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हवा में उड़ रही ‘मौत’, 25 लोगों को बुरी तरह से घायल कर पहुंचाया अस्पताल

Tue, 21 Mar 2017 07:07 AM IST
उदयन शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
उदयन शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर Updated Tue, 21 Mar 2017 07:07 AM IST
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25 injured by bees attack
डेमो पिक
बचकर रहिये कहीं हवा में उड़ रहीं छोटी-छोटी मधुमक्खियां आपकी जान न ले लें। जी हां, इस मौसम में मधुमक्खियां सिरदर्द बनी हुई हैं। सोमवार को 25 से ज्यादा लोगों को बुरी तरह से जख्मी कर चुकी मधुमक्खियों के कारण कब किसकी जान के लाले पड़ जाएं, कहा नहीं जा सकता है। कानपुर, बांदा, चित्रकूट, कन्नौज में मधुमक्खियों के हमलों ने लोगों को परेशान कर के रखा है। ऐसे में जरा सी लापरवाही मौत का कारण बन सकती है। 
25 injured by bees attack
डेमो पिक
जान बचाने को भागे वकील
कानपुर के सरसौल के पास नर्वल तहसील में सोमवार दोपहर तीन बजे मधुमक्खियों ने हमला बोल दिया। जिससे तहसील में हड़कंप मच गया। सोमवार शाम तीन बजे बंदरों ने छत्ते को छेड़ दिया, जिससे मधुमक्खियों ने तहसील परिसर पर हमला बोल दिया। तहसीलदार विनीत मिश्रा समेत तमाम कर्मचारियों ने खुद को आफिस में बंद करके जान बचाई। आसपास के गांवों से आए वादकारियों  में भगदड़ मच गई। तहसीलदार के अर्दली अश्वनी, गुड्डू सोनकर समेत करीब डेढ़ दर्जन लोगों को मधुमक्खियों ने अपना शिकार बनाया। सभी को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया।

 

25 injured by bees attack
डेमो पिक
अंतिम संस्कार के दौरान मधुमक्खियों का हमला
बांदा के कस्बा कुलपहाड़ के मोहल्ला घुसियाना में बीमारी के कारण वृद्ध की मौत हो गई थी। इस पर सोमवार को मोक्षधाम में अंतिम संस्कार के लिए लोग पहुंचे। इस दौरान मधुमक्खियों ने हमला बोल दिया। अंतिम संस्कार में शामिल होने गए 10 लोग घायल हो गए। घुसियाना निवासी रामा घोषी (65) की लंबी बीमारी के चलते मौत हो गई। अंतिम संस्कार के दौरान धुआं उठने से समीप के पेड़ में लगे मधुमक्खियों के झुंड ने लोगों पर हमला बोल दिया। हमले में पप्पू, पवन, जसवंत, सुखसिंह, राकेश, सुंदर, देवीदीन, महेंद्र समेत 10 लोग घायल हो गए। पप्पू की हालत गंभीर बताई जा रही है।

 

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25 injured by bees attack
डेमो पिक

इस वजह से हमला करती हैं मधुमक्खियां
जानकारों के अनुसार  गर्मियों में मधुमक्खियां नई जगह की तलाश में होती है। इस दौरान खतरा महसूस होने पर मिलकर हमला कर देती हैं। प्रत्येक डंक के साथ जहर की थैली भी काटने वाले के शरीर में छोड देती हैं। दो सौ अधिक  मधुमक्खियों  के  डंक जान ले  सकते हैं। अधिकांश हमले पूजन और श्मशान घाट में उठे धुएं के कारण हेाते हैं। 

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25 injured by bees attack
डेमो पिक

शहद से मधु बनने की शुरुआती प्रक्रिया के दौरान मधुमक्खी अधिक आक्रामक हो जाती है। हवा में घुले गर्म कणों व धुएं के कारण मधुमक्खी हमला कर देती हैं। मधुमक्खी के छत्ते के आस-पास किसी प्रकार का धूम्रपान या एसी की हवा सीधी नहीं जानी चाहिए। सीकर जिले में पिछले एक पखवाडे के दौरान आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर मधु मक्खियों ने हमला कर दिया।

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