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Weather Update: आसमान से बरसी आग, कानपुर में पारा 44.6 डिग्री पहुंचा, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
Mon, 18 May 2026 11:37 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Mon, 18 May 2026 11:37 PM IST
सार
Weather Update: कानपुर में 14 साल बाद सुबह की नमी सबसे कम 34 प्रतिशत रही। मौसम विभाग ने लू से बचाव के लिए अलर्ट जारी किया है। विभाग की मानें तो अभी तापमान और बढ़ेगा।
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कानपुर में भीषण गर्मी
- फोटो : अमर उजाला
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चकेरी स्थित एयरफोर्स मौसम केंद्र पर सोमवार को अधिकतम तापमान 44.6 डिग्री रिकाॅर्ड किया गया। दोपहर को माहौल में नमी कम होने से लू चली। तपिश इतनी बढ़ी कि लगा कि मानो आसमान से आग बरस रही है। वहीं, सीएसए की मौसम वेधशाला में अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री रिकाॅर्ड किया गया। मौसम विज्ञान केंद्र ने लू से बचाव के संबंध में अलर्ट जारी किया है। लोगों से दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक बाहर निकलने में एहतियात बरतने के लिए कहा है।
कानपुर में भीषण गर्मी
- फोटो : अमर उजाला
विभाग के नोडल एवं तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि 14 साल के बाद 18 मई को सुबह की नमी 39 प्रतिशत पर आ गई। इसके पहले 18 मई 2012 में सुबह की नमी का प्रतिशत 34 रहा था। वहीं, 56 साल में 18 मई को सुबह की नमी सबसे कम वर्ष 1992 में 29 प्रतिशत थी। माहौल में नमी कम होने की वजह से हवा अधिक गर्म हो जाती है। इससे तपिश अधिक होती है।
कानपुर में भीषण गर्मी
- फोटो : अमर उजाला
सीएसए की रिपोर्ट के मुताबिक, 24 घंटे में अधिकतम तापमान 1.7 डिग्री बढ़ा है। इसी तरह न्यूनतम तापमान में भी 2.2 डिग्री का इजाफा हुआ है। तकनीकी अधिकारी ने बताया कि दोपहर ढाई बजे से साढ़े तीन बजे तक तापमान एक ही बिंदु 43.2 डिग्री पर रहा। इसके बाद पारा धीमे-धीमे नीचे आया और शाम पांच बजे 42.6 पर पहुंचा। उन्होंने बताया कि अभी तापमान में क्रमिक बढ़ोतरी होती रहेगी। माहौल में नमी का प्रतिशत कम होने से धूप अधिक तेज लगेगी।
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कानपुर में भीषण गर्मी
- फोटो : अमर उजाला
वरिष्ठ मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि 18 मई को शहर का अधिकतम यूवी इंडेक्स 10 से 12 के बीच होने का अनुमान है। यह अत्यधिक हानिकारक है। दोपहर के समय धूप त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती है। इससे लोग दोपहर 11 से शाम 4 बजे के बीच सीधे धूप में निकलने से बचें। बाहर जाते समय धूप का चश्मा जरूर लगाएं। शरीर को सूती कपड़ों से ढंके रहें और छाते का उपयोग करें।
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कानपुर में भीषण गर्मी
- फोटो : अमर उजाला
यह है यूवी इंडेक्स
यूवी इंडेक्स एक पैमाना है जो सूर्य से आने वाली हानिकारक परा बैंगनी किरणों की तीव्रता को मापता है। बिना जोखिम वाला इंडेक्स एक से दो होता है। मध्यम श्रेणी का तीन से पांच, इस श्रेणी में सन स्क्रीन लगाने की सलाह दी जाती है। छह से सात इंडेक्स होने पर छाया में रहने को कहा जाता है। आठ से 10 इंडेक्स उच्च जोखिम में आता है। 11 से अधिक इंडेक्स खतरनाक श्रेणी में आता है। धूप में रहने पर 10 मिनट से भी कम समय में त्वचा में जलन होने लगती है। इसकी जांच के लिए वैज्ञानिक उपकरण स्पैक्ट्रोरेडियोमीटर का इस्तेमाल किया जाता है। यह किरणों की वेव लैंथ मापता है।
यूवी इंडेक्स एक पैमाना है जो सूर्य से आने वाली हानिकारक परा बैंगनी किरणों की तीव्रता को मापता है। बिना जोखिम वाला इंडेक्स एक से दो होता है। मध्यम श्रेणी का तीन से पांच, इस श्रेणी में सन स्क्रीन लगाने की सलाह दी जाती है। छह से सात इंडेक्स होने पर छाया में रहने को कहा जाता है। आठ से 10 इंडेक्स उच्च जोखिम में आता है। 11 से अधिक इंडेक्स खतरनाक श्रेणी में आता है। धूप में रहने पर 10 मिनट से भी कम समय में त्वचा में जलन होने लगती है। इसकी जांच के लिए वैज्ञानिक उपकरण स्पैक्ट्रोरेडियोमीटर का इस्तेमाल किया जाता है। यह किरणों की वेव लैंथ मापता है।