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UP: रात भर मौत के गड्ढे में पड़ा रहा श्रमिक, बाइक सहित सुबह इस हाल में मिली लाश; तस्वीरें देख कांप जाएगा कलेजा
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Published by: Dhirendra Singh
Updated Wed, 13 May 2026 08:39 AM IST
सार
फिरोजाबाद के ढोलपुरा गांव के पास खुले पड़े गेल गैस चैंबर में बाइक समेत गिरने से एक श्रमिक की मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों ने गेल अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया और आर्थिक सहायता की मांग की।
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फिरोजाबाद के ढोलपुरा गांव के पास खुले पड़े गेल गैस चैंबर में बाइक समेत गिरने से एक श्रमिक की मौत हो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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गेल गैस के खुले चैंबर ने एक श्रमिक की जान ले ली। दवा लेकर घर लौटते समय वह लाइनपार के गांव ढोलपुरा के बाहर खुले चैंबर में बाइक समेत गिरने से मौत हो गई। मंगलवार सुबह पांच बजे कारखाने से घर लौट रहे श्रमिकों ने खुले चैंबर में साथी श्रमिक का शव और बाइक पड़ी देखी तो परिजन को सूचना दी। सूचना मिलते ही परिजन के साथ इलाका पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेने का प्रयास किया तो ग्रामीण भड़क गए।
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चैंबर में बाइक सहित गिरा श्रमिक
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रात भर शव आठ फीट गहरे चैंबर में पड़ा रहा। मंगलवार तड़के पांच बजे गांव के कन्हैया, महेश और कारखाने से लौट रहे थे। श्रमिकों ने देखा कि खुले चैंबर में बाइक सहित कोई युवक का शव है। मौके पर काफी ग्रामीण एकत्रित हो गए। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिलाध्यक्ष प्रेम अतुल यादव सहित संगठन के काफी लोग पहुंच गए। परिजन ने गेल गैस के अफसरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। नारेबाजी हंगामे की सूचना पर एसडीएम सदर सतेंद्र कुमार, सीओ सदर तेजस त्रिपाठी और थानाध्यक्ष रमित आर्या मौके पर पहुंचे। पुलिस ने चैंबर से श्रमिक के शव और बाइक को बाहर निकाला। पुलिस ने शव कब्जे में लेने का प्रयास किया तो ग्रामीण और परिजन भड़क गए।
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श्रमिका का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रामीण तत्काल आर्थिक सहायता और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने श्रमिक का शव बर्फ पर रखकर चैंबर के पास बैठ गए। मौके पर नगर विधायक मनीष असीजा भी पहुंचे। पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने के प्रशासन के अधिकारियों से वार्ता की। हर संभव मदद का आश्वासन मिलने पर ही शव पोस्टमार्टम को भेजा जा सका। सीओ तेजस त्रिपाठी ने बताया गेल गैस के चैंबर में गिरने से बाइक सवार श्रमिक की मृत्यु हुई है। तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। नगर मजिस्ट्रेट विनोद कुमार पांडेय ने बताया कि गेल गैस के चैंबर में गिरने से श्रमिक की मौत के मामले को गंभीरता से लिया गया है। गेल के अधिकारियों से वार्ता करके उनको यह हिदायत दी गई है कि शहर में जो भी चैंबर खुले हैं अथवा खराब है उनका सत्यापन करके लगवाया जाए। ताकि इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति नहीं होने पाए।
सुहागनगरी में मौत के खुले चैंबर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सुहागनगरी में मौत के खुले चैंबर,घर से 500 मीटर पहले निगल गई श्रमिक की जिंदगी
सुहागनगरी में नगर निगम, पीडब्ल्यूडी और गेल गैस की लापरवाही राहगीरों की जान पर भारी पड़ रही है। ताजा मामला सोमवार रात ढोलपुरा क्षेत्र का है, जहां एक श्रमिक की जान गेल गैस के खुले चैंबर में गिरने से चली गई। श्रमिक अपने घर से मात्र 500 मीटर की दूरी पर था, जब वह इस हादसे का शिकार हुआ। शहर की सर्विस रोड, राजा का ताल स्थित गेल गैस कार्यालय के बाहर और बोध्याश्रम चौराहा जैसे इलाकों में कई मैनहोल और चैंबर बिना ढक्कन के या टूटी हालत में पड़े हैं। बरसात के मौसम में जलभराव के कारण ये खुले गड्ढे और भी खतरनाक हो जाते हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं, जिससे भविष्य में और भी बड़े हादसों का खतरा बना हुआ है।
सुहागनगरी में नगर निगम, पीडब्ल्यूडी और गेल गैस की लापरवाही राहगीरों की जान पर भारी पड़ रही है। ताजा मामला सोमवार रात ढोलपुरा क्षेत्र का है, जहां एक श्रमिक की जान गेल गैस के खुले चैंबर में गिरने से चली गई। श्रमिक अपने घर से मात्र 500 मीटर की दूरी पर था, जब वह इस हादसे का शिकार हुआ। शहर की सर्विस रोड, राजा का ताल स्थित गेल गैस कार्यालय के बाहर और बोध्याश्रम चौराहा जैसे इलाकों में कई मैनहोल और चैंबर बिना ढक्कन के या टूटी हालत में पड़े हैं। बरसात के मौसम में जलभराव के कारण ये खुले गड्ढे और भी खतरनाक हो जाते हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं, जिससे भविष्य में और भी बड़े हादसों का खतरा बना हुआ है।
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विलाप करती महिलाएं। संवाद
कहां चला गया भोला,बिलख रही थीं महिलाएं
गेल गैस के चैंबर में गिरने से मृत छोटेलाल को गांव में भोला के नाम से भी पुकारते थे। परिवार की महिलाएं बिलखकर यही कह रही थीं कहां चला गया मेरा भोला। मृतक छोटेलाल उर्फ भोला ने अपने पीछे बेटा सनी, बेटी रश्मि, खुशबू के अलावा पत्नी विमला देवी को रोता-बिलखते छोड़ा है। छोटे भाई बलराम ने बताया कि वह तीन भाइयों में वह दूसरे नंबर का था। बेटा गुजरात में करता है नौकरी -मृतक छोटेलाल का बेटा गुजरात में होंडा कंपनी में नौकरी करता है। मृतक के भाई बलराम ने बताया कि अभी बेटा को कोई जानकारी नहीं दी गई है। वह गुजरात से चल दिया है।
गेल गैस के चैंबर में गिरने से मृत छोटेलाल को गांव में भोला के नाम से भी पुकारते थे। परिवार की महिलाएं बिलखकर यही कह रही थीं कहां चला गया मेरा भोला। मृतक छोटेलाल उर्फ भोला ने अपने पीछे बेटा सनी, बेटी रश्मि, खुशबू के अलावा पत्नी विमला देवी को रोता-बिलखते छोड़ा है। छोटे भाई बलराम ने बताया कि वह तीन भाइयों में वह दूसरे नंबर का था। बेटा गुजरात में करता है नौकरी -मृतक छोटेलाल का बेटा गुजरात में होंडा कंपनी में नौकरी करता है। मृतक के भाई बलराम ने बताया कि अभी बेटा को कोई जानकारी नहीं दी गई है। वह गुजरात से चल दिया है।