अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री पद पर रहते सपा की महत्वाकांक्षी योजनाओं पर योगी सरकार के आते ही संकट खड़ा हो गया। योजनाओं में समाजवादी पेंशन, लोहिया आवास, कामधेनु योजना, कौशल विकास मिशन प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन योजनाओं को लेकर सूबे की नई बीजेपी की सरकार ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। प्रशासनिक अधिकारियों की मानें तो अप्रैल के पहले पखवारे में इन योजनाओं का लक्ष्य, बजट या गाइडलाइन न मिली तो इन्हें बंद करना होगा।
‘योगी राज’ में अखिलेश सरकार की इन महत्वाकांक्षी योजनाओं पर संकट
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रद्द होंगे अखिलेश की फोटो लगे राशनकार्ड
अखिलेश यादव की फोटो वाले राशन कार्ड रद्द होंगे। इन राशनकार्डों को डीएसओ कार्यालय को वापस मंगाने के आदेश दिए गए हैं। अब स्मार्ट कार्ड बनवाए जाएंगे। तत्कालीन प्रदेश सरकार ने एपीएल और बीपीएल राशन कार्डों को खत्म कर अंत्योदय और पात्र गृहस्थी राशन कार्ड बनाने का सिलसिला शुरू किया था। इनमें 51,506 अंत्योदय व 1,77041 पात्र गृहस्थी कार्ड हैं। जिलों में अधिकतर राशनकार्डों का वितरण हो चुका है। कुछ ही राशनकार्ड बचे हैं। औरैया डीएसओ दिलीप कुमार ने बताया कि राशन डीलरों की दुकानों पर बायोमीट्रिक मशीनें और पीओएस मशीनें लगवाने की योजना है। इससे अब राशनकार्डों के स्थान पर स्मार्ट कार्ड बनवाए जाएंगे। शासन के निर्देशों का पालन किया जाएगा।
कामधेनु योजना
यह योजना पशुपालकों व किसानों से जुड़ी है। योजना में कामधेनु योजना, मिनी कामधेनु व माइक्रो कामधेनु भी शामिल है। जिले को कामधेनु योजना के तहत तीन, मिनी कामधेनु में आठ व माइक्रो कामधेनु में 15 इकाइयों का लक्ष्य मिला था। इन्हें पूरा कर लिया गया है। इन तीनों योजनाओं में सरकार ने सब्सिडी दी है। सब्सिडी जारी रखने पर सूबे की सरकार फैसला करेगी। अधिकारियों का कहना है कि यह योजना किसानों व पशुपालकों के लिए लाभकारी है। केंद्र की मंशा भी है कि किसानों की आमदनी दोगुनी की जाए। इस लिहाज से यह योजना जारी रह सकती है।
इस योजना में लाभार्थी को एक आवास निर्माण के लिए दो लाख 75 हजार रुपये दिए जाते हैं। प्रथम किश्त में एक लाख 37 हजार 500 रुपये जारी होते हैं। शेष पैसे छत तक दीवार बन जाने के बाद दिए जाते हैं। तीस हजार रुपये सोलर लाइट लगाने पर खर्च होता है। इस योजना से प्रत्येक वर्ष औसतन 700 गरीबों को छत नसीब हो रही है। इस योजना को लेकर भी संशय बना हुआ है।
लोहिया गांवों के विकास को लेकर भी संशय है। इन गांवों में सड़क निर्माण, केसी ड्रेन आदि के काम कराए गए हैं। इस योजना पर भी फैसला नहीं हुआ है। योजना की उम्मीद 15 अप्रैल तक मिलने वाले लक्ष्य पर है। लक्ष्य न मिला तो योजना बंद हो जाएगी।