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बिकरू कांड में बड़ा खुलासा, शराब कारोबारी के घर रुका था विकास, यहां बनाई सरेंडर की योजना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 04 Mar 2021 12:16 PM IST
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विकास दुबे (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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बिकरू कांड को अंजाम देने के बाद विकास दुबे एक रात उज्जैन में शराब कारोबारी के घर पर रुका था। एसटीएफ की जांच में इसकी पुष्टि हो गई है। विकास आठ जुलाई 2020 की शाम कारोबारी के घर पहुंचा था। अगली सुबह उसने महाकाल मंदिर में सार्वजनिक सरेंडर कर दिया। शराब कारोबारी एसटीएफ की रडार पर है। एसटीएफ ने कानपुर पुलिस से भी इस बारे में जानकारी साझा की है।
विकास दुबे (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
पांच जुलाई 2020 को विकास अपने साथियों के साथ दिल्ली पहुंचा था। यहां से वो फरीदाबाद में प्रभात के परिचित श्रवण के घर रुका। दबिश से पहले ही वो वहां से निकल गया और छह की रात उसने वहां एक होटल में गुजारी। होटल की बुकिंग श्रवण के लड़के ने की थी लिहाजा विकास का नाम यहां भी सामने नहीं आया।
विकास दुबे (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
सात जुलाई की सुबह उसने होटल छोड़ दिया। होटल से निकलने के बाद यहां पर पुलिस ने दबिश दी लेकिन विकास पहले ही जा चुका था। यहां से वो राजस्थान होते हुए वोल्वो बस से आठ जुलाई को उज्जैन पहुंचा। रात में शराब कारोबारी के घर पर रुका।
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कानपुर एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
विकास के एक और झूठ का पर्दाफाश
विकास ने पूछताछ में बताया था कि औरैया से सीधे वोल्वो पकड़कर परी चौक नोयडा गया था। एसटीएफ की जांच में ये तथ्य गलत पाया गया। सही बात ये थी कि ये तीनों सीधे कश्मीरी गेट नई दिल्ली पहुंचे थे। यहां पर पहुंचकर एक शख्स का मोबाइल विकास ने लिया और करियाझाला कानपुर देहात निवासी संजय परिहार को फोन किया। क्योंकि संजय दिल्ली में ही अस्थायी रूप से रहता है। संजय ने फोन न उठाकर उसकी बुआ ने उठाया। उन्होंने बात टाल दी। जिसके बाद ये तीनों फरीदाबाद पहुंचे। परी चौक गए ही नहीं थे।
विकास ने पूछताछ में बताया था कि औरैया से सीधे वोल्वो पकड़कर परी चौक नोयडा गया था। एसटीएफ की जांच में ये तथ्य गलत पाया गया। सही बात ये थी कि ये तीनों सीधे कश्मीरी गेट नई दिल्ली पहुंचे थे। यहां पर पहुंचकर एक शख्स का मोबाइल विकास ने लिया और करियाझाला कानपुर देहात निवासी संजय परिहार को फोन किया। क्योंकि संजय दिल्ली में ही अस्थायी रूप से रहता है। संजय ने फोन न उठाकर उसकी बुआ ने उठाया। उन्होंने बात टाल दी। जिसके बाद ये तीनों फरीदाबाद पहुंचे। परी चौक गए ही नहीं थे।
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कानपुर एनकाउंटर
- फोटो : amar ujala
शराब कारोबारी के घर पर बनी सरेंडर की योजना
शराब कारोबारी के घर पर रात गुजारने के बाद सुबह विकास ने मंदिर जाकर सार्वजनिक सरेंडर कर दिया। इससे एक बात तो साफ हो गई कि किस तरह से सरेंडर करना है इसकी पूरी योजना शराब कारोबारी के घर पर ही बनी। इसमें दिल्ली के एक वकील का भी दिमाग था। शराब कारोबारी के फोन से विकास ने वकील व अन्य कई लोगों से बातचीत भी की थी। फरारी के दौरान किसी परिचित या किसी अनजान शख्स का मोबाइल ही विकास ने इस्तेमाल किया। इसलिए सर्विलांस उसको ट्रेस नहीं कर पा रही थी।
शराब कारोबारी के घर पर रात गुजारने के बाद सुबह विकास ने मंदिर जाकर सार्वजनिक सरेंडर कर दिया। इससे एक बात तो साफ हो गई कि किस तरह से सरेंडर करना है इसकी पूरी योजना शराब कारोबारी के घर पर ही बनी। इसमें दिल्ली के एक वकील का भी दिमाग था। शराब कारोबारी के फोन से विकास ने वकील व अन्य कई लोगों से बातचीत भी की थी। फरारी के दौरान किसी परिचित या किसी अनजान शख्स का मोबाइल ही विकास ने इस्तेमाल किया। इसलिए सर्विलांस उसको ट्रेस नहीं कर पा रही थी।