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मैट्रिमोनियल पोर्टल पर बिछाया जाल: खुद को RAF में तैनात बता रखा ये प्रस्ताव, फिर खेला साइबर ठगी का गंदा खेल
Wed, 12 Aug 2026 10:58 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Wed, 12 Aug 2026 10:58 PM IST
सार
Kanpur News: खुद को दिल्ली आरएएफ में तैनात बता सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रही युवती को फंसाया। युवती के तीन बैंकों में खाते खुलवाकर डेबिट कार्ड ले लिए।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
साइबर ठग ने मैट्रिमोनियल पोर्टल पर शिकार फंसाने के लिए दाना डालना शुरू कर दिया है। सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रही कल्याणपुर निवासी युवती एक ऐसे ही जाल में फंस गई। ठग ने खुद को दिल्ली आरएएफ में तैनात बताकर पहले शादी का प्रस्ताव रखा। इसके बाद अपने निजी कार्य के लिए युवती के तीन अलग-अलग बैंकों में तीन खाते खुलवाकर उनका डेबिट कार्ड और पासवर्ड ले लिया। खातों में साइबर ठगी की रकम मंगाई गई। युवती को बैंकों से नोटिस मिला तब शक होने पर पीड़िता ने पुलिस से शिकायत की। हालांकि, ठग ने पकड़े जाने से पहले ही अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया। पुलिस रिपोर्ट दर्जकर शातिर की तलाश में जुटी है।
युवती ने पुलिस को बताया कि उसके पिता किसान हैं। उसने अपने रिश्ते के लिए एक मैट्रिमोनियल पोर्टल पर अपनी प्रोफाइल बनाई। फरवरी में दिल्ली के सूरज उर्फ रणवीर सिंह ने खुद को आरएएफ कर्मी बताकर दोस्ती की। रक्षा बंधन के बाद वरीक्षा फिर गोदभराई की बात तय हो गई थी। अप्रैल में सूरज उससे मिलने भी आया। इसके कुछ दिन बाद सूरज ने युवती से अपनी नौकरी में लगाने के लिए युवती का आधार, पैन कार्ड मांगा। युवती ने उसे सारे जरूरी कागजात दे दिए। जून में सूरज ने युवती से कहा कि वह एडवरटाइजिंग एजेंसी भी चलाता है जिसमें आर्थिक मदद के बहाने युवती से 40 हजार रुपये ले लिए।
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युवती ने पुलिस को बताया कि उसके पिता किसान हैं। उसने अपने रिश्ते के लिए एक मैट्रिमोनियल पोर्टल पर अपनी प्रोफाइल बनाई। फरवरी में दिल्ली के सूरज उर्फ रणवीर सिंह ने खुद को आरएएफ कर्मी बताकर दोस्ती की। रक्षा बंधन के बाद वरीक्षा फिर गोदभराई की बात तय हो गई थी। अप्रैल में सूरज उससे मिलने भी आया। इसके कुछ दिन बाद सूरज ने युवती से अपनी नौकरी में लगाने के लिए युवती का आधार, पैन कार्ड मांगा। युवती ने उसे सारे जरूरी कागजात दे दिए। जून में सूरज ने युवती से कहा कि वह एडवरटाइजिंग एजेंसी भी चलाता है जिसमें आर्थिक मदद के बहाने युवती से 40 हजार रुपये ले लिए।
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इसके बाद सूरज ने युवती से कल्याणपुर की कोटक महिंद्रा, पंजाब नेशनल बैंक व बैंक ऑफ महाराष्ट्र में तीन खाते खुलवाए। युवती को झांसा दिया कि वह सरकारी नौकरी कर रहा है। बिजनेस के लिए खाते नहीं खोल सकता। इसके बाद इन खातों में डेढ़ से दो लाख रुपये तक का अवैध लेनदेन किया गया। जुलाई में साइबर पुलिस ने जब युवती को नोटिस दिया तब गड़बड़ी की आशंका होने पर युवती ने पुलिस की मदद ली। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि आरोपी ने लखनऊ स्थित एटीएम बूथ से रुपये निकाले हैं।
रुपये लेने आया मनीष भी लापता
युवती ने पुलिस को बताया कि सूरज का एक दोस्त मनीष रुपये लेने के लिए उसके पास दो बार आया था लेकिन अब उसका भी कुछ अता-पता नहीं है। युवती केे मुताबिक जब कभी सूरज से वीडियो कॉल पर बात होती थी तो वह खुद को कंप्यूटर पर ही व्यस्त दिखाकर ज्यादा बात नहीं करता था। उसने अपने परिजन से भी सिर्फ वीडियो काॅल से बात कराई थी। खुद को मूलरूप से सिकंदरा का बताया था।
युवती ने पुलिस को बताया कि सूरज का एक दोस्त मनीष रुपये लेने के लिए उसके पास दो बार आया था लेकिन अब उसका भी कुछ अता-पता नहीं है। युवती केे मुताबिक जब कभी सूरज से वीडियो कॉल पर बात होती थी तो वह खुद को कंप्यूटर पर ही व्यस्त दिखाकर ज्यादा बात नहीं करता था। उसने अपने परिजन से भी सिर्फ वीडियो काॅल से बात कराई थी। खुद को मूलरूप से सिकंदरा का बताया था।
शिकायत की भनक लगते ही बंद किया फोन
पुलिस की मदद मिलने के बाद युवती के व्यवहार में परिवर्तन आया और सूरज से उसकी बातचीत भी बदल गई। इससे सूरज भांप गया कि अब युवती को किसी का सपोर्ट मिल गया है। ऐसे में उसने एक दिन युवती से मिलकर उसके मोबाइल से खुद से जुड़ी सारी जानकारी और तस्वीरें भी डिलीट कर दीं। तबसे अपना मोबाइल नंबर भी बंद कर गायब हो गया।
पुलिस की मदद मिलने के बाद युवती के व्यवहार में परिवर्तन आया और सूरज से उसकी बातचीत भी बदल गई। इससे सूरज भांप गया कि अब युवती को किसी का सपोर्ट मिल गया है। ऐसे में उसने एक दिन युवती से मिलकर उसके मोबाइल से खुद से जुड़ी सारी जानकारी और तस्वीरें भी डिलीट कर दीं। तबसे अपना मोबाइल नंबर भी बंद कर गायब हो गया।
ये बरतें सावधानी
पैसे न भेजें: यदि कोई व्यक्ति ऑनलाइन मिलने के बाद बीमारी, यात्रा या किसी इमरजेंसी के नाम पर पैसे मांगे तो समझ जाएं कि वह ठग है।
सच्चाई की जांच करें: सामने वाले के दावे (नौकरी, परिवार और पता) की अच्छे से पुष्टि करें। संभव हो तो उनके परिवार के सदस्यों से सीधे बात करें।
वीडियो कॉल पर बात करें: सिर्फ चैट या सामान्य कॉल तक सीमित न रहें। वीडियो कॉल करके पुष्टि करें कि प्रोफाइल वाला व्यक्ति वही है या नहीं।
निजी जानकारी सुरक्षित रखें: अपने बैंक खाते के विवरण, पासवर्ड या अत्यधिक निजी तस्वीरें किसी के साथ भी शेयर न करें।
चैट और सबूत संभाल कर रखें: यदि आपको कोई भी बातचीत संदिग्ध लगे तो चैट के स्क्रीनशॉट, कॉल रिकॉर्डिंग और मैसेज सुरक्षित रख लें।
पैसे न भेजें: यदि कोई व्यक्ति ऑनलाइन मिलने के बाद बीमारी, यात्रा या किसी इमरजेंसी के नाम पर पैसे मांगे तो समझ जाएं कि वह ठग है।
सच्चाई की जांच करें: सामने वाले के दावे (नौकरी, परिवार और पता) की अच्छे से पुष्टि करें। संभव हो तो उनके परिवार के सदस्यों से सीधे बात करें।
वीडियो कॉल पर बात करें: सिर्फ चैट या सामान्य कॉल तक सीमित न रहें। वीडियो कॉल करके पुष्टि करें कि प्रोफाइल वाला व्यक्ति वही है या नहीं।
निजी जानकारी सुरक्षित रखें: अपने बैंक खाते के विवरण, पासवर्ड या अत्यधिक निजी तस्वीरें किसी के साथ भी शेयर न करें।
चैट और सबूत संभाल कर रखें: यदि आपको कोई भी बातचीत संदिग्ध लगे तो चैट के स्क्रीनशॉट, कॉल रिकॉर्डिंग और मैसेज सुरक्षित रख लें।