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UP: एक ही कार में खींच लाई मौत, परिचित थे सभी; गाड़ी में पांच सवारियों की थी अनुमति, सवार थे 16 लोग

अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस Published by: Sharukh Khan Updated Thu, 05 Mar 2026 04:04 PM IST
सार

यमुना एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार सुबह एक स्लीपर कोच निजी बस ने आगे जा रही ईको कार में टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि 10 लोग घायल हो गए। कार में पांच सवारियों की अनुमति थी, लेकिन 16 लोग सवार थे।

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Five passengers were allowed in the car, but there were 16 people on board
हादसे में क्षतिग्रस्त बस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हाथरस में हादसे का शिकार हुई ईको कार में सवार सभी लोग एक-दूसरे के परिचित थे। धौलपुर जिले के राजाखेड़ा क्षेत्र से ताल्लुक और हलवाई के पेशे ने उन्हें आपस में जोड़ रखा था। दिल्ली-एनसीआर में काम करने के दौरान सभी संपर्क में रहते थे। 


होली पर घर लौटने की योजना पहले से बनाई गई थी। तय हुआ था कि वीरेंद्र की ईको कार से ही सभी धौलपुर जाएंगे। उसी के अनुसार सोमवार देर रात वीरेंद्र दिल्ली से गाड़ी लेकर निकला।

 
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Five passengers were allowed in the car, but there were 16 people on board
हाथरस में हादसे के बाद मौके पर पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अतिरिक्त कमाई के लिए चलाता था ईको वैन
वीरेंद्र परिवार के साथ दिल्ली में रहता है। वह हलवाई का काम करता है और अतिरिक्त आय के लिए ईको वैन भी चलाता है। मृतक दिनेश, लोकेश और विजय से उसकी पुरानी पहचान थी। वीरेंद्र, दिनेश और लोकेश राजाखेड़ा (धौलपुर) के रहने वाले थे। वहीं विजय भी हलवाई का काम करता था और उसकी ससुराल राजाखेड़ा क्षेत्र में ही है।

 
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हादसे में क्षतिग्रस्त बस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ससुराल के माध्यम से ही विजय इन लोगों के संपर्क में आया था। हरियाणा से दिल्ली आकर उसने भी हलवाई की दुकान शुरू की थी। नाथू देवी के बेटे भी इसी पेशे से जुड़े थे और वे भी वीरेंद्र के संपर्क में थे। त्योहार पर घर पहुंचने की जल्दी और सीमित संसाधनों के चलते सभी एक ही कार में सवार हो गए। किसी ने नहीं सोचा था कि यह सफर इतना भयावह साबित होगा।
 
Five passengers were allowed in the car, but there were 16 people on board
हाथरस में हादसे के बाद एंबुलेंस से घायलों को लेकर जाते कर्मचारी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यमुना एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार की सुबह हुए भीषण हादसे ने दिल्ली, नोएडा और जिला पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दुर्घटना का शिकार हुई ईको कार पांच सवारियों के लिए अधिकृत थी, लेकिन हादसे के वक्त उसमें बच्चों सहित 16 लोग सवार थे।
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छह की मौत के बाद पोस्टमार्टम हाउस पर रोते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हैरानी की बात यह है कि यह कार राजधानी दिल्ली के नांगलोई से चली और नोएडा होते हुए उत्तर प्रदेश की सीमा में दाखिल हुई। इस दौरान रास्ते में पड़ने वाले दर्जनों सीसीटीवी कैमरों, टोल प्लाजा और पुलिस पिकेट्स को पार करने के बावजूद किसी ने यह सुध नहीं ली कि एक छोटी कार में क्षमता से तीन गुना ज्यादा लोग कैसे सफर कर रहे हैं।
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