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आस्था पर विश्वास: 'साकार हरि परमात्मा, वो जो चाहेंगे कर देंगे', भगदड़ का मंजर याद करने को तैयार नहीं अनुयायी
ज्योत्यवेंद्र दुबे, अमर उजाला, मैनपुरी
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 07 Jul 2024 10:44 AM IST
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Hathras Stampede
- फोटो : अमर उजाला
सिकंदराराऊ में समागम के बाद मची भगदड़ में 123 लोगों की जान चली गई, लेकिन भक्तों की जुबां पर अब भी बाबा का गुणगान है। मैनपुरी के साथ-साथ गैर जिलों से लोग बिछवां स्थित साकार विश्व हरि के आश्रम पर नमन कर रहे हैं। उनका दावा है कि साकार हरि परमात्मा हैं और वह जो चाहेंगे वह कर देंगे।
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Hathras Stampede
- फोटो : अमर उजाला
सिकंदराराऊ में हुए हादसे में बचने वाले लोग भी यहां पहुंचकर साकार हरि को धन्यवाद दे रहे हैं। नारायण साकार हरि के समागम में न जाने कितने घरों के चिराग बुझ गए और कितनों के सिर से मां का साया उठ गया। जिस किसी ने सिकंदराराऊ और एटा के अस्पताल में लाशों का भयावह मंजर देखा उसकी रूह तक कांप गई।
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Hathras Stampede
- फोटो : अमर उजाला
लेकिन बाबा के विश्वास की पट्टी के आगे साकार हरि के अनुयायी ये मंजर याद करने को तैयार ही नहीं हैं। यही कारण है कि बिछवां स्थित आश्रम पर लगातार बाबा के अनुयायी उन्हें नमन करने के लिए पहुंच रहे हैं।
Hathras Stampede
- फोटो : अमर उजाला
शनिवार को एटा, बदायूं, बुलंदशहर और हाथरस से अनुयायी यहां पहुंचे। पुलिस ने आश्रम की तरफ जाने से रोका तो जीटी रोड पर ही सिर झुकाया और जमीन पर माथा टेककर नमन किया। इनमें से अधिकांश लोग ऐसे थे जो समागम के बाद हुई भगदड़ के दौरान भी मौजूद थे।
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Hathras Stampede
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद भी उन्हें घटना कोई दुख या पश्चाताप नहीं है। वे साकार हरि को परमात्मा मानते हैं। उनका ये विश्वास इतना अडिग है कि वे इसके खिलाफ एक शब्द भी सुनने के लिए तैयार नहीं होते हैं।