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जिस हथियार से लड़ा गया था चीन से युद्ध, उत्तर प्रदेश के हर थाने से उसे हटाया, वजह जान लें
श्याम सुंदर तिवारी, सिद्धार्थनगर
Published by: विजय जैन
Updated Sun, 02 Feb 2020 09:16 PM IST
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थ्री नॉट थ्री
- फोटो : अमर उजाला
थ्री नॉट थ्री रायफल वर्ष 1857 में अस्तित्व में आई थी। वर्ष 1962 में भारतीय सैनिकों ने इसी रायफल से चीन युद्ध लड़ा था। सत्तर के दशक में इसे परिष्कृत कर सेमी ऑटोमेटिक बनाया गया। इसमें मैग्जीन लगाकर एक के बाद एक छह फायर करने की क्षमता विकसित गई। लेकिन वर्तमान में अपराधियों के आधुनिक हथियारों से मुकाबला करने में थ्री नॉट थ्री अक्षम साबित हो रही थी।
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फोटोग्राफिक रायफल
- फोटो : सोशल मीडिया
इस रायफल को प्रदेश के सभी जिलों के पुलिसकर्मियों के कंधों से उतारने का फैसला दो साल पहले ही लिया गया था। प्रदेश के कुछ जिलों के शहरी थानों से इन रायफलों को रिटायर भी कर दिया गया पर देहात में उनका वजूद कायम था। अब 26 जनवरी 2020 में यह पूरी तरह से पुलिस के पास से हटा दी गई। थानों में अब थ्री नॉट थ्री की जगह ऑटोमेटिक इंसास राइफल नजर आएगी।
वहीं, थानों में ड्यूटी करने वाले जिन होगमगार्डों के कंधे पर रायफल सजती थी, वे अब असलहाविहीन हो जाएंगे। कारण यह कि इन्सास राइफल प्रशिक्षण प्राप्त पुलिसकर्मी ही रख सकते हैं। ऐसे में थ्री नॉट थ्री के जमा होने से होमगार्ड निहत्थे हो जाएंगे। जिले के थानों में रखी गईं थ्री नॉट थ्री पुलिस मुख्यालय के आदेश पर जमा कर दी गई हैं। यह व्यवस्था पूरे प्रदेश में लागू की गई है।
वहीं, थानों में ड्यूटी करने वाले जिन होगमगार्डों के कंधे पर रायफल सजती थी, वे अब असलहाविहीन हो जाएंगे। कारण यह कि इन्सास राइफल प्रशिक्षण प्राप्त पुलिसकर्मी ही रख सकते हैं। ऐसे में थ्री नॉट थ्री के जमा होने से होमगार्ड निहत्थे हो जाएंगे। जिले के थानों में रखी गईं थ्री नॉट थ्री पुलिस मुख्यालय के आदेश पर जमा कर दी गई हैं। यह व्यवस्था पूरे प्रदेश में लागू की गई है।
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लूट प्रकरण
- फोटो : अमर उजाला
जानकारी के मुताबिक पुलिसकर्मी थ्री नॉट थ्री रायफल की बजाए इंसास और एसएलआर से लैस किया गया है। 162 साल तक पुलिस की पहचान रहीं थ्री नॉट थ्री रायफल के पुलिस सेवा से बाहर होने के बाद जिले की करीब 1600 रायफलों को भी रिटायर कर दिया गया। तमाम रायफल को पुलिस लाइंस में जमा भी कराया गया है। बीते दिनों शासन ने इस आशय का पत्र लिखकर सभी जिले के कप्तानों से तस्दीक की थी कि वर्तमान में उनके यहां किसी थाने में 303 गन का इस्तेमाल तो नहीं हो रहा। जिलों से रिपोर्ट में तो बंदूक का इस्तेमाल न होना ही बताया गया था। साथ ही सभी को 11 दिसंबर तक थ्री नॉट थ्री को हर हाल में पुलिस लाइंस में जमा कराने का आदेश दिया गया था।
थ्री नॉट थ्री
इंसास रायफल
ट्रेनिंग से भी बाहर हो गई है थ्री नाट थ्री
थ्री नॉट थ्री (303) बोर रायफल के स्थान पर पुलिस अब इंसास रायफल और एसएलआर का इस्तेमाल कर रही है। पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण से भी थ्री नॉट थ्री रायफल को बाहर किया जा चुका है। अब इंसास रायफल की ही ट्रेनिंग दी जा रही है।
थ्री नॉट थ्री (303) बोर रायफल के स्थान पर पुलिस अब इंसास रायफल और एसएलआर का इस्तेमाल कर रही है। पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण से भी थ्री नॉट थ्री रायफल को बाहर किया जा चुका है। अब इंसास रायफल की ही ट्रेनिंग दी जा रही है।
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पुलिस ने बरामद की राइफल
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
जिले में करीब 1600 थ्री नॉट थ्री रायफल इस्तेमाल हो रही थी। सभी थानों से इस श्रेणी के असलहे जमा कराए गए हैं। इसकी जगह पर इंसास या एसएलआर जैसे आधुनिक असलहे दिए जा रहे हैं। हालांकि ज्यादातर थानों पर पहले से ही इस तरह के असलहे दिए गए थे। अब पूरी तरह से सिर्फ आधुनिक असलहों का इस्तेमाल होगा।
. उमेश कुमार दुबे, आरआई
. उमेश कुमार दुबे, आरआई