{"_id":"693ce3503347f885fb0f42ee","slug":"bahraich-violence-verdict-in-ramgopal-murder-case-came-in-record-time-strong-evidence-made-judgment-a-landmark-2025-12-13","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"रामगोपाल हत्याकांड: 'दंड का भय जरूरी..', मनुस्मृति का उदाहरण दे कोर्ट ने कही ये बात; रिकॉर्ड समय में आया फैसला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रामगोपाल हत्याकांड: 'दंड का भय जरूरी..', मनुस्मृति का उदाहरण दे कोर्ट ने कही ये बात; रिकॉर्ड समय में आया फैसला
अतुल अवस्थी, अमर उजाला, बहराइच
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 13 Dec 2025 10:08 AM IST
सार
बहराइच हिंसा के दौरान हुए राम गोपाल हत्याकांड में रिकॉर्ड समय में कोर्ट का फैसला आया। 13 माह 26 दिन में तेज जांच और पुख्ता सबूत से आया निर्णय मिसाल बन गया है।
बहराइच के रामगोपाल हत्याकांड में दोषियों को सजा सुनाए जाने के बाद अब पूरा मामला इस बात की मिसाल बन गया है कि तेज जांच, कार्रवाई और पुख्ता साक्ष्य होने पर किसी भी जटिल केस में कम समय में न्याय मिल सकता है। पुलिस और अभियोजन पक्ष की सक्रियता ने इस मुकदमे को रिकॉर्ड अवधि में अंजाम तक पहुंचाया।
13 अक्तूबर 2024 को हुई वारदात के बाद उसी दिन एफआईआर दर्ज की गई। घटना के तत्काल बाद पुलिस की कई टीमें सक्रिय हो गईं। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, फॉरेंसिक रिपोर्ट और मौके से जुटाए गए सबूतों को तेजी से एकत्र किया गया। 11 जनवरी 2025 को आरोप पत्र न्यायालय में भेज दिया गया, जो आमतौर पर लगने वाले समय से काफी कम है।
Trending Videos
2 of 10
महराजगंज हिंसा के मामले में गुरुवार को कोर्ट में सुनवाई के बाद जेल भेजे गए आरोपियों को ले जाती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 12 लोगों की गवाही इस केस की रीढ़ बनी। सभी गवाह अदालत में समय से उपस्थित हुए। किसी भी प्रकार की देरी या बयान बदलने की स्थिति सामने नहीं आई। गवाहों के बयान एक-दूसरे से मेल खाते रहे, जिससे कोर्ट में अभियोजन की स्थिति मजबूत बनी रही। 18 फरवरी 2025 को आरोप विरचित होने के बाद 4 मार्च से साक्ष्य की प्रक्रिया शुरू हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन
3 of 10
13 अक्तूबर 2024 को महराजगंज में प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुई हिंसा के दौरान हुई आगजनी। (फाइल फोटो)
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अभियोजन पक्ष की ओर से गवाहों को क्रमवार प्रस्तुत किया गया। अदालत ने भी सुनवाई में अनावश्यक स्थगन नहीं दिया। लगातार हुई तारीखों पर साक्ष्यों और जिरह ने मुकदमे को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया।
4 of 10
13 अक्तूबर 2024 को महराजगंज में प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुई हिंसा के दौरान हुई आगजनी। (फाइल फोटो)
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अदालत ने भी पूरे मामले को गंभीर अपराध की श्रेणी में मानते हुए त्वरित गति से लगातार सुनवाई को प्राथमिकता देते हुए 9 दिसंबर को फैसला सुनाया।
विज्ञापन
5 of 10
मेडिकल कॉलेज में भर्ती राम गोपाल मिश्रा के पिता कैलाशनाथ मिश्रा और मौजूद भाई हरमिलन मिश्रा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पीड़ित परिवार ने कहा-सिस्टम ने भरोसा जीता
दोषियों पर फैसला आने के बाद पीड़ित परिवार के मुखिया कैलाश नाथ मिश्रा ने कहा कि पुलिस और न्यायालय ने जिस तेजी से कार्रवाई की, उससे उन्हें न्याय व्यवस्था पर भरोसा बढ़ा है। परिवार ने बताया कि पिछले कई महीनों से वे केवल न्याय की उम्मीद में थे। फैसले के बाद उनका भय और तनाव कम हुआ है।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।