भयंकर गर्मी के मौसम में जहां तापमान के 44-45 डिग्री तक पहुंचने के आसार हैं। ऐसे में इंसान तो गर्मी से बेहाल हैं ही साथ ही पशु-पक्षियों को भी पानी की तलाश में इधर उधर भटकना पड़ रहा है। इंसान प्यास लगने पर पानी मांग सकता है लेकिन बेजुबानों के लिए पानी तलाशना बहुत मुश्किल काम है। शहरी क्षेत्रों में परिंदों और पशुओं को पानी के काफी जद्दोजेहद करनी पड़ती है। अमर उजाला के कैमरे में बेजुबानों की कुछ ऐसी ही तस्वीरें कैद हुई जिन्हें देखकर आपका भी दिल पिघल जाएगा :-
उफ गर्मी..., इंसान ही नहीं गर्मी ने पशु-पक्षियों को भी किया बेहाल, दिल छू लेंगी ये तस्वीरें
कहीं दूर तक नहीं दिखता पानी...
यह तस्वीर बिजनौर से आई है। यहां मोर पक्षी का जोड़ा पानी की तलाश में एक मकान की छत पर पहुंच गया। शहरी कल्चर के विकास से पानी के खुले स्रोत कम हो गए जिसके बाद बेजुबानों के लिए पानी के साधन लगभग खत्म हो गए हैं। पशु व पक्षियों के लिए साफ पानी तलाशना कोई आसान काम नहीं, इसलिए जरूरी है कि हम अपने घर के आसपास या छत पर किसी बर्तन में पानी भरकर जरूर रखें तकि ये बेजुबान अपनी प्यास बुझा सकें।
थोड़ी प्यास बुझा लूं...
आवारा सांड की यह तस्वीर मुजफ्फरनगर जनपद से मिली है। यहां भी प्यासे घूम रहे सांड ने जब नजदीक खड़े टैंकर से पानी गिरता देखा तो तुरंत अपनी प्यास बुझाने दौड़ पड़ा।
यहां ठंडक है
इस गाय को देखिए, गर्मी से बेहाल बिजनौर जनपद की सड़क पर घूमती इस गाय को जब छांव के साथ साथ पानी का इंतजाम भी नजर आया तो उसने चैन की सांस ली। पानी पिया और फिर वहीं बैठ गई।
दोस्तों को भी यहां का पता दूंगा
शायद यह कबूतर अपने दोस्तों को गर्मी में साफ पानी का ठिकाना जरूर बताएगा। दरअसल, यह तस्वीर अमर उजाला कार्यालय मेरठ की है। यहां कार्यालय परिसर में लगी पानी की टोंटी पर कबूतर अक्सर अपनी प्यास बुझाने के लिए आते हैं। बुधवार को भी टैप से बूंद-बूंद गिरते पानी से अपनी प्यास बुझाता एक कबूतर कैमरे में कैद हो गया।