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झांसी अग्निकांड: पहले छिड़का था चूना...अब बिछाए पलंग, पानी के कैंपर भी रखवाए; अचानक व्यवस्थाएं देख परिजन हैरान
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 19 Nov 2024 01:46 PM IST
सार
झांसी के मेडिकल कॉलेज में एक बार फिर महानिदेशक के आने से पहले परिजन के लिए व्यवस्थाएं करा दी गई। अब वार्ड नंबर पांच की एसएनसीयू के बाहर गैलरी में परिजन के लिए छोटे पलंग बिछवा दिए। पानी के कैंपर भी रखवा दिए।
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Jhansi Medical College fire
- फोटो : अमर उजाला
झांसी के मेडिकल कॉलेज में आग लगने के मामले में चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक के जांच के लिए पहुंचने से एक घंटे पहले वार्ड नंबर पांच की एसएनसीयू के बाहर गैलरी में परिजन के लिए छोटे पलंग बिछवा दिए। पानी के लिए भटक रहे तीमारदारों के लिए कैंपर भी रखवा दिए। अचानक व्यवस्थाएं होती देख परिजन हैरान रह गए।
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गैलरी में लगवाए बेड
- फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार की रात एसएनसीयू में आग लगने के बाद भर्ती नवजात शिशुओं को इमरजेंसी के बाल रोग विभाग में भर्ती किया गया। जब उप-मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के सुबह पांच बजे तक मेडिकल कॉलेज आने की सूचना मिली तो कॉलेज प्रशासन ने सिर्फ चार घंटे में वार्ड नंबर पांच में एसएनसीयू चालू कर बच्चों को भर्ती करवा दिया। भर्ती शिशुओं के माता-पिता व परिजन बाहर जमीन पर बैठकर रात गुजारते रहे मगर किसी ने भी ध्यान नहीं दिया।
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मेडिकल में जांच करने आई शासन की टीम प्राचार्य एनएस सेंगर से पूछताछ करती हुई
- फोटो : अमर उजाला
सोमवार को सुबह चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक किंजल सिंह के आने से पहले उससे एक घंटा पहले कॉलेज प्रशासन ने वार्ड नंबर 5 में बनी एसएनसीयू के बाहर व्यवस्थाएं दुरुस्त करवा दीं। भर्ती शिशुओं के माता-पिता और परिजन के छोटे पलंग बिछवा दिए गए। यही नहीं, प्यास बुझाने के लिए छह कैंपर भी रखवा दिए। यह व्यवस्थाएं देख सभी समझ गए कि कोई न कोई अधिकारी आ रहा है।
लखनऊ से जांच के लिए पहुंची टीम
- फोटो : अमर उजाला
शनिवार व रविवार की रात जमीन पर लेटकर काटी है। सुबह करीब नौ बजे कुछ लोग आए और आराम करने के लिए पलंग बिछाकर चले गए हैं।-पूनम, निवासी नत्थी खेड़ा तालबेहट
निरीक्षण करने के लिए अधिकारी आ रहे थे, उससे करीब एक घंटा पहले ही आराम करने लिए पलंग बिछवाया है। पानी के कैंपर भी रखवा दिए हैं।- दीपा यादव, पूरा कली
दो रात ठंडी जमीन पर लेटकर गुजारी है। पानी के लिए दो मंजिल उतरकर आना-जाना पड़ रहा था। सुबह अचानक सारी व्यवस्थाएं बदल दी गई है। नीलू, परसा महोबा
निरीक्षण करने के लिए अधिकारी आ रहे थे, उससे करीब एक घंटा पहले ही आराम करने लिए पलंग बिछवाया है। पानी के कैंपर भी रखवा दिए हैं।- दीपा यादव, पूरा कली
दो रात ठंडी जमीन पर लेटकर गुजारी है। पानी के लिए दो मंजिल उतरकर आना-जाना पड़ रहा था। सुबह अचानक सारी व्यवस्थाएं बदल दी गई है। नीलू, परसा महोबा
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मेडिकल कॉलेज के बाहर जमा भीड़ और पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
टीम को जांच के लिए करना पड़ा इंतजार
लखनऊ से आई टीम सीधे घटना स्थल एसएनसीयू पहुंची, जहां ताला लगा हुआ था। टीम और कॉलेज प्रशासन चाबी आने के इंतजार में खड़ा रहा। इस पर चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक किंजल सिंह ने प्राचार्य से तल्ख तेवर में कहा 'प्लान करके नहीं रखा था। सुबह से फोन पर बात कर रहे थे'। करीब पांच मिनट बाद ताला खुला तब टीम जांच करने अंदर गई।
टीम के निरीक्षण के दौरान चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक से कुछ लोगों ने सीएमएस की मनमानी की शिकायत की। इस पर महानिदेशक ने सीएमएस डॉ. सचिन माहुर को तलब किया और काफी देर तक पूछताछ की।
चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक ने बताया कि शॉर्ट सर्किट की वजह पता करने के लिए बिजली विभाग की टीम भी जांच करेगी। पता किया जाएगा कि कहीं क्षमता से ज्यादा लोड तो नहीं था। जिन बिजली के उपकरणों को लगाया गया, उनकी क्षमता और गुणवत्ता सही थी या नहीं?
लखनऊ से आई टीम सीधे घटना स्थल एसएनसीयू पहुंची, जहां ताला लगा हुआ था। टीम और कॉलेज प्रशासन चाबी आने के इंतजार में खड़ा रहा। इस पर चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक किंजल सिंह ने प्राचार्य से तल्ख तेवर में कहा 'प्लान करके नहीं रखा था। सुबह से फोन पर बात कर रहे थे'। करीब पांच मिनट बाद ताला खुला तब टीम जांच करने अंदर गई।
टीम के निरीक्षण के दौरान चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक से कुछ लोगों ने सीएमएस की मनमानी की शिकायत की। इस पर महानिदेशक ने सीएमएस डॉ. सचिन माहुर को तलब किया और काफी देर तक पूछताछ की।
चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक ने बताया कि शॉर्ट सर्किट की वजह पता करने के लिए बिजली विभाग की टीम भी जांच करेगी। पता किया जाएगा कि कहीं क्षमता से ज्यादा लोड तो नहीं था। जिन बिजली के उपकरणों को लगाया गया, उनकी क्षमता और गुणवत्ता सही थी या नहीं?