{"_id":"61a8e71d95eb885b7049e1fb","slug":"then-came-the-leopard-hunted-jackal-in-college-campus-itself-night-vision-caught-on-camera","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"फिर आया तेंदुआ: कॉलेज परिसर में ही किया सियार का शिकार, सोती रही रेस्क्यू टीम, नाइट विजन कैमरे में कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फिर आया तेंदुआ: कॉलेज परिसर में ही किया सियार का शिकार, सोती रही रेस्क्यू टीम, नाइट विजन कैमरे में कैद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 02 Dec 2021 09:15 PM IST
विज्ञापन
नाइट विजन कैमरे में कैद हुआ तेंदुआ
- फोटो : amar ujala
एक बार फिर नवाबगंज स्थित वीएसएसडी कॉलेज परिसर में तेंदुआ देखा गया। इस बार भी कॉलेज कैंपस में उसी जगह तेंदुए को देखा गया जहां शनिवार को पहली बार कैमरे में कैद हुआ था। बड़े-बड़े ‘दावों’ का जाल लेकर तैनात वन विभाग की रेस्क्यू टीम सोती रही। रात दो बजे कॉलेज के सुरक्षाकर्मी ने तेंदुए को देखते ही वन विभाग की ओर से तैनात दो गार्डों को सूचना दी लेकिन डंडे से लैस ये गार्ड करते तो क्या करते। रात बीती और सुबह से तेंदुआ आया.. तेंदुआ आया.. का शोर मचने लगा। सुबह जब नाइट विजन कैमरे चेक किए गए तो तेंदुए की तस्वीरें कैद मिलीं। वीडियो में भी उसकी चहलकदमी दिखी है। गुरुवार सुबह वन विभाग और जू की रेस्क्यू टीम कॉलेज पहुंची और तेंदुए के निशान खोजे, टीम को आशंका है कि तेंदुआ बैराज की ओर फिलहाल नहीं भागा है माना जा रहा है वह वीएसएसडी कॉलेज परिसर के जंगल में ही छिपा है।
Trending Videos
वन विभाग की टीम तेंदुए के पैरों के निशान को ढूंढती हुई
- फोटो : amar ujala
दरअसल, आखिरी बार सोमवार रात एक बजे तेंदुआ दिखा था। तब टीम को गंगा बैराज के लवकुश पार्क में पंजों के निशान मिले थे। इसके बाद रेस्क्यू टीम चिंता मुक्त हो गई थी, कि तेंदुआ परिसर छोड़कर कटरी की तरफ भाग गया है। टीम ने इसकी पुष्टि के लिए पीलीभीत टाइगर रिजर्व से 10 नाइट विजन कैमरे मंगवाकर कॉलेज कैंपस और गंगा बैराज में लगाए थे। बुधवार रात दो बजे गार्ड ने जब फिर से तेंदुए को कैंपस में देखा तो इसकी जानकारी तुरंत वन विभाग की टीम को दी। सुबह जब कैमरे चेक किए गए तो तेंदुए की साफ तस्वीरें कैद हुईं। रेस्क्यू टीम को कॉलेज परिसर से लवकुश पार्क तक निरीक्षण के दौरान एक भी पंजे के निशान नहीं मिले। टीम को आशंका है कि वह कॉलेज के पास के जंगल में ही छिपा है। टीम पिछले पांच दिनों से तेंदुआ के पीछे है लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। रात में तेंदुआ जब बाहर आता है तो टीम सो जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सीसीटीवी में फिर कैद हुआ तेंदुआ
- फोटो : अमर उजाला
स्कूल की बाउंड्री पर चढ़ा था तेंदुआ
वीएसएसडी परिसर में हॉस्टल के रास्ते की पुलिया के ऊपर लगे कैमरे में रात दो बजे तेंदुआ दिखा। वह जंगल से निकलकर दीन दयाल स्कूल की बाउंड्री पर टहलते हुए कैमरे में कैद हुआ। इस दौरान कॉलेज की केमिस्ट्री लैब के पास भी घूमता रहा। जिसके पंजों के निशान मिले हैं। फिर दीन दयाल स्कूल की बाउंड्री से उतरा और जंगल की तरफ चला गया। वहीं निरीक्षण के दौरान टीम ने कॉलेज के बगल में स्थित मोती लाल खेड़िया स्कूल की बाउंड्री पर पंजों के निशान मिले हैं। टीम कयास लगा रही है कि तेंदुआ बाउंड्री फांदकर वीएसएसडी कॉलेज परिसर में घुसा होगा। क्यों कि जहां पर पंजे के निशान मिले हैं वहां पर बाउंड्री छोटी है।
वीएसएसडी परिसर में हॉस्टल के रास्ते की पुलिया के ऊपर लगे कैमरे में रात दो बजे तेंदुआ दिखा। वह जंगल से निकलकर दीन दयाल स्कूल की बाउंड्री पर टहलते हुए कैमरे में कैद हुआ। इस दौरान कॉलेज की केमिस्ट्री लैब के पास भी घूमता रहा। जिसके पंजों के निशान मिले हैं। फिर दीन दयाल स्कूल की बाउंड्री से उतरा और जंगल की तरफ चला गया। वहीं निरीक्षण के दौरान टीम ने कॉलेज के बगल में स्थित मोती लाल खेड़िया स्कूल की बाउंड्री पर पंजों के निशान मिले हैं। टीम कयास लगा रही है कि तेंदुआ बाउंड्री फांदकर वीएसएसडी कॉलेज परिसर में घुसा होगा। क्यों कि जहां पर पंजे के निशान मिले हैं वहां पर बाउंड्री छोटी है।
कानपुर के वीएसएसडी कॉजेल में निकला तेंदुआ
- फोटो : अमर उजाला
सियार का किया शिकार, खून पीया
तेंदुए ने बुधवार रात कॉलेज के जंगल में एक सियार का शिकार कर उसका खून पी लिया। रेस्क्यू टीम के डॉ. नासिर जैदी ने निरीक्षण के दौरान जंगल के पास बने मंदिर के चबूतरे के पास उसे मरा पाया। डॉ. नासिर ने बताया कि सियार के गले और सीने के पास बड़-बड़े घाव मिले हैं। साथ ही कई हड्डियां टूटी हैं। तेंदुए ने पहले उसे दौड़ाया फिर गर्दन पकड़कर कई बार जमीन पर पटका। मारने के बाद उसका खून चूस लिया। डॉ. नासिर के अनुसार तेंदुआ का जब कभी मांस खाने का मन नहीं होता है तो वो खून चूसकर पेट भर लेता है।
तेंदुए ने बुधवार रात कॉलेज के जंगल में एक सियार का शिकार कर उसका खून पी लिया। रेस्क्यू टीम के डॉ. नासिर जैदी ने निरीक्षण के दौरान जंगल के पास बने मंदिर के चबूतरे के पास उसे मरा पाया। डॉ. नासिर ने बताया कि सियार के गले और सीने के पास बड़-बड़े घाव मिले हैं। साथ ही कई हड्डियां टूटी हैं। तेंदुए ने पहले उसे दौड़ाया फिर गर्दन पकड़कर कई बार जमीन पर पटका। मारने के बाद उसका खून चूस लिया। डॉ. नासिर के अनुसार तेंदुआ का जब कभी मांस खाने का मन नहीं होता है तो वो खून चूसकर पेट भर लेता है।
विज्ञापन
वीएसएसडी कॉलेज परिसर में दिखा तेंदुआ
- फोटो : अमर उजाला
खाली पिंजड़े में कैसे फंसता तेंदुआ
जिस रात तेंदुआ आया यहां लगाए गए दोनों पिंजड़ों में चारा ही नहीं था। बुधवार रात दोनों पिंजड़े खाली थे। इस कारण तेंदुआ पिंजड़े के पास ही नहीं गया। दरअसल, पशु अधिकारों के लिए लड़ने वाली कार्यकर्ता के विरोध करने के बाद दोनों पिंजड़ों से कुत्ते और बकरे को बुधवार शाम ही हटा दिया गया था। खाली पिंजड़े के सहारे टीम तेंदुए को पकड़ने के लिए बैठी थी। डॉ. नासिर ने बताया कि गुरुवार रात दोनों पिंजड़ों में दो-दो किलो चिकन रखा गया है। जिंदा जानवरों को नहीं रखा जाएगा।
जिस रात तेंदुआ आया यहां लगाए गए दोनों पिंजड़ों में चारा ही नहीं था। बुधवार रात दोनों पिंजड़े खाली थे। इस कारण तेंदुआ पिंजड़े के पास ही नहीं गया। दरअसल, पशु अधिकारों के लिए लड़ने वाली कार्यकर्ता के विरोध करने के बाद दोनों पिंजड़ों से कुत्ते और बकरे को बुधवार शाम ही हटा दिया गया था। खाली पिंजड़े के सहारे टीम तेंदुए को पकड़ने के लिए बैठी थी। डॉ. नासिर ने बताया कि गुरुवार रात दोनों पिंजड़ों में दो-दो किलो चिकन रखा गया है। जिंदा जानवरों को नहीं रखा जाएगा।
