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यहां राेज शिवलिंग पर सबसे पहले जल चढ़ाते हैं अश्वत्थामा

Sun, 26 Feb 2017 10:10 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Sun, 26 Feb 2017 10:10 AM IST
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ashwatthama alive in kanpur
खेरेश्वर धाम मंदिर कानपुर, अश्वत्थामा का डेमो पिक
सबकी आंखों से बचकर हजारों सालों से जिंदा वो ‘अमर महामानव’ शिवरात्रि पर सबसे पहले महादेव को जल चढ़ाकर गायब हो गया। गांववालों का दावा है कि वो अमर महामानव अश्वत्थामा है। जो अचानक तेज रौशनी के साथ प्रकट होता है, खड़ाऊं की आवाजें आने लगती हैं और फिर अचानक सन्नाटा छा जाता है।

आज फिर सबसे पहले इस शिवलिंग पर जल चढ़ा गया अश्वत्थामा

ashwatthama alive in kanpur
डेमो पिक
कानपुर से 40 किलोमीटर दूर शिवराजपुर गांव के लोगों का दावा है कि वे 36 पीढ़ियों से एक ऐसे इंसान को देख रहे हैं जो आठ फुट लंबा है। नजदीक जाने पर ये इंसान तेज रौशनी के साथ कहीं ओझल हो जाता है।  मंदिर के महंत, पुजारी और गांव वालों का ऐसा दावा है कि शिवरात्रि के दिन खेरेश्वर मंदिर में सबसे पहले खुद अश्वत्थामा महादेव को जल चढ़ा गए हैं। शिवलिंग के आसपास पानी की छीटें भी पड़ी हैं।

आज फिर सबसे पहले इस शिवलिंग पर जल चढ़ा गया अश्वत्थामा

ashwatthama alive in kanpur
डेमो पिक
हालांकि इसे कुछ लोग केवल आस्था से जुड़ा एक विषय ही मानते हैं। खेरेश्वर मंदिर में भोलेनाथ के दर्शन करने पहुंचे अधिकतर भक्तों ने इस घटना को सही बताया है। इसकी प्रमाणिकता अभी तक नहीं हो पाई है कि अश्वत्थामा क्या वाकई में जिंदा है।
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आज फिर सबसे पहले इस शिवलिंग पर जल चढ़ा गया अश्वत्थामा

ashwatthama alive in kanpur
डेमो पिक
भारतीय पौराणिक मान्यता अनुसार आठ चिरंजीवी- बलि, वेदव्यास, हनुमान, विभीषण, कृपाचार्य, मारकण्ये ऋषि, परषुराम, अश्वस्थामा हैं। इन सभी का सुबह-सुबह स्मरण करने से बीमारियां दूर होती हैं और मनुष्य सौ वर्षों तक जीता है। द्रोणाचार्य अपने पुत्र अश्वत्थामा से बहुत प्रेम करते थे। शस्त्रों से संबंधित गुप्त रहस्य अश्वत्थामा ने अपने पिता से ही सीखे थे। 
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आज फिर सबसे पहले इस शिवलिंग पर जल चढ़ा गया अश्वत्थामा

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खेरेश्वर धाम मंदिर में आए गांववाले
खेरेश्वर धाम से करीब 100 मीटर की दूरी पर अश्वत्थामा का मंदिर भी बना है। गांव के लोग अश्वत्थामा को देव के रूप में पूजते हैं। मंदिर के आसपास रहने वाले पुजारी केशव प्रसाद शुक्ल, सरस्वती देवी और मधुबाला ने बताया कि उन्होंने कई बार सफेद लिबास में लंबे चौड़े इंसान को मंदिर आते-जाते देखा है। कुछ पूछने पर वह नहीं बोलता और तेज रोशनी के साथ गायब हो जाता है।  
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