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मनीष हत्याकांड: एसआईटी ने होटल कर्मियों से की पूछताछ तो हुआ चौकाने वाला खुलासा, मिले पुख्ता साक्ष्य
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर/गोरखपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 04 Oct 2021 09:11 AM IST
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मनीष गुप्ता हत्याकांड के मामले में जांच करती एसआईटी।
- फोटो : अमर उजाला।
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मनीष गुप्ता हत्याकांड में रविवार को होटल कृष्णा पैलेस के एक कर्मचारी ने बड़ा खुलासा किया। उसने दावा किया कि वारदात के बाद होटल के कमरे की फर्श पर बिखरा खून पुलिस वालों ने कर्मचारियों से साफ कराया था। कर्मचारी ने पुलिस वालों के नाम भी बताए हैं। एसआईटी ने उन नामों को सार्वजनिक नहीं किया है। इससे एक बात स्पष्ट हो गई है कि पुलिस वालों ने साजिश के तहत साक्ष्य मिटाए थे। एसआईटी ने होटल कृष्णा पैलेस के कर्मचारी आदर्श पांडेय से काफी देर तक पूछताछ की। उसने बताया कि पुलिस वालों के कहने पर ही मनीष के कमरे की सफाई की गई थी। टीम ने उससे जहां-जहां पर खून फैला था, उन स्थानों को चिह्नित कराया। एसआईटी ने पूरा नक्शा बनाया। वहीं, गोरखपुर फोरेंसिक टीम को मिले खून से सने तौलिये को भी कानपुर फोरेंसिक को सौंप दिया गया है।
मनीष हत्याकांड।
- फोटो : अमर उजाला।
अस्पताल में बोले थे पुलिसकर्मी, चेकिंग में घायल हो गया युवक
मनीष गुप्ता को पुलिस फलमंडी के पास स्थित मानसी नर्सिंग होम में लेकर गई थी। अस्पताल में जांच के दौरान मनीष का न तो पल्स मिल रहा था और न ब्लड प्रेशर महसूस किया जा रहा था। नर्सिंग होम संचालक डॉ. पंकज दीक्षित ने इसकी पुष्टि की है। एसआईटी ने अस्पताल पहुंचकर डॉक्टर के बयान दर्ज किए। डॉ. पंकज का कहना है कि घटना वाली रात 12:36 से एक बजे के बीच पुलिस एक घायल को लेकर पहुंची थी।
मनीष गुप्ता को पुलिस फलमंडी के पास स्थित मानसी नर्सिंग होम में लेकर गई थी। अस्पताल में जांच के दौरान मनीष का न तो पल्स मिल रहा था और न ब्लड प्रेशर महसूस किया जा रहा था। नर्सिंग होम संचालक डॉ. पंकज दीक्षित ने इसकी पुष्टि की है। एसआईटी ने अस्पताल पहुंचकर डॉक्टर के बयान दर्ज किए। डॉ. पंकज का कहना है कि घटना वाली रात 12:36 से एक बजे के बीच पुलिस एक घायल को लेकर पहुंची थी।
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मनीष हत्याकांड में जांच करने गोरखपुर पहुंची एसआईटी कानपुर।
- फोटो : अमर उजाला।
अस्पताल पहुंचने तक बहुत खून बह चुका था
पुलिस ने कहा था कि चेकिंग के दौरान एक युवक घायल हो गया है। इसकी मरहम-पट्टी कर दीजिए। रात में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने चेकअप किया था। युवक का बीपी और पल्स रेट नहीं मिल रहा था। तब उसको मेडिकल कॉलेज रेफर किया था। डॉक्टर कहना है कि घायल के अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसके शरीर से काफी खून बह चुका था। यहां पर पुलिसकर्मी 10 मिनट तक थे। एसआईटी ने इसकी सीसीटीवी फुटेज भी जुटा ली है।
पुलिस ने कहा था कि चेकिंग के दौरान एक युवक घायल हो गया है। इसकी मरहम-पट्टी कर दीजिए। रात में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने चेकअप किया था। युवक का बीपी और पल्स रेट नहीं मिल रहा था। तब उसको मेडिकल कॉलेज रेफर किया था। डॉक्टर कहना है कि घायल के अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसके शरीर से काफी खून बह चुका था। यहां पर पुलिसकर्मी 10 मिनट तक थे। एसआईटी ने इसकी सीसीटीवी फुटेज भी जुटा ली है।
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मनीष हत्याकांड में जांच करने गोरखपुर पहुंची एसआईटी कानपुर।
- फोटो : अमर उजाला।
इस सवाल का जवाब तलाश रही एसआईटी
उस रात पुलिस मनीष को मेडिकल कॉलेज रात 2:05 बजे लेकर पहुंची थी। जबकि, सवा घंटे से अधिक समय पहले वह मानसी अस्पताल से निकल चुकी थी। इतना समय कहां लग गया? मनीष को लेकर पुलिसकर्मी कहां गए? इन सवालों का जवाब एसआईटी खंगाल रही है। मानसी अस्पताल से मेडिकल कॉलेज की दूरी महज 11 किलोमीटर है। रात में यह दूरी 10 से 15 मिनट में तय की जा सकती है।
उस रात पुलिस मनीष को मेडिकल कॉलेज रात 2:05 बजे लेकर पहुंची थी। जबकि, सवा घंटे से अधिक समय पहले वह मानसी अस्पताल से निकल चुकी थी। इतना समय कहां लग गया? मनीष को लेकर पुलिसकर्मी कहां गए? इन सवालों का जवाब एसआईटी खंगाल रही है। मानसी अस्पताल से मेडिकल कॉलेज की दूरी महज 11 किलोमीटर है। रात में यह दूरी 10 से 15 मिनट में तय की जा सकती है।
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इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह व मनीष की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला।
हरवीर और प्रदीप का बयान दर्ज करेगी एसआईटी
वारदात के वक्त मनीष के साथ उसके दोस्त हरवीर सिंह और प्रदीप कुमार होटल के कमरे में मौजूद थे। दोनों घटना के चश्मदीद हैं। एसआईटी इनके भी बयान दर्ज करेगी। मगर इन दोनों को एसआईटी ने बुधवार को कानपुर बुलाया है। कानपुर पुलिस कमिश्नर के सामने इन दोनों के बयान दर्ज किए जाएंगे। ये केस के मुख्य गवाह हैं।
वारदात के वक्त मनीष के साथ उसके दोस्त हरवीर सिंह और प्रदीप कुमार होटल के कमरे में मौजूद थे। दोनों घटना के चश्मदीद हैं। एसआईटी इनके भी बयान दर्ज करेगी। मगर इन दोनों को एसआईटी ने बुधवार को कानपुर बुलाया है। कानपुर पुलिस कमिश्नर के सामने इन दोनों के बयान दर्ज किए जाएंगे। ये केस के मुख्य गवाह हैं।