{"_id":"5a8144e44f1c1b462c8b7684","slug":"golden-jubilee-alumni-meet-1968-batch-in-kanpur-iit","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"यादेंः आईआईटी की फीस 38 रुपये 50 पैसे, यकीन नहीं होता न! तो पढ़ें इनकी जुबानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यादेंः आईआईटी की फीस 38 रुपये 50 पैसे, यकीन नहीं होता न! तो पढ़ें इनकी जुबानी
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Mon, 12 Feb 2018 01:10 PM IST
विज्ञापन
आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आईआईटी कानपुर को कभी 38 रुपये 50 पैसे फीस देने वाले यहां के पूर्व छात्रों ने आईआईटी में दाखिला लेने वाले गरीब छात्रों के लिए रविवार को 60 लाख की मदद की। मौका था 1968 बैच की गोल्डन जुबली एल्युमनाई मीट का। इसमें कुल 64 पूर्व छात्र-छात्राओं ने शिरकत की जिसमें से 12 पूर्व छात्र अमेरिका से आए थे। अपनी प्रोफेशनल सेवाओं से सेवानिवृत्त हो चुके पूर्व छात्र 50 साल बाद कैंपस लौटे तो याद ताजा करने को क्लास रूम, हॉस्टल भी गए।
अशोक सिन्हा
- फोटो : अमर उजाला
सात साथियों ने क्रैक किया था आईआईटी एग्जाम
1968 बैच के छात्र रहे नेट प्लास्ट प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर आरके अग्रवाल ने अपने पुराने दिनों को याद किया। बताया कि वह बीएनएसडी इंटर कालेज के पूर्व छात्र रहे हैं। उनके समय आईआईटी में केवल 1300 सीटें थी और छात्रों की संख्या 60 हजार। उस समय अकेले बीएनएसडी से मेरे साथ सात दोस्तों ने यह परीक्षा पास की और हम सभी आईआईटी कानपुर आ गए। उस दौरान महज 38.50 रुपये फीस हुआ करती थी। आज काफी है। ऐसे में हमलोग की ओर से दी गई राशि से छात्रों को मदद मिलेगी।
1968 बैच के छात्र रहे नेट प्लास्ट प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर आरके अग्रवाल ने अपने पुराने दिनों को याद किया। बताया कि वह बीएनएसडी इंटर कालेज के पूर्व छात्र रहे हैं। उनके समय आईआईटी में केवल 1300 सीटें थी और छात्रों की संख्या 60 हजार। उस समय अकेले बीएनएसडी से मेरे साथ सात दोस्तों ने यह परीक्षा पास की और हम सभी आईआईटी कानपुर आ गए। उस दौरान महज 38.50 रुपये फीस हुआ करती थी। आज काफी है। ऐसे में हमलोग की ओर से दी गई राशि से छात्रों को मदद मिलेगी।
आर के अग्रवाल
- फोटो : अमर उजाला
परिवार संग घूम कैंपस
ज्यादातर पूर्व छात्र अपने परिवार संग कैंपस पहुंचे थे। तीन दिनों से चल रहे इस एल्युमनाई मीट में सभी ने पूरा कैंपस घूमा। अपने हॉस्टल गए। पूर्व छात्र अशोक बताते हैं कि उस दौरान केवल पांच हॉस्टल हुआ करते थे। कैंपस भी काफी छोटा था।
ज्यादातर पूर्व छात्र अपने परिवार संग कैंपस पहुंचे थे। तीन दिनों से चल रहे इस एल्युमनाई मीट में सभी ने पूरा कैंपस घूमा। अपने हॉस्टल गए। पूर्व छात्र अशोक बताते हैं कि उस दौरान केवल पांच हॉस्टल हुआ करते थे। कैंपस भी काफी छोटा था।
विज्ञापन
विज्ञापन
गोपाल सुतवाला
- फोटो : अमर उजाला
2050 तक हाईड्रोजन से चलेंगी गाड़ियां
बीपीएल के पूर्व चेयरमैन अशोक सिन्हा ने पेट्रोलियम की खपत पर अपनी राय रखी। कहा कि 2050 तक हाईड्रोजन गैस, सौर ऊर्जा की खपत बढ़ जाएगी। सिन्हा 2010 में बीपीएल के चेयरमैन पद से रिटायर हो गए थे। अब देश की आठ बड़ी कंपनियों के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स हैं।
बीपीएल के पूर्व चेयरमैन अशोक सिन्हा ने पेट्रोलियम की खपत पर अपनी राय रखी। कहा कि 2050 तक हाईड्रोजन गैस, सौर ऊर्जा की खपत बढ़ जाएगी। सिन्हा 2010 में बीपीएल के चेयरमैन पद से रिटायर हो गए थे। अब देश की आठ बड़ी कंपनियों के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स हैं।
विज्ञापन
स्टार्टअप में ही युवाओं का भविष्य : अरुण सेठ
अरुण सेठ
- फोटो : अमर उजाला
ब्रिटिश टेलीकॉम काउंसिल और नैसकॉम के पूर्व निदेशक अरुण सेठ ने 1975 में इलेक्ट्रीकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। कहा कि अब नौकरी करना मुश्किल है क्योंकि हर जगह टेक्नोलॉजी की उपयोगिता बढ़ गई है। इसलिए युवाओं को स्टार्टअप पर फोकस करना चाहिए। इसी में भविष्य है। इस दौरान डायरेक्टर प्रो. मणिंद्र अग्रवाल, डीन एल्युमनाई एंड रिसर्च प्रो. बीवी फड़ी मौजूद रहे।