सूदखोर अविनाश वाजपेयी से तंग आकर सात मई को पत्नी और दो बच्चों समेत अखिलेश गुप्ता ने आत्महत्या कर ली थी। अखिलेश गुप्ता और अविनाश वाजपेयी उर्फ आकाश के बीच लगभग पिछले एक दशक से दोस्ती थी। दोनों का एक-दूसरे के घर आना-जाना था। सुख-दुख के भागीदार भी थे, लेकिन ब्याज के रुपयों और मकान के लालच में अविनाश ने सब कुछ भुला दिया। कुछ परिचितों के मुताबिक अखिलेश गुप्ता और अविनाश वाजपेयी के बीच दोस्ती की कहानी सन 2013 से शुरू हुई थी। अखिलेश दवाओं का व्यापार करता था, जबकि अविनाश ने ब्याज का काम शुरू किया था। अविनाश का कांट क्षेत्र के कुछ दवा व्यापारियों से मिलना-जुलना था।
सामूहिक सुसाइड केस: मकान की खातिर दोस्त से दुश्मन बना सूदखोर अविनाश, पाने के लिए किसी भी हद तक जाने को था तैयार
मकान पर लोन लेने का अविनाश ने दिया था सुझाव
2018 में अखिलेश ने व्यापारिक जरूरत का हवाला देते हुए अविनाश से रुपये मांगे थे। इस पर अविनाश ने छह फीसदी ब्याज पर 12 लाख रुपये दिला दिए। ब्याज पर ब्याज चढ़ने से रकम बढ़कर अच्छी खासी हो चुकी थी। तब अविनाश ने मकान पर बैंक से लोन लेने का सुझाव अखिलेश को दिया, ताकि वह कर्ज चुका सके। अविनाश ने यह भी कहा था कि अखिलेश के कागज पूरे नहीं हैं। इसलिए मकान उसके नाम पर कर दे। उसके कागजात भी पूरे हैं। वह जल्द बैंक लोन करा सकता है। अखिलेश सीधा साधा होने की वजह से अविनाश के जाल में फंस गया। 2019 में अखिलेश ने मकान की रजिस्ट्री अविनाश के नाम करा दी। फिर अविनाश ने बैंक लोन के लिए जरूरी बिजली कनेक्शन उसके नाम कराने के लिए कहा। अखिलेश ने यह भी कर दिया। मकान का दाखिल-खारिज भी करा लिया।
बालाजी की कसम खाकर बोला था अविनाश, तुम हमेशा इसी मकान में रहोगे
सूदखोरी के मकड़जाल में फंसाने के बाद अविनाश ने झांसा देकर अखिलेश का मकान अपने नाम करा लिया था। अखिलेश और अविनाश दोनों अक्सर मेहंदीपुर बालाजी जाते थे। अविनाश ने अखिलेश के घर के आंगन में खड़े होकर बालाजी की कसम खाई थी कि अखिलेश आजीवन इसी घर में रहेगा। वह सिर्फ बैंक लोन कराएगा। अखिलेश लोन की किश्त भरते रहेंगे। मकान हमेशा अखिलेश के पास ही रहेगा।
मकान नाम आने पर अविनाश ने दिखाया अपना असली रंग
अविनाश बैंक लोन का झांसा देकर मकान अपने नाम करा चुका था। बिजली कनेक्शन से लेकर सारी कागजी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी थीं। अखिलेश को लिखित रूप में चार हजार रुपये मासिक का किरायेदार बना दिया था। इसके बाद अविनाश ने अपना असली रंग दिखाना शुरू किया तो अखिलेश के होश उड़ गए। अविनाश ने कहा कि अब वह मकान खाली कर दे। यह सुनकर अखिलेश के पैरों तले की जमीन खिसक गई। अखिलेश की पत्नी रेशू अविनाश को भईया कहती थी। पति-पत्नी दोनों अविनाश के इस रूप को देखकर हैरत में थे। अविनाश ने मकान खाली करने का लीगल नोटिस भी भेज दिया था।
जिस मकान को 12 लाख में खरीदा उसी के मांगे 75 लाख
अविनाश ने लोगों के बीच यह कहना शुरू कर दिया था कि उसका कच्चा कटरा में एक मकान है जिसे वह बेचना चाहता है। कुछ लोगों ने संपर्क किया और मकान देखने पहुंचे। तब पता चला कि यह मकान तो अखिलेश गुप्ता का है। इस पर अविनाश ने लोगों को रजिस्ट्री दिखाकर कहा कि मकान का मालिक वह है। अखिलेश वहां पर महज किरायेदार है। लोगों ने मकान की कीमत 55-60 लाख रुपये लगाई। अविनाश ने मकान की कीमत 70-75 लाख रुपये लगाई थी। जब अखिलेश को पता चला कि मकान खरीदने के लिए लोग आ रहे हैं तो उसने अविनाश से बात की। अविनाश ने दो-टूक कह दिया कि या तो वह 75 लाख रुपये देकर उस मकान को खरीद ले या फिर वह इस कीमत पर किसी दूसरे को यह मकान बेच देगा। जिस मकान को बड़े अरमानों से अविनाश ने बनवाया था वहां से बेदखल होने की बात सुनकर अखिलेश कांप गया।