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UP: और घातक और आधुनिक हुई मैगगन, कानपुर एसएएफ ने घटाया पांच किलो वजन, एक जवान भी उठा सकेगा, ये है खासियत

Thu, 13 Aug 2026 09:26 AM IST
Himanshu Awasthi अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर
अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Thu, 13 Aug 2026 09:26 AM IST
सार

Kanpur SAF Machine Gun Weight Reduction: लघु शस्त्र निर्माणी ने सेना की पसंदीदा 7.62×51 एमएम मैगगन (मशीन गन) का वजन करीब पांच किलो कम कर दिया है। ट्रायपॉड और गन का कुल वजन अब 25 किलो से घटकर 20 किलो से भी कम रह गया है, जिसे अब एक जवान आसानी से संभाल सकेगा।

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Maggun becomes deadlier and more modern Kanpur SAF reduce  weight by 5 kg making it portable by single soldier
मैगगन - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर में एडवांस वेपंस एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड की इकाई लघु शस्त्र निर्माणी (एसएएफ) ने कम वजन वाली मैगगन तैयार कर ली है। पहले इसका वजन गन और ट्रायपॉड को मिलाकर 25 किलो था। यह अब घटकर 20 किलो से कम हो गया है। इस तरह तकरीबन पांच किलो भार कम हो गया है। पहले इसको उठाने के लिए दो जवानों की जरूरत होती थी।

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अब केवल एक जवान ही इसे उठा लेगा। इसके अलावा निर्माणी में भी जल्द ड्रोन बनने लगेगा। ड्रोन माउंट गन का जल्द निर्माण शुरू होगा। खास बात यह है कि ड्रोनमाउंट गन में निर्माणी की कारबाइन और निर्माणी में ही बना ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा। मैगगन मौजूदा समय में तीनों सेनाओं की सबसे ज्यादा पसंदीदा हथियार है।

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विशेष प्रकार के रसायन और मेटल का इस्तेमाल
टैंकों, हेलीकाॅप्टरों, नौ सेना के युद्धक जहाजों में इसका इस्तेमाल पहले से ही हो रहा है। इसकी मारक क्षमता 1800 मीटर है। पहले ट्रायपॉड यानी कि जिस पर गन रखी जाती थी। इसका वजन 11 किलो था। जिसे अब घटाकर 9 किलो कर दिया गया है। इसके लिए कुछ विशेष प्रकार के रसायन और मेटल का इस्तेमाल किया गया है।

निर्माणी के लिए बड़ी उपलब्धि
इसी तरह इसमें लगने वाली गन का वजन 14 किलो था। इसके भी वजन 3-4 किलो कम किया गया है। एसएएफ के महाप्रबंधक सुरेंद्रपति ने बताया कि 7.62 गुणा 51 एमएम मशीन गन (मैगगन) का कुल वजन घटकर 20 किलो से कम कर दिया गया है। ये निर्माणी के लिए बड़ी उपलब्धि है।

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ड्रोन माउंट गन शहर में जल्द बनना होगी शुरू
निर्माणी में आधुनिक ड्रोन के साथ ही गन लगाई जाएगी। इसके लिए निर्माणी में ड्रोन खुद ही निर्माण किया जाएगा। ड्रोन माउंट गन की मारक क्षमता 300 मीटर होगी। जो ऊंचाई पर जाकर या छिपे दुश्मनों को खत्म कर सकेगी। इसके लिए निर्माणी में काम शुरू कर दिया गया है। ड्रोन निर्माण तकनीक के लिए आईआईटी कानपुर से जल्द हाथ मिलाया जाएगा। इसकी तैयारी की जा रही है।

मशीन गन (मैगगन) की खासियत

  • कैलिबर: 7.62 गुणा 51 एमएम।
  • लेंथ: 1255 एमएम।
  • वजन: 9 किलो बिना मैग्जीन के।
  • रेंज: 1800 मीटर।
  • फायर: 650-1000 राउंड/मिनट।
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