मां तुम कहां चली गईं? अब कौन हमें दुलार करेगा? अब कौन संभालेगा? अब हम किसके साथ होली खेलेंगे। यह पीड़ा है आगरा की तीन बेटियों रिद्धी-सिद्धी और तनु की। रिद्धी-सिद्धी 10 साल की है, तनु की उम्र चार साल है। मां की मौत के बाद वे अपने नाना और नानी से यही सवाल कर रही हैं। तीनों मां के साथ होली की तैयारी में लगी थीं। तनु मां के साथ ही पिचकारी खरीदकर लाई थी। आरोप है कि पिता ने बच्चों से मां को छीन लिया। अब तीन बेटियां मां की याद में तड़प रही हैं।
प्रियंका हत्याकांड: मासूम बेटियां पूछ रहीं एक ही सवाल- अब कौन संभालेगा हमें, कौन करेगा दुलार ?
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आवास विकास कालोनी में किराये के मकान में रहने वाली प्रियंका की गुरुवार रात को हत्या कर दी गई थी। इसका आरोप पति धर्मेंद्र पर ही है। वह घटना के बाद से फरार है। उनकी तीन बेटियां रिद्धी, सिद्धी और तनु हैं। तीनों आवास विकास कालोनी के सेक्टर चार में अपने नाना के पास हैं।
परिजनों ने बताया कि प्रियंका घर में होली की तैयारी में लगी थी। बेटियों के लिए पिचकारी खरीदकर लाई थी। मां की मौत के बाद तीनों बेटियां पल-पल उन्हें याद कर रही हैं। ऐसे में नाना, नानी सहित परिवार के अन्य लोग उन्हें किसी तरह समझाकर शांत कर रहे हैं। रविवार को तीनों ने साथ बैठकर खाना खाया। वह बार-बार नाना और नानी से सवाल कर रही हैं कि अब हम किसके साथ होली खेलेंगे।
मासूम तनु अभी यह नहीं समझ पा रही है कि मां कहां चली गईं है। वह मां के साथ उनकी दिलाई पिचकारी को याद कर रही थी। वह रोते हुए एक ही बात कह रही थी कि मम्मी ने अपने पैसों से पिचकारी दिलाई थी। हालांकि मां की मौत के बाद मकान मालिक तीनों को नाना के पास छोड़ गए। ऐसे में उनका सारा सामान वहीं रह गया। तनु बार-बार अपनी पिचकारी मांग रही थी। इस पर घरवाले उसकी पिचकारी लेकर आए। मां की दिलाई पिचकारी मिलने से उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
परिजनों ने बताया कि रविवार दोपहर को सूचना मिली थी कि धर्मेंद्र पकड़ लिया गया। इस बारे में बेटियों को जब पता चला तो वह एक ही बात कहने लगीं कि पिता को सजा दिलाना। इस बार छुड़ाकर मत लेकर आना। उन्होंने हमसे मां को छीन लिया। पहले मां ने उन्हें छुड़ा लिया था। इस वजह से ही उन्होंने मां को मार डाला। हालांकि पकड़े जाने की जानकारी गलत थी।
तीनों बच्चियों को नाना संजय श्रीवास्तव और नानी गजल संभाल रही हैं। संजय हलवाई की बगीची स्थित फैक्टरी में पैकिंग का काम करते थे। मगर, लॉकडाउन में नौकरी छूट गई। लॉकडाउन के बाद दो महीने काम करने गए, लेकिन फिर से काम बंद हो गया। इस कारण घर पर बैठे हैं। एक बेटा टीटू इलेक्ट्रॉनिक का काम सीख रहा है। उसकी शादी नहीं हुई है। काम नहीं करता है। इससे परिवार के सामने आर्थिक संकट है। ऐसे में उन पर तीन बेटियों की जिम्मेदारी आ गई है।