था। बहुत ठंड थी। मुझे लगा कि हम यहां से नहीं लौट पाएंगे। तापमान में माइनस में था। कीव में मेरे दोस्त भी फंसे हुए हैं। साक्षी के पिता कृष्णवीर सिंह सिकरवार और मां शशि ने बेटी की सकुशल घर वापसी पर केंद्र सरकार के प्रयासों की सराहना की।
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यश यादव
- फोटो : अमर उजाला
बुडापेस्ट के रास्ते घर आया यश
यूक्रेन के उजरोत शहर में फंसा ट्रांस यमुना कॉलोनी निवासी यश यादव रविवार को हंगरी से बुडापेस्ट के रास्ते दिल्ली होते हुए शाम करीब चार बजे घर पहुंचा। घर में खुशियां छा गईं। तीन दिन से चिंतित मां मधु व पिता अनिल कुमार के चेहरे पर मुस्कान तैर गई। यश ने बताया कि वह यूक्रेन के पश्चिमी हिस्से में रह रहे थे, जबकि हमले कीव व पूर्वी हिस्से में हो रहे थे। दूतावास से संपर्क करने पर मदद मुहैया हुई। जिसके बाद वह घर आ सके।
यूक्रेन के उजरोत शहर में फंसा ट्रांस यमुना कॉलोनी निवासी यश यादव रविवार को हंगरी से बुडापेस्ट के रास्ते दिल्ली होते हुए शाम करीब चार बजे घर पहुंचा। घर में खुशियां छा गईं। तीन दिन से चिंतित मां मधु व पिता अनिल कुमार के चेहरे पर मुस्कान तैर गई। यश ने बताया कि वह यूक्रेन के पश्चिमी हिस्से में रह रहे थे, जबकि हमले कीव व पूर्वी हिस्से में हो रहे थे। दूतावास से संपर्क करने पर मदद मुहैया हुई। जिसके बाद वह घर आ सके।
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आगरा का छात्रा उदिशा गुप्ता
- फोटो : अमर उजाला
दयालबाग स्थित नगला पदी निवासी उदिशा गुप्ता यूक्रेन से रविवार शाम सात बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरी। जहां उन्होंने यूक्रेन के मुश्किल हालातों का जिक्र किया। सकुशल घर वापसी के लिए भारत सरकार व पीएम मोदी को धन्यवाद दिया। रोमानिया से फ्लाइट में बैठते समय भेजे वीडियो संदेश उन्होंने कहा कि वहां उन्हें पांच किमी पैदल चलना पड़ा फिर रोमानिया बॉर्डर पार करने के दौरान चार घंटे फंसे रहना पड़ा।