कानपुर के गर्ल्स हॉस्टल में हुए एमएमएस कांड ने सबको चौंका कर रख दिया है। काकादेव स्थित साईं निवास हॉस्टल में सफाई कर्मचारी द्वारा छात्रा का नहाते हुए वीडियो बनाते समय पकड़े जाने पर खूब बवाल हुआ। मामला पुलिस के संज्ञान में आने के बाद कर्मचारी को गिरफ्तार कर मोबाइल को कब्जे में ले लिया गया है। वहीं, आज हॉस्टल के केयर टेकर और वार्डन को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
Kanpur Hostel Girls MMS: गर्ल्स हॉस्टल में “चंडीगढ़ केस”, लड़कियों ने ऐसे सुनाई आपबीती, जानिए किस बात का है डर
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छात्राओं को है खुद के वीडियो के वायरल होने का डर
घटना के बाद से डरी-सहमीं छात्राओं ने हॉस्टल छोड़ दिया है। सभी को डर है कि आरोपी ने कहीं उनका वीडियो, तो नहीं बनाया है। उन्हें उसके वायरल होने का डर है। हालांकि पुलिस अफसरों ने छात्राओं को आश्वासन दिया कि आरोपी का मोबाइल कब्जे में है। उसका डाटा गोपनीय रखा जाएगा।
छात्राओं का आरोप- वार्डन ने मामले को दबाया
वहीं, छात्राओं ने ये भी आरोप लगाया है कि हॉस्टल की वार्डन ने मामले की गंभीरता को समझने की बजाय उल्टे छात्रा पर ही आरोप लगा दिया और आरोपी को बचाती हुई दिखीं। इस प्रकार वार्डन ने मामले को दबाने का प्रयास किया था। छात्राओं को धमकाया भी, जिससे मामला बाहर न जाए। यह भी कहा कि जो हुआ उसे भूल जाओ। हालांकि छात्राएं नहीं मानीं।
वार्डन की सह पर हो रहा था पूरा खेल
गर्ल्स हॉस्टल मामले में वार्डन ने छात्राओं का सहयोग करने की बजाय मामले को दबाने की कोशिश की। छात्राओं का आरोप है कि सब वार्डन की सह पर हो रहा था। गौरतलब है कि तुलसीनगर में स्थित इस छात्रावास में करीब 60 लड़कियां रहती हैं और पढ़ाई के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही हैं।
हॉस्टल खाली कर जा रहीं छात्राएं
घटना के बाद से छात्राएं डरी सहमी हैं। हर कोई किसी दहशत में हैं। सभी को अपने-अपने बारे में आशंका हो रही है कि कहीं उनका वीडियेा या फोटो आरोपी ने नहीं बना लिया। हालांकि पुलिस अफसरों ने उन सभी को समझाया कि वह डरें नहीं। आरोपी का मोबाइल कब्जे में है। उसका डाटा गोपनीय ही रखा जाएगा। वारदात से खौफ में आईं छात्राओं में से अधिकतर देर रात तक हॉस्टल छोड़कर चली गई हैं। कुछ अभी भी रह रही हैं।