सावन के चौथे और आखिरी सोमवार पर भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए संगम से लेकर शिवालयों तक श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा। संगम के अलावा गंगा के अन्य घाटों पर बोल बम के जयकारे गूंजते रहे। पुण्य की डुबकी लगाने के साथ ही भक्तों ने शिव मंदिरों में जलाभिषेक कर वर्ष भर के मंगल की कामना की। मनकामेश्वर महादेव में कई न्यायमूर्तियों, अफसरों और संतों ने हाजिरी लगाई।
सावन के चौथे और आखिरी सोमवार पर शिवमय हुई संगमनगरी
सावन के चौथे और आखिरी सोमवार पर शिवमय हुई संगमनगरी, मनकामेश्वर में लगी लंबी कतार, न्यायमूर्तियों ने भी लगाई हाजिरी
यमुना तट स्थित मनकामेश्वर महादेव मंदिर में चार बजे भोर में मंगला आरती के बाद आम भक्तों के लिए पट खोल दिए गए। इसी के साथ दर्शन और जलाभिषेक आरंभ हो गया। इस दिन न्यायमूर्ति मंजूरानी चौहान, न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया और न्यायमूर्ति नीरज त्रिपाठी ने मनकामेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया। आम भक्तों की लंबी कतारें दिन भर लगी रहीं। पुरुष और महिलाओं ने अलग-अलग लाइन में लगकर बाबा का दर्शन किया। दोपहर 12 बजे बोग आरती हुई। इस दौरान 15 मिनट के लिए साफ-सपाई के लिए दर्शन रोका गया। इसके बाद अपनी बारी के इंतजार में खड़े श्रद्धालु फिर आगे बढ़ने लगे।
मंदिर के प्रधान पुजारी श्रीधरानंद ब्रह्मचारी अन्य पुजारियों और सेवादारों के साथ मंदिर परिसर में सहज दर्शन की व्यवस्था देखते रहे, ताकि किसी को परेशानी का सामना न करना पड़े। इसी तरग अरैल स्थित सोमेश्वर महादेव मंदिर में भी हर हर महादेव के जयघोष के साथ दिन भर जलाभिषेक चलता रहा। मंदिर के पुजारी राजेंद्र पुरी की मौजूदगी में सुबह पंचामृत स्नान और मंगला आरती के बाद इस मंदिर में दर्शन आरंभ हुआ। कर्नलगंज स्थित भरद्वाजेश्वर महादेव मंदिर में भी सुबह से शाम तक श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचते रहे। इसी तरह तक्षक तीर्थ, पंडिला महादेव, नागवासुकि मंदिर में भी भक्तों का तांता लगा रहा। दशाश्वमेध घाट स्थित दशाश्वमेध मंदिर में सुबह से शाम तक लोग अपनी-अपनी कामनाओं की पूर्ति के लिए रुद्राभिषेक कराते रहे।
मंदार-मोगरा के फूलों से सजा मनकामेश्वर का दरबार
सावन के चौथे सोमवार को यमुना तट स्थित मनकामेश्वर महादेव का शृंगार मोगरा, मदार, गेंदा, गुलाब और बेला के फूलों से किया गया। रंग-बिरंगे फूलों से महादेव के गर्भगृह को भव्यता से सजाया गया था। पुजारी श्रीधरानंद ने रात 11 बजे सविधि मंत्रों के साथ आरती उतारी।
सावन के चौथे सोमवार को त्रिवेणी बांध स्थित कृपासिंधु हनुमान मंदिर में कोरोना से मुक्ति के लिए पार्थिव शिवलिंग निर्माण महायज्ञ में सैकड़ों संतों-भक्तों ने हिस्सा लिया। मुख्य यजमान डॉ शैलेंद्र अवस्थी के अलावा ज्योत्सना मिश्रा, रीता देवी, दीपक पांडेय, निधि पांडेय ने भगवान भोलेनाथ का दूध-दही से अभिषेक किया। यज्ञ स्थल पर महाशिवपुराण की कथा के बाद यज्ञ संयोजक श्याम सूरत पांडेय ने शिव पुराण में वर्णित शिवलिंग की महिमा का बखान किया। इस मौके पर सत्य प्रकाश पांडेय, संरक्षक फूलचंद्र दुबे, बीके पांडेय,पूर्व जिला पंचायत सदस्य अशोक तिवारी, डॉ सत्या पांडेय, राजेंद्र तिवारी दुकानजी, महासचिव सत्य प्रकाश पांडेय, उमानाथ मिश्रा, रेखा मिश्रा, योगिराज देवरहा जंगल बाबा, श्रवण दुबे, अवधेश तिवारी समेत तमाम लोग उपस्थित रहे।
यमुना तट पर भी भक्तों ने किया पार्थिव शिवलिंग का रुद्राभिषेक
सावन के आखिरी सोमवार पर जनहित त्रिवेणी आरती समिति की ओर से यमुना के शिवाला घाट मंदिर परिसर में पार्थिव शिवलिंग का रुद्राभिषेक कर लोक कल्याण की कामना की गई। पं अंकुश शर्मा के आचार्यत्व में रुद्राभिषेक हुआ। इस दौरान संस्था के हेमंत पांडेय, प्रण विजय सिंह, शांतनु शर्मा, शिवम मिश्रा, मोनू पंडा, गौतम शर्मा, सोनू पाठक, अनूप शर्मा, कार्तिक मिश्रा, तुलसी दास, शुभ पांडेय, देव भारद्वाज, सुधीर केसरवानी समेत तमाम भक्त उपस्थित रहे।