हवा में उड़ रही ‘मौत’, 25 लोगों को बुरी तरह से घायल कर पहुंचाया अस्पताल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर के सरसौल के पास नर्वल तहसील में सोमवार दोपहर तीन बजे मधुमक्खियों ने हमला बोल दिया। जिससे तहसील में हड़कंप मच गया। सोमवार शाम तीन बजे बंदरों ने छत्ते को छेड़ दिया, जिससे मधुमक्खियों ने तहसील परिसर पर हमला बोल दिया। तहसीलदार विनीत मिश्रा समेत तमाम कर्मचारियों ने खुद को आफिस में बंद करके जान बचाई। आसपास के गांवों से आए वादकारियों में भगदड़ मच गई। तहसीलदार के अर्दली अश्वनी, गुड्डू सोनकर समेत करीब डेढ़ दर्जन लोगों को मधुमक्खियों ने अपना शिकार बनाया। सभी को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया।
बांदा के कस्बा कुलपहाड़ के मोहल्ला घुसियाना में बीमारी के कारण वृद्ध की मौत हो गई थी। इस पर सोमवार को मोक्षधाम में अंतिम संस्कार के लिए लोग पहुंचे। इस दौरान मधुमक्खियों ने हमला बोल दिया। अंतिम संस्कार में शामिल होने गए 10 लोग घायल हो गए। घुसियाना निवासी रामा घोषी (65) की लंबी बीमारी के चलते मौत हो गई। अंतिम संस्कार के दौरान धुआं उठने से समीप के पेड़ में लगे मधुमक्खियों के झुंड ने लोगों पर हमला बोल दिया। हमले में पप्पू, पवन, जसवंत, सुखसिंह, राकेश, सुंदर, देवीदीन, महेंद्र समेत 10 लोग घायल हो गए। पप्पू की हालत गंभीर बताई जा रही है।
इस वजह से हमला करती हैं मधुमक्खियां
जानकारों के अनुसार गर्मियों में मधुमक्खियां नई जगह की तलाश में होती है। इस दौरान खतरा महसूस होने पर मिलकर हमला कर देती हैं। प्रत्येक डंक के साथ जहर की थैली भी काटने वाले के शरीर में छोड देती हैं। दो सौ अधिक मधुमक्खियों के डंक जान ले सकते हैं। अधिकांश हमले पूजन और श्मशान घाट में उठे धुएं के कारण हेाते हैं।
शहद से मधु बनने की शुरुआती प्रक्रिया के दौरान मधुमक्खी अधिक आक्रामक हो जाती है। हवा में घुले गर्म कणों व धुएं के कारण मधुमक्खी हमला कर देती हैं। मधुमक्खी के छत्ते के आस-पास किसी प्रकार का धूम्रपान या एसी की हवा सीधी नहीं जानी चाहिए। सीकर जिले में पिछले एक पखवाडे के दौरान आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर मधु मक्खियों ने हमला कर दिया।