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ढाई लाख से ज्यादा पुराने नाेट जमा कराने वाले जरूर पढ़ें अायकर विभाग का नया फरमान

Sat, 25 Feb 2017 09:31 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Sat, 25 Feb 2017 09:31 PM IST
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income tax message on demonetisation
अायकर विभाग
अगर अापने भी नोटबंदी के दौरान यानी 10 नवंबर से 30 दिसंबर तक बैंक खाते में पुराने नाेट जमा कराएं हैं ताे यह खबर अापके लिए ही है। अायकर ने एक नया फरमान जारी कर दिया है, जाे कुछ लाेगाें काे मुसीबत में डाल सकती है।


 

income tax message on demonetisation
भारतीय मुद्राएं

अायकर विभाग ने ढाई लाख रुपये से अधिक जमा कराने वाले एेसे लाेगाें की सूची तैयार की है जिन्हाेंने आयकर विभाग के नोटिस का अभी तक जवाब नहीं दिया है। एेसे लाेगाें काे ईमेल या मोबाइल पर मैसेज के जरिये भेजे गए नोटिस का जवाब सात दिन के भीतर देना था। अब अायकर ने एेसे लाेगाें काे मुसीबत में डाल दिया है। 
 

income tax message on demonetisation
अायकर विभाग

सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स डिपार्टमेंट (सीबीडीटी) ने आयकर अधिकारियों को निर्देशित किया है कि नोटिस का जवाब न देने वाले लोगों के जमा धन को कालाधन मानते हुए आगे की जांच शुरू करें। 

आयकर विभाग ऐसे सभी लोगों को ऑनलाइन नोटिस भेज रहा है जिन्होंने नोटबंदी के दौरान ढाई लाख रुपये से अधिक जमा किया है।
 

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income tax message on demonetisation
अायकर विभाग
नोटिस जारी होने की तारीख से सात दिन तक इसका जवाब विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन फारमेट में देना है। सीबीडीटी ने स्पष्ट किया है कि यह पूछताछ किसी जांच का हिस्सा नहीं है। विभाग सिर्फ जमा हुई रकम का वेरीफिकेशन कर रहा है। इसमें सामान्य सूचनाएं ही मांगी गई हैं। ऐसी स्थिति में भी यह जमाकर्ता नोटिस का जवाब नहीं देता तो उसके खाते में जमाधन को कालाधन माना जाएगा। आयकर अधिकारियों ने बताया कि 70 वर्ष की उम्र पार कर चुके बुजुर्गों को वेरीफिकेशन से छूट दी गई है। 

 
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अायकर विभाग
उधार लेकर चुकाया लोन ताे भी फंसेंगे
आयकर की जांच में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें पता चला है कि व्यक्ति ने किसी से उधार लेकर अपने लोन खाते में कैश जमा कर दिया। ऐसी स्थिति में जिससे उधार लिया गया वह पांच लाख रुपये दिखाने की स्थिति से बच गया। इस वजह से आयकर विभाग लोन खाते में जमा करने वालों से भी जमा की गई रकम का स्रोत पूछ रहा है। यदि उधार ली गई रकम का स्रोत छिपाकर देने वाले को फायदा पहुंचाने की बात सामने आई तो सौ फीसदी तक पेनाल्टी लगाई जा सकती है। 

 
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