मानसून जाने के बाद सितंबर महीने में दो दिन से लगातार हो रही बारिश ने बेशक गर्मी से राहत दी है, लेकिन लोगों के लिए बड़ी परेशानी खड़ी कर दी है। गांव की गलियों से लेकर हाईवे तक बारिश के पानी में डूब गया। फसलों के गिरने से किसानों को नुकसान हुआ है। वहीं लाइन में फाल्ट हो जाने से शहर से लेकर गांव तक की बिजली गुल रही। 129 गांवों की विद्युत आपूर्ति प्रभावित रही।
UP: कुदरत के कहर से किसान बेहाल, पानी में डूबा हाईवे, गांवों का भी बुरा हाल, देखिए तस्वीरें
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बारिश से नेशनल हाईवे पर सिसाना गांव में कई फुट तक जलभराव होने से वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ी। बागपत, बड़ौत, खेकड़ा समेत अधिकतर गांवों में सड़कों व गलियों में जलभराव होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लगातार बारिश होने के कारण विद्युत लाइनों व ट्रांसफार्मर में फाल्ट आ गए। जिससे बागपत, बड़ौत, खेकड़ा में कई घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही और इस कारण शाम के समय पानी की सप्लाई तक नहीं हो सकी। लाइनों में फाल्ट आने से 129 गांवों में बत्ती गुल रही और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
बारिश के कारण लोग अपने घरों से कम ही निकले। जिससे बाजार भी सूने रहे और दुकानदार भी ग्राहकों की बाट जोहते रहे। बागपत में बड़ा बाजार, शौकत मार्केट समेत अन्य जगहों पर कीचड़ के कारण भी परेशानी हुई तो बड़ौत में गांधी रोड, नेहरू रोड, खत्री गढ़ी, किताबों वाली गली, बिजरौल रोड, बावली रोड, तहसील परिसर, छपरौली चुंगी, कोताना रोड सहित अन्य जगहों पर जलभराव के कारण लोग घरों से बाहर नहीं निकले।
धान की फसल गिरी, नुकसान होगा
खेकड़ा कृषि विज्ञान केंद्र की मौसम वैज्ञानिक डा. अंकिता नेगी ने बताया कि 24 से 28 सितंबर तक बारिश होने की संभावना है। बारिश के कारण कई जगह धान की फसल गिरी है, जिससे नुकसान हो सकता है। वहीं अधिक बारिश होने पर धान के खेतों में पानी भरने से फसल को नुकसान हो सकता है। इसलिए किसान धान के खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करें। बारिश व मध्यम तीव्रता की हवा की संभावना को देखते हुए गन्ने में बंधाई करें। बारिश के चलते फसलों में स्प्रे व सिंचाई कुछ दिन तक न करें। अगर कोई किसान आलू की अगेती बुआई करना चाहते है। वह 25 सितंबर से आलू की बुआई कर सकते है।
रेलवे अंडरपास के नीचे बन गए तालाब
बारिश के कारण अंडरपास भी तालाब बन गए। असारा, बड़का, महनवा रेलवे अंडरपास में कई-कई फुट तक पानी भरा हुआ है। जिससे अंडरपास में कई वाहन फंस गए, जिनको किसी तरह निकाला गया। उनमें से पानी की निकासी का कोई प्रबंध नहीं हो सका है। जिस कारण गांवों में जाने के लिए लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।