{"_id":"6738541811f59c25160c12a6","slug":"jhansi-medical-college-fire-news-smoke-filled-in-ward-along-with-flames-became-fatal-2024-11-16","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"झांसी अग्निकांड: दूध पिला रही महिला ने आग देखी तो चीखती हुई भागी...लपटों के साथ वार्ड में भरा धुआं बना जानलेवा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झांसी अग्निकांड: दूध पिला रही महिला ने आग देखी तो चीखती हुई भागी...लपटों के साथ वार्ड में भरा धुआं बना जानलेवा
Sat, 16 Nov 2024 02:30 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 16 Nov 2024 02:30 PM IST
सार
झांसी मेडिकल कॉलेज की एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबोर्न केयर यूनिट) में भर्ती नवजात को एक महिला दूध पिला रही थी। अचानक उसने देखा कि ऑक्सीजन कंसंट्रेटर में आग लग गई है। जब तक वह चिल्लाई तब तक आग ने नजदीक के इंक्यूवेटर को चपेट में ले लिया।
विज्ञापन
Jhansi Medical College Fire
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी में एसएनसीयू में लगी आग बुझाकर काफी बच्चों को बचाने का फिलहाल दावा किया जा रहा है मगर हकीकत में कई नवजात की जान खतरे में नजर आ रही है। बताते हैं कि एसएनसीयू से बचाए नवजात बच्चों को नजदीक के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत काफी नाजुक है। कई नवजात बच्चों की सांस की दिक्कत काफी बढ़ गई है जिनको बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
Jhansi Medical College Fire
- फोटो : अमर उजाला
सूत्रों के अनुसार, महिला जिला अस्पताल में पांच दिन के एक बच्चे समेत दो प्रसूताओं को भेजा गया है। बच्चे को चिंताजनक हालत में एनआईसीयू में भर्ती किया गया है। मेडिकल कॉलेज के नजदीक स्थित एक निजी अस्पताल में चार बच्चों को चिंताजनक हालत में भर्ती कराया गया है। बताते हैं कि निजी अस्पताल में भर्ती तीन बच्चों को ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है, जिनको सांस लेने में काफी दिक्कत हो रही है। ये बच्चे निमोनिया से पीड़ित बताए जा रहे हैं। इन बच्चों को धुएं की वजह से दिक्कत काफी बढ़ गई है।
Jhansi Medical College Fire
- फोटो : अमर उजाला
दूध पिला रही महिला ने आग देखी तो चीखती भागी
मेडिकल कॉलेज की एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबोर्न केयर यूनिट) में भर्ती नवजात को एक महिला दूध पिला रही थी। अचानक उसने देखा कि ऑक्सीजन कंसंट्रेटर में आग लग गई है। जब तक वह चिल्लाई तब तक आग ने नजदीक के इंक्यूवेटर को चपेट में ले लिया। महिला अपने नवजात को लेकर चीखते हुए बाहर निकली। महिला की चीख सुनकर जब तक ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर, नर्सिंग स्टॉफ अंदर गए तब तक पूरा कमरा धुआं से भर गया।
बमुश्किल पांच मिनट के अंदर न सिर्फ बिजली गुल हो गई बल्कि आसपास चीखपुकार और भगदड़ मच गई। लोग एसएनसीयू में अंदर घुसे और अंदाजा से अपने-अपने नवजात को लेकर भागे। जानकारों का कहना है कि यदि महिला चीख-पुकार करते हुए बाहर नहीं भागत तो गंभीर हादसा हो जाता।
मेडिकल कॉलेज की एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबोर्न केयर यूनिट) में भर्ती नवजात को एक महिला दूध पिला रही थी। अचानक उसने देखा कि ऑक्सीजन कंसंट्रेटर में आग लग गई है। जब तक वह चिल्लाई तब तक आग ने नजदीक के इंक्यूवेटर को चपेट में ले लिया। महिला अपने नवजात को लेकर चीखते हुए बाहर निकली। महिला की चीख सुनकर जब तक ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर, नर्सिंग स्टॉफ अंदर गए तब तक पूरा कमरा धुआं से भर गया।
बमुश्किल पांच मिनट के अंदर न सिर्फ बिजली गुल हो गई बल्कि आसपास चीखपुकार और भगदड़ मच गई। लोग एसएनसीयू में अंदर घुसे और अंदाजा से अपने-अपने नवजात को लेकर भागे। जानकारों का कहना है कि यदि महिला चीख-पुकार करते हुए बाहर नहीं भागत तो गंभीर हादसा हो जाता।
विज्ञापन
विज्ञापन
Jhansi Medical College Fire
- फोटो : अमर उजाला
आग के साथ वार्ड में भरा धुआं बना जानलेवा
करीब आठ गुणे दस वर्गफीट के दो कमरों में आग लगने की सूचना पर थोड़ी ही देर में फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंच गई। करीब पंद्रह मिनट में आग पर काबू पा लिया गया लेकिन, इतनी देर में ही पूरे वार्ड में धुआं भर गया। धुआं भरने से अधिकांश नवजात का दम घुट गया। इस वजह से उनकी मौत हो गई हालांकि मौत की वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही मालूम चल सकेगी। आग के फैलने की आशंका को देखते हुए दमकल की गाड़ियों के साथ ही सेना की गाड़ियों को भी मौके पर बुला लिया गया था। रात करीब 11.20 बजे तक आग बुझाने में कामयाबी मिल सकी।
करीब आठ गुणे दस वर्गफीट के दो कमरों में आग लगने की सूचना पर थोड़ी ही देर में फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंच गई। करीब पंद्रह मिनट में आग पर काबू पा लिया गया लेकिन, इतनी देर में ही पूरे वार्ड में धुआं भर गया। धुआं भरने से अधिकांश नवजात का दम घुट गया। इस वजह से उनकी मौत हो गई हालांकि मौत की वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही मालूम चल सकेगी। आग के फैलने की आशंका को देखते हुए दमकल की गाड़ियों के साथ ही सेना की गाड़ियों को भी मौके पर बुला लिया गया था। रात करीब 11.20 बजे तक आग बुझाने में कामयाबी मिल सकी।
विज्ञापन
Jhansi Medical College Fire
- फोटो : अमर उजाला
पीड़ित बच्चों को बचाना बड़ी चुनौती
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के नवजात शिशु गहन चिकित्सा केंद्र में जन्म से ही गंभीर बीमारी से ग्रस्त बच्चों को भर्ती किया जाता है। यहां भर्ती कई बच्चे वेंटिलेटर पर थे, जबकि ज्यादातर को ग्लूकोस की बोतल लगी हुई थीं। आग लगने के बाद मची अफरा-तफरी में बच्चों को बचाने के लिए उनकी ऑक्सीजन व ग्लूकोस की बोतलें हटा दी गई और उन्हें इमरजेंसी लाया गया। ऐसे में तमाम बच्चों की हालत बिगड़ गई। ऐसे बच्चों को बचाना अब स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के नवजात शिशु गहन चिकित्सा केंद्र में जन्म से ही गंभीर बीमारी से ग्रस्त बच्चों को भर्ती किया जाता है। यहां भर्ती कई बच्चे वेंटिलेटर पर थे, जबकि ज्यादातर को ग्लूकोस की बोतल लगी हुई थीं। आग लगने के बाद मची अफरा-तफरी में बच्चों को बचाने के लिए उनकी ऑक्सीजन व ग्लूकोस की बोतलें हटा दी गई और उन्हें इमरजेंसी लाया गया। ऐसे में तमाम बच्चों की हालत बिगड़ गई। ऐसे बच्चों को बचाना अब स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।