राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद शुक्रवार तीन जून को अपने गांव परौंख आ रहे हैं। उनके साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई माननीय भी गांव आएंगे। सभी की अगवानी के लिए परौंख सजधज कर तैयार हो गया। अब लोगों के अपने कोविंद के दीदार का इंतजार है। राष्ट्रपति और माननीयों की अगवानी में कोई चूक न हो, इसलिए पुलिस और प्रशासनिक अफसर दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। कहीं कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए प्रदेश और मंडल स्तरीय अधिकारियों ने परौंख में डेरा डाल रखा है।
गांव के हर तरफ पेड़ व बिजली के खंभे तिरंगे के रंग में रंगे नजर आ रहे हैं। घरों की दीवारें भी रंग बिरंगे चित्रों से खिलखिला रही हैं। प्राथमिक विद्यालय हो या मिलन केंद्र (राष्ट्रपति का पैतृक आवास), आंबेडकर पार्क हो चाहे पथरी देवी मंदिर सब कुछ चकाचक हो है। परौंख की सड़कें और गलियां भी पक्की हो गई हैं। वहीं, बचपन के मित्र व बाल सखा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलने को बेकरार हैं। ्र
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गश्त करते पैरामिलिट्री के जवान
- फोटो : अमर उजाला
छावनी में बदला परौंख, हर आने जाने वाले पर नजर
सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर परौंख गांव छावनी में बदल चुका है। जनसभा स्थल, हेलीपैड और राष्ट्रपति व माननीयों के आने-जाने वाले मार्ग पर सुरक्षा के बेहतर इंतजाम किए गए हैं। पैरामिलिट्री और पीएसी के साथ ही 10 हजार पुलिसकर्मियों को सुरक्षा व्यवस्था के लिए मुस्तैद किया गया है। कई वॉच टावर बनाए गए हैं। परौंख के 250 मकानों की छतों पर पुलिसकर्मी दूरबीन से संदिग्धों की निगरानी करेंगे। हर सड़क और गली में सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। हर आने-जाने वाले पर नजर रखी जा रही है। गुरुवार को अफसरों ने मातहतों के साथ रिहर्सल किया। सुरक्षाकर्मियों की मुस्तैदी देखी और टिप्स भी दिए।
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योगा पॉर्क और ओपन जिम
- फोटो : अमर उजाला
राष्ट्रपति के दौरे से पहले विकास कार्यों की सौगात
देश के सर्वोच्च पद पर परौंख के लाल रामनाथ कोविंद के बैठते ही शासन और प्रशासन को उनके गांव के विकास की याद आई। इसके बाद परौंख की सूरत बदलनी शुरू हुई तो सभी सड़के और गलियां पक्की हो गईं। परौंख की आबादी 4360 (वर्ष 2011 की जनगणना के मुताबिक) है। यहां परौंख के अलावा छह मजरे नरायणपुरवा, सेवारामपुर, पंडितपुरवा, धौकलपुरवा, जसवंतपुरवा और सिन्नीपुर हैं। परौंख गांव में एसबीआई की शाखा और डाकघर भी हैं। इस बार राष्ट्रपति के आगमन से पूर्व गांव में ओपन जिम, पोषण वाटिका, प्राथमिक स्कूल में डायनिंग शेड, स्कूल परिसर में खेल मैदान, सामुदायिक केंद्र में लाइब्रेरी की व्यवस्था की गई है। पथरी देवी मंदिर और आंबेडकर पार्क में वाटर कूलर लगाए हैं। गांव में डॉ. भीमराव आंबेडकर की संगमरमर की प्रतिमा लगवाई गई है। पार्क समेत अधिकांश स्थानों पर सौर ऊर्जा यूनिट लगाई गई है, जिससे यह स्थान जगमग होंगे।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
मिल सकती सैनिक स्कूल की सौगात
परौैंख को शुक्रवार को सैनिक स्कूल की सौगात मिल सकती है। इसके लिए गांव में जमीन खरीद ली गई है। अब लोगों को इंतजार है स्कूल निर्माण की घोषणा होने की। सूत्रों की मानें, तो सैनिक स्कूल की मान्यता की फाइल भी अफसरों ने दौैड़ा दी है। माना जा रहा है महामहिम और प्रधानमंत्री परौंख में सैनिक स्कूल खोलने की सौगात ग्रामीणों को देंगे।
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पार्क में स्थापित आंबेडकर प्रतिमा
- फोटो : अमर उजाला
गैर प्रांत और जिलों से गांव लौटे लोग
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद व प्रधानमंत्री के परौंख आने की सूचना पर गांव से बाहर रहकर गैर प्रांत और जिलों में नौकरी कर रहे लोग परिवार समेत घर आ गए हैं। वहीं, तमाम महिलाएं भी परिवार के साथ राष्ट्रपति से मिलने की आस लेकर मायके आ गईं हैं। सभी राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के दीदार करना चाहते हैं, लेकिन मौका किसे मिलेगा, यह तो वक्त ही बताएगा।