चुनाव प्रचार में जाति-धर्म को लेकर जमकर बयानबाजी हुई, लेकिन मतदान के दिन मतदाताओं ने सामाजिक सौहार्द का संदेश देते हुए जिम्मेदार नागरिक का फर्ज निभाया। फिरोजाबाद में रविवार को मतदान के दौरान सामाजिक समरसता देखने को मिली। जसराना विधानसभा के मुस्तफाबाद में बनाए गए बूथ संख्या 160 पर मुस्लिम दोस्त शरीफ के साथ संत राजवीर वोट डालने पहुंचे। मतदान करने के बाद उन्होंने कहा कि मुस्तफाबाद में हमेशा सांप्रदायिक सौहार्द कायम रहा है। यहां दोनों ही समुदाय के लोग आपस में मिलजुल कर रहते हैं। राजवीर और शरीफ ने कहा कि सभी को जाति-धर्म से ऊपर उठकर मतदान करना चाहिए।
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104 साल के सौदान सिंह को चारपाई पर लेकर पहुंचे परिजन
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जसराना के बूथ संख्या 304 विलासपुर पर पूर्व विधायक जैदान सिंह के भाई सौदान सिंह (104) ने मतदान किया। उनके नाती चारपाई पर बिठाकर उनको मतदान केंद्र तक लेकर गए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के महापर्व में किसानों, नौजवानों के लिए मतदान किया है। मतदान केंद्र पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों एवं पीठासीन अधिकारियों ने भी उनकी वोट डालने में मदद की।
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700 किमी दूर से आए अवधेश कुमार शर्मा
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70 वर्षीय अवधेश कुमार शर्मा मतदान करने के लिए 700 किलोमीटर का सफर तय कर फिरोजाबाद पहुंचे। वह वर्तमान में अपने पुत्र के साथ सोनभद्र में रहते हैं। फिरोजाबाद आए 70 वर्षीय अवधेश शर्मा ने एसआरके इंटर कॉलेज स्थित मतदान केंद्र पर मतदान किया। उन्होंने कहा कि मतदान मेरा संवैधानिक अधिकार है। इस अधिकार को सार्थक करने के लिए मैं फिरोजाबाद आया हूं।
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महिलाओं ने किया मतदान
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फिरोजाबाद में लोकतंत्र के महापर्व पर रविवार को शहर और देहात के बूथों पर भारतीय संस्कृति का सम्मान करते हुए बड़ी संख्या में महिलाएं घूंघट की आड़ में मतदान करने पहुंचीं। घरों के बड़ों से पर्दा कर सरकार के गठन में सहयोग दिया। युवतियों ने भी पहली बार मतदान कर लोकतंत्र में अपनी सहभागिता दर्ज कराई। जिले में कुल मतदाता 18,53,496 हैं, जिसमें महिलाओं की संख्या 8,58,242 है।
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दिव्यांग मतदाता
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फिरोजाबाद में रविवार को मतदान के दौरान अपना प्रतिनिधि चुनने में दिव्यांगों के आड़े दिव्यांगता नहीं आई। किसी ने बूथ तक जाने के लिए ट्राईसाइकिल का सहारा लिया तो कोई वैशाखी का सहारा लेकर बूथ तक पहुंचा। दिव्यांगों ने मतदान कर जिम्मेदार नागरिक का फर्ज निभाया।