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Hathras Case: दो-तीन वर्षों से चल रहा था बिटिया और संदीप का संबंध, बातचीत बंद होने से नाराज था आरोपी
Tue, 22 Dec 2020 01:57 PM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: प्राची प्रियम
Updated Tue, 22 Dec 2020 01:57 PM IST
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हाथरस केस
- फोटो : अमर उजाला
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हाथरस कांड में सीबीआई ने आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में दाखिल किए गए आरोप पत्र में अलीगढ़ के जेएन मेडिकल कॉलेज में बिटिया के आखिरी बयान को मुख्य आधार माना है। बयान में चारों आरोपियों संदीप, रामू, रवि व लवकुश पर सामूहिक दुष्कर्म करने और हत्या का प्रयास करने की बात कही गई थी।
जांच करती सीबीआई की टीम
- फोटो : अमर उजाला
सूत्रों की मानें तो सीबीआई के आरोप पत्र में कई और अहम तथ्य सामने आए हैं। इसमें यह भी उजागर हुआ है कि मृतका के संदीप के साथ रिश्ते थे। दोनों में फोन पर बात होती थी। बाद में बिटिया की तरफ से बातचीत बंद हो जाने पर वह काफी खफा था। हालांकि, बिटिया के परिजनों ने बातचीत से इनकार किया है।
बिटिया के घर के बाहर तैनात सीआरपीएफ
- फोटो : अमर उजाला
तीन दिन पहले सीबीआई ने विशेष न्यायालय एससी-एसटी कोर्ट में बिटिया के साथ हुई घटना में चारों आरोपियों संदीप, रवि, रामू और लवकुश के खिलाफ (धारा 376, 376 ए,376 डी.302 व 3(2)(5) एससी-एसटी एक्ट के तहत) आरोप पत्र दाखिल किया है। आरोप पत्र के मुताबिक, 14 सितंबर को सुबह साढ़े 10 बजे बिटिया के बड़े भाई की शिकायत पर थाना चंदपा में धारा 307 व एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा कायम किया गया था।
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जांच करने पहुंची सीबीआई की टीम
- फोटो : अमर उजाला
आरोप पत्र के मुताबिक, बिटिया की मां ने पीड़िता से घास काटने के लिए कहा तो उसने थकान और प्यास की बात कहते हुए असमर्थता जताई। इस पर मां ने घास के बंडल को बांधने के लिए कहा और वह दूसरे खेत में चली गई। वहां से करीब 50 मीटर की दूरी पर वह घास काटने लगी। थोड़ी देर में जब बिटिया की मां लौटी तो उसे बिटिया वहां नहीं मिली। इस पर मां ने तलाशना शुरू कर दिया। पास में बिटिया की चप्पल नजर आई। मां ने देखा कि उसकी बेटी बाजरे के खेत में बेसुध पड़ी है। इसी बीच गांव का छोटू वहां पहुंच गया।
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बिटिया के घर सीआरपीएफ के जवान
- फोटो : अमर उजाला
मां ने छोटू से कहा कि वह उसके बेटे को बुला लाए। इसी बीच छोटू ने सारी बात बिटिया के घर पर जाकर उसके बड़े भाई की पांच साल की बच्ची को बताई। इसके बाद छोटू अपने घर चला गया। आरोप पत्र में कहा गया है कि छोटू ने अपनी मां और भाई को भी यह बात बताई और ये लोग मौके पर पहुंच गए। सीबीआई ने आरोप पत्र में जिक्र किया है कि इसके बाद भाई और और मां बिटिया को लेकर थाने पहुंच गए। वहां भाई ने तहरीर दी। जहां से बिटिया को हाथरस के जिला अस्पताल लाया गया, वहां से जेएन मेडिकल कॉलेज अलीगढ़ रेफर कर दिया गया।