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संजीत अपहरण व हत्याकांड में सीओ ने बहन का हाथ बताया था, हुआ बड़ा खुलासा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 08 Mar 2021 03:36 PM IST
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kanpur kidnapping case
- फोटो : अमर उजाला
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संजीत अपहरण और हत्याकांड में निलंबित किए गए गोविंदनगर सीओ मनोज गुप्ता ने उसकी बहन रुचि का हाथ होना बताया था। सीओ की इस बात से पूरा परिवार सदमे में आ गया था। इसका खुलासा लखनऊ में ज्वाइंट कमिश्नर अपराध एवं मुख्यालय के समक्ष दर्ज कराए गए संजीत के पिता के बयान से हुआ है।
Kanpur Kidnapping Case
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सीओ की बड़ी लापरवाही रही है। संजीत के अगवा होने के बाद अधिकारियों को जानकारी दिए बिना फिरौती दिलाने का कदम उठाने से लेकर पूरे मामले में बरती गई लापरवाही की जांच ज्वाइंट कमिश्नर अपराध एवं मुख्यालय नीलाब्जा चौधरी कर रहे हैं।
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संजीत के पिता चमन सिंह को छोड़कर बर्रा इंस्पेक्टर हरमीत सिंह, निलंबित सीओ मनोज गुप्ता, नकली नोट बेचने वाले दुकानदार के बयान 25 जनवरी को दर्ज किए गए थे। दोबारा नोटिस भेजे जाने पर चमन व निलंबित सीओ भी लखनऊ पहुंचे।
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बंद कमरे में ज्वाइंट कमिश्नर के सामने पिता ने बताया कि निलंबित सीओ ने उनके बेटे को खोजने में लापरवाही बरती। बेटी पर ही शक करना शुरू कर दिया था। ज्वाइंट कमिश्नर ने मनोज गुप्ता से सच्चाई पूछी तो उन्होंने चमन की बात पर सहमति जताई। साथ ही बताया कि उनकी पीड़ित परिवार से चार से पांच बार मुलाकात हुई थी।
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अपहर्ताओं को फिरौती की रकम देने की घटना से पहले ही उनका ट्रांसफर हो चुका था। ज्वाइंट कमिश्नर ने बयान दर्ज करने के बाद रिपोर्ट शासन को भेजने की बात कही है। वहीं चमन सिंह का दावा है कि निलंबित सीओ ने अपने किए पर पछतावा व्यक्त कर कहा कि वह नुकसान की भरपाई नहीं कर सकते हैं।