हरदोई जिले में हरपालपुर कोतवाली क्षेत्र के मखाईपुरवा गांव में शुक्रवार को झोपड़ी में आग लग गई थी। इस हादसे में जिंदा जलकर दो मासूमों की मौत के बाद पूरी रात परिजन सिसकते रहे। दो मासूमों की मौत के बाद मां माया देवी रो-रोकर बेहाल हैं।
सिसकियों में कटी रात, नहीं जला चूल्हा: पन्नी के नीचे गुमसुम बैठा रहा परिवार, मां बोली- अब कुछ बचा नहीं...
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बच्चों को समझा बुझाकर कराया भोजन
गांव के पंचायत सहायक ईश्वर दयाल की ओर से पीड़ित परिवार को चाय बिस्कुट व भोजन भिजवाया। तेजराम के तीन बच्चों को समझा-बुझाकर जैसे-तैसे खाना खिला दिया गया। परंतु दो मासूमों की मौत के सदमे के चलते तेजराम व उसकी पत्नी के मुंह में रोटी का एक टुकड़ा भी नहीं जा पाया।
तेरा गंगा घाट पर दोनों शवों को दफनाया
पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार की देर शाम दोनों मासूमों का एक साथ तेरा गंगा घाट पर नम आंखों के बीच शव को दफनाया। शनिवार को भी काफी संख्या में लोग घटना पर दुख जताने उसके घर पहुंचे। हर कोई घटना से स्तब्ध और दुखी था।
नहीं पहुंच सकी थी दमकल की टीम
बता दें कि हरपालपुर थाना क्षेत्र के मखाई पुरवा गांव में झोपड़ी में आग लगने से दो मासूम बच्चों की जिंदा जलकर मौत हो गई थी। गांव के लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया था। सूचना के बाद भी मौके पर दमकल की टीम नहीं पहुंच सकी थी, जिससे ग्रामीणों आक्रोशित हो उठे थे।
मखाई पुरवा निवासी तेजराम की पत्नी शुक्रवार की सुबह खाना बनाने के लिए चूल्हा जलाया। उसके बाद शौच करने के लिए चली गई। वहीं, परिवार के अन्य लोग खेतों पर काम करने के लिए चले गए थे। इस दौरान घर में सिर्फ तेजराम का बेटा ज्ञानेंद्र (5) और बेटी नन्हीं (3) मौजूद थे।