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'सुसाइड नोट से लेकर ससुराल में रवीना का 1 घंटा' एसपी सुरेंद्र की मौत के बाद भाई के कई आरोप

Mon, 10 Sep 2018 08:06 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Updated Mon, 10 Sep 2018 08:06 AM IST
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After the death of SP Surendra Brother Narendra raised question over doctor ravina
सुरेंद्र कुमार दास ने 12 बजकर 19 मिनट पर अंतिम सांस ली - फोटो : अमर उजाला
आईपीएस सुरेंद्र कुमार की मौत के बाद रविवार को उनके बड़े भाई नरेंद्र कुमार दास ने चुप्पी तोड़ी। नरेंद्र कुमार ने बहू डॉ. रवीना सिंह पर गुस्सा निकाला। उन्होंने कहा कि मेरे भाई की मौत के लिए उसकी पत्नी डॉ. रवीना जिम्मेदार है। रवीना आईपीएस सुरेंद्र कुमार को परिवार से अलग करना चाहती थी। सुरेंद्र बहुत भावुक, संवेदनशील और परिवार को साथ लेकर चलने वाला था। बहू ने सुरेंद्र को इतना प्रताड़ित किया कि उसे जान देने के अलावा कोई और रास्ता नहीं सूझा। वह पत्नी के व्यवहार से पूरी तरह टूट गया था। तभी सुरेंद्र ने बिना कुछ सोंचे और समझे अपनी जान दे दी।



 
After the death of SP Surendra Brother Narendra raised question over doctor ravina
सुरेंद्र कुमार दास ने 12 बजकर 19 मिनट पर अंतिम सांस ली - फोटो : अमर उजाला
नरेंद्र ने बताया कि शादी के बाद से ही डॉ. रवीना ने सुरेंद्र को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था। उन्होंने बताया कि डॉ. रवीना बिदाई के बाद लखनऊ स्थित ससुराल में एक घंटे ही रही थीं। इसके बाद कार मंगा कर गोमती नगर, लखनऊ स्थित अपने पिता डॉ. रावेंद्र सिंह के घर चलीं गईं थी। मां इंदू और परिवार के अन्य लोगों यहां तक की सुरेंद्र ने डॉ.रवीना को रुकने के लिए कहा था, लेकिन बहू ने सभी की बातों को अनसुना कर दिया था।
After the death of SP Surendra Brother Narendra raised question over doctor ravina
सुरेंद्र कुमार दास ने 12 बजकर 19 मिनट पर अंतिम सांस ली - फोटो : अमर उजाला
उस वक्त परिजनों ने समझा कि डॉ.रवीना को शायद अपने घरवालों की याद आ रही है। इसलिए वह मायकेचली गई। इसके बाद से डॉ. रवीना सुरेंद्र को घर में नहीं रुकने देती थी। सुरेंद्र छुट्टी में घर आने की बात कहते थे रवीना उससे झगड़ा करने लगती डॉ. रवीना चाहती थी कि आईपीएस सुरेंद्र कुमार अपनी मां, भाई और परिजन से अलग हो जाएं।


 
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After the death of SP Surendra Brother Narendra raised question over doctor ravina
सुरेंद्र कुमार दास ने 12 बजकर 19 मिनट पर अंतिम सांस ली - फोटो : अमर उजाला
नरेंद्र ने बताया कि डॉ. रवीना ने कभी ससुराल वालों से बातचीत नहीं की। न ही हालचाल लिया। सुरेंद्र भाई-बहन या मां से फोन पर बात करते थे, तो रवीना उन्हें रोकती थी। झगड़ा करती थी। डॉ. रवीना के दबाव में ही तीन महीने से सुरेंद्र ने अपनी मां से बात नहीं की थी। पहले वह हर 10-15 दिन में मां और परिवार के अन्य लोगों फोन पर बातचीत करते थे। मां के हालचाल लेने के लिए उन्हें भी फोन करते थे।
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सुरेंद्र कुमार दास ने 12 बजकर 19 मिनट पर अंतिम सांस ली - फोटो : अमर उजाला
डॉ.रवीना के माता-पिता ने भी कभी सुरेंद्र के घरवालों से बातचीत नहीं की। बकौल नरेंद्र भाई की शादी को डेढ़ वर्ष हो गए, लेकिन कभी डॉ.रवीना से उनकी बात नहीं हुई और न ही उनके घरवालों से।
नरेंद्र कुमार के मुताबिक आईपीएस सुरेंद्र कुमार सीधे और सरल स्वभाव के थे। वह शाकाहारी थे और डॉ. रवीना मांसाहारी। डॉ. रवीना सुरेंद्र को अपनी तरह ढालना चाहती थीं।
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