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बदायूं दुष्कर्म कांड: पहले साक्ष्यों के साथ होता रहा खिलवाड़, अब पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Published by: प्राची प्रियम
Updated Mon, 11 Jan 2021 12:58 PM IST
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आरोपी को मेडिकल के लिए ले जाती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
बदायूं में सामूहिक दुष्कर्म के बाद महिला की हत्या के मामले में सीएम कार्यालय से मॉनिटरिंग की जा रही है। बावजूद इसके केस में ढिलाई बरती गई। उघैती पुलिस ने शव का पंचनामा भरने में 19 से 20 घंटे लगा दिए। तीसरे दिन पोस्टमार्टम हुआ, जिसकी वीडियोग्राफी तक नहीं कराई गई। मालूम हो कि उघैती मामले ने तूल ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद पकड़ा। क्योंकि इससे पहले पुलिस मामले को दबाने और हादसा बताने की प्रयास करती रही। हालांकि पंचनामा भरते समय ही शव को लेकर कई चीजें साफ हो जाती हैं, लेकिन पहले मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया।
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अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के बाहर तैनात पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
तीन डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया, लेकिन पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी कराना जरूरी नहीं समझा। फॉरेंसिक टीम भी तीन दिन के बाद मौके पर पहुंची और तब तक महिला के खून से सना गद्दा समेत अन्य चीजें ऐसे ही पड़ी रहीं और लोग उन्हें उठाकर देखते रहे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार अति रक्तस्राव से महिला की मौत हुई। हड्डी टूटने के साथ शरीर के कई अंगों पर चोटें भी मिलीं। प्राइवेट पार्ट में रॉड डालने और सामूहिक दुष्कर्म की बात कही जा रही है।
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मृतका के घर के बाहर जमा भीड़
- फोटो : अमर उजाला
इस रिपोर्ट के सार्वजनिक होने के बाद जब पुलिस-प्रशासन की फजीहत हुई तो आननफानन इंस्पेक्टर और हलका इंचार्ज को निलंबित करने के साथ उनके खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई। डीएम कुमार प्रशांत ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट लीक होने को लेकर मजिस्ट्रेट जांच बैठा दी। पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी क्यों नहीं कराई गई। इस लेकर सीएमओ और सीएमएस एक-दूसरे पर बात डाल रहे हैं। जबकि एडी हेल्थ डॉ. एसपी अग्रवाल स्वीकार कर रहे कि वीडियोग्राफी होनी चाहिए।
मृतका के परिजनों से मिलने पहुंचीं थीं महिला आयोग की सदस्य
- फोटो : अमर उजाला
जिला स्तर पर पोस्टमार्टम कराना सीएमओ, सीएमएस और पुलिस की जिम्मेदारी है। इस तरह के मामलों में वीडियोग्राफी होनी चाहिए। अगर सीएमओ और सीएमएस पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी के मामले को एक दूसरे पर टाल रहे हैं तो यह गलत है।
-डॉ. एसपी अग्रवाल, एडी हेल्थ
-डॉ. एसपी अग्रवाल, एडी हेल्थ
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इसी धर्मस्थल की कोठरी में घटना को दिया गया था अंजाम
- फोटो : अमर उजाला
उघैती प्रकरण में पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी नहीं कराई गई है। पोस्टमार्टम के लिए पैनल सीएमएस ने बनाया था। इस बारे में सीएमएस या संबंधित पुलिस ही कुछ बता सकती है। मैं ज्यादा कुछ नहीं बता सकता। वीडियोग्राफी न कराया जाना मेरी जानकारी में है।
-डॉ. यशपाल सिंह, सीएमओ
पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी कराई गई या नहीं यह मुझे नहीं पता। इस बारे में सीएमओ ही कुछ बताएंगे। पोस्टमार्टम के संबंध में मेरे स्तर की जो कार्रवाई थी उसको मैंने पूरा किया है।
-डॉ. विजय बहादुर राम, सीएमएस
-डॉ. यशपाल सिंह, सीएमओ
पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी कराई गई या नहीं यह मुझे नहीं पता। इस बारे में सीएमओ ही कुछ बताएंगे। पोस्टमार्टम के संबंध में मेरे स्तर की जो कार्रवाई थी उसको मैंने पूरा किया है।
-डॉ. विजय बहादुर राम, सीएमएस
