{"_id":"606d44688ebc3ee974450f58","slug":"mukhtar-ansari-up-police-news-prisoners-are-also-happy-after-return-of-mukhtar-ansari","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"यूपी: मुख्तार अंसारी की वापसी से बंदियों में भी खुशी, कैदियों को इस वजह से है हमदर्दी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: मुख्तार अंसारी की वापसी से बंदियों में भी खुशी, कैदियों को इस वजह से है हमदर्दी
Wed, 07 Apr 2021 11:04 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, बांदा
अमर उजाला नेटवर्क, बांदा
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 07 Apr 2021 11:04 AM IST
विज्ञापन
मुख्तार अंसारी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब की रोपड़ जेल से मुख्तार अंसारी के लेने गई यूपी पुलिस की टीम आखिरकार 900 किमी का सफर तय करके बुधवार तड़के 4.30 बजे बांदा जेल पहुंच गई। यहां मुख्तार को 15 नंबर की बैरक में रखा जाएगा। सीओ सदर सत्यप्रकाश ने बताया कि हमे अंसारी को बांदा जेल लाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मुख्तार अंसारी को लेकर बांदा जेल में चप्पे चप्पे पर पुलिस तैनात है। जेल की हर दीवार पर सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है। सुरक्षा ऐसी है कि परिंदा भी पर न मार सके।
मुख्तार अंसारी
मुख्तार की वापसी से कई बंदियों में खुशी भी
प्रशासन और पुलिस भले ही मुख्तार अंसारी के पुन: बांदा जेल आने पर चिंतित हो, लेकिन जेल के अंदर का माहौल इससे उलट है। सूत्रों के मुताबिक, जेल के अधिकांश बंदी व कर्मचारी मुख्तार अंसारी की वापसी से खुश हैं। इसकी वजह यह बताई गई कि पिछली बार करीब 34 महीने यहां रहे मुख्तार ने बंदियों और जेल कर्मियों से किसी तरह की बदसलूकी नहीं की।
प्रशासन और पुलिस भले ही मुख्तार अंसारी के पुन: बांदा जेल आने पर चिंतित हो, लेकिन जेल के अंदर का माहौल इससे उलट है। सूत्रों के मुताबिक, जेल के अधिकांश बंदी व कर्मचारी मुख्तार अंसारी की वापसी से खुश हैं। इसकी वजह यह बताई गई कि पिछली बार करीब 34 महीने यहां रहे मुख्तार ने बंदियों और जेल कर्मियों से किसी तरह की बदसलूकी नहीं की।
mukhtar ansari
- फोटो : अमर उजाला
बताते हैं कि त्योहारों आदि के मौके पर मुख्तार बंदियों आदि पर खास मेहरबान होता था। जेल की कैंटीन आदि से सामान खरीदकर अपने पैसे से पूड़ी-सब्जी और खीर आदि बनवाता था। जरूरतमंद बंदियों को आर्थिक मदद भी मिलती थी। इन सभी कामों ने बंदियों के दिल में मुख्तार के प्रति हमदर्दी पैदा कर दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुख्तार अंसारी
- फोटो : अमर उजाला
माननीयों और माफिया का ठिकाना बैरक 15
जेल की बैरक नंबर 15 माननीय और माफिया के लिए ही आरक्षित होकर रह गई है। मुख्तार अंसारी से पहले भी इस बैरक में कई बाहुबली और माननीय मेहमान बन चुके हैं। इनमें कुंडा निवासी पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजाभइया, प्रयागराज का पूर्व सांसद अतीक अहमद, शामली के विधायक सुरेश राणा, ग्रेटर नोएडा का अनिल दुजाना और हरियाणा का सिंहराज भाटी आदि शामिल हैं। जेल के प्रभारी अधीक्षक प्रमोद तिवारी का कहना है कि सुरक्षा की दृष्टि से यह बैरक ठीक है।
जेल की बैरक नंबर 15 माननीय और माफिया के लिए ही आरक्षित होकर रह गई है। मुख्तार अंसारी से पहले भी इस बैरक में कई बाहुबली और माननीय मेहमान बन चुके हैं। इनमें कुंडा निवासी पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजाभइया, प्रयागराज का पूर्व सांसद अतीक अहमद, शामली के विधायक सुरेश राणा, ग्रेटर नोएडा का अनिल दुजाना और हरियाणा का सिंहराज भाटी आदि शामिल हैं। जेल के प्रभारी अधीक्षक प्रमोद तिवारी का कहना है कि सुरक्षा की दृष्टि से यह बैरक ठीक है।
विज्ञापन
मुख्तार अंसारी
जेल में भी जारी रहती है मुख्तार की मुख्तारी
माफिया डॉन के रूप में शोहरत पाए मुख्तार अंसारी अपने निर्वाचन क्षेत्र/गृह जिले में राबिन हुड जैसी हस्ती के रूप में जाने जाते हैं। अंसारी की आमदनी का मूल जरिया ठेकेदारी, खनन, स्क्रैप, रेलवे में कांट्रैक्ट आदि बताए गए हैं। पिछली बार जेल में लंबे समय तक रहे मुख्तार से उनके जनपद/निर्वाचन क्षेत्र से आए तमाम लोग मुलाकात करते थे।
माफिया डॉन के रूप में शोहरत पाए मुख्तार अंसारी अपने निर्वाचन क्षेत्र/गृह जिले में राबिन हुड जैसी हस्ती के रूप में जाने जाते हैं। अंसारी की आमदनी का मूल जरिया ठेकेदारी, खनन, स्क्रैप, रेलवे में कांट्रैक्ट आदि बताए गए हैं। पिछली बार जेल में लंबे समय तक रहे मुख्तार से उनके जनपद/निर्वाचन क्षेत्र से आए तमाम लोग मुलाकात करते थे।