फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

किरकिरी के बाद सपा में घमासान के हालात, "इन पर गिर सकती है गाज"

Fri, 09 Feb 2018 08:40 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Fri, 09 Feb 2018 08:40 AM IST
विज्ञापन
situation of Difference in samajwadi party in banda
डेमो पिक
सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका खारिज होने के बाद यूपी के बांदा में जिला पंचायत अध्यक्ष निर्मला सिंह की कुर्सी जाते देख एक तरफ जहां भाजपा के गलियारों में खुशी का माहौल है तो दूसरी तरफ सपा में अंदरूनी घमासान के हालात हैं। सपा प्रदेश अध्यक्ष के खुद आने और डैमेज कंट्रोल की कोशिशों के बावजूद सपा के कई जिला पंचायत सदस्यों में अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में वोट देकर भाजपा का रास्ता आसान कर दिया। बगावत करने वाले सपा के सदस्यों में कम से कम तीन पर प्रदेश नेतृत्व की गाज गिर सकती है। जिला नेतृत्व ने कई दिन पहले ही अपनी रिपोर्ट प्रदेश हाईकमान को भेज दी है।


 
situation of Difference in samajwadi party in banda
डेमो पिक
दो वर्ष पूर्व सपा सरकार में सात जनवरी 2016 को हुए जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में सपा की प्रत्याशी निर्मला सिंह निर्वाचित हुई थीं। प्रदेश में भाजपा की सत्ता आते ही निकाय/पंचायतों का भगवाकरण करने की कवायदें शुरू हो गईं। 28 दिसंबर 2017 को यह सुगबुगाहट यहां भी खुलकर सामने आ गई। 16 सदस्यों ने अध्यक्ष के खिलाफ बगावत का परचम उठा लिया और अविश्वास प्रस्ताव के लिए सामूहिक हस्ताक्षरों और शपथ पत्र के साथ डीएम को नोटिस पेश कर दी।
 
situation of Difference in samajwadi party in banda
नरेश उत्तम
डीएम ने 23 जनवरी 2018 प्रस्ताव नोटिस पर बैठक और मतदान की तिथि तय कर दी। इस अवधि में सपा और भाजपा में जिला पंचायत को लेकर राजनीति गर्मा गई। सदस्यों को अपने पाले में लाने की जोड़तोड़ शुरू हो गई। बैठक के तीन दिन पूर्व सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम अपनी पार्टी के सदस्यों को संभालने और समझाने के लिए बांदा आए। कुछ सदस्य अंदरूनी तौर पर जिला पंचायत अध्यक्ष और उनके प्रतिनिधि लाखन सिंह से खफा थे।

प्रदेश अध्यक्ष ने डैमेज कंट्रोल की भरपूर कोशिश की। लेकिन बैठक में सपा की सारी कवायदें धरी रह गईं। बागी सदस्यों की संख्या 16 से बढ़कर 21 हो गई। कुल 30 सदस्यीय जिला पंचायत में प्रस्ताव के पक्ष में 21 सदस्यों ने वोट डाले।

 
विज्ञापन
विज्ञापन
situation of Difference in samajwadi party in banda
डेमो पिक
इसके अगले ही दिन अध्यक्ष निर्मला सिंह अविश्वास प्रस्ताव के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट से स्टे ले आईं। लेकिन 13 दिन बाद ही पांच फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई में याचिका खारिज हो गई। याचिका खारिज होने के बाद भाजपाई गलियारों में खुशियां हैं। नया अध्यक्ष भाजपा के खेमे का होने की पूरी संभावना है। दूसरी तरफ मात खाई सपा अब अपने उन सदस्यों की खबर लेने में जुट गई है जिन्होंने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया।

सूत्र बताते हैं कि सपा के तीन जिला पंचायत सदस्यों के नाम आए हैं। इन तीनों के पति सपा के मौजूदा या पूर्व में ओहदेदार रहे हैं। सपा के जिला नेतृत्व ने अपनी रिपोर्ट प्रदेश अध्यक्ष को भेज दी है। अब कार्रवाई की गेंद प्रदेश नेतृत्व के पाले में है। बागी सदस्य भारी न पड़े तो उन पर किसी भी दिन कार्रवाई की गाज गिर सकती है।
 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed