भाजपा नेता हत्याकांड: डीप फ्रिजर में रखा गया शव, परिजनों के अमेरिका से लौटने के बाद होगा अंतिम संस्कार
डा. आत्माराम तोमर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जिस तरह की बातें सामने आई है, उससे साफ है कि उन्होंने बचाव के लिए संघर्ष किया। पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि शुक्रवार को सुबह 11 बजे पोस्टमार्टम होने से करीब 30 घंटे पहले हत्या की गई है। उन्होंने बचाव के लिए संघर्ष किया और उनके हाथ पर खरोंच के निशान भी मिले है। माना जा रहा है कि घर में खींचतान के बाद एक हत्यारोपी ने उनके हाथ पकड़ लिए और दूसरे ने छाती पर बैठकर तकिये से मुंह दबा दिया।
जांच में सामने आए कई बड़े राज
पुलिस जांच पड़ताल में भाजपा नेता की हत्या के मामले में कई बड़े मामले सामने आए हैं। पुलिस द्वारा सीसीटीवी फुटेज देखने पर सामने आया कि डॉ. आत्माराम तोमर की हत्या करने वाले दोनों आरोपी सीसीवीटी कैमरे में कैद हो गए।
दोनों गुरुवार की सुबह करीब 6 बजकर 42 मिनट पर बाइक से पहुंचे। डा. आत्माराम को फोन करके गेट खुलवाया और अंदर चले गए। इसके 45 मिनट बाद करीब 7 बजकर 27 मिनट पर दोनों घर से बाहर निकलते है। इनमें एक स्कार्पियो गाड़ी लेकर निकलता है तो दूसरा हेलमेट पहनकर बाइक लेकर जाता है। इस बीच ही डा. आत्माराम की हत्या होने की बात कही जा रही है। हत्यारोपियों के आने-जाने की घटना कैमरे में कैद हो गई।
डॉ. आत्माराम का बृहस्पतिवार रात को शव कमरे में बेड पर पड़ा मिला। सूचना पर रिश्तेदार और उनके करीबी भाजपा नेता पहुंचने शुरू हो गए। डा. आत्माराम की गाड़ी के चालक विजय ने बताया कि मुख्य आरोपी प्रवीण भी रात में करीब 12 बजे वहां पहुंचा और वह करीब पांच बजे तक रहा। वह पुलिस की पूरी गतिविधि देखता रहा। जब पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज देखने की बात कही तो वह फरार हो गया।
जिला अस्पताल से पोस्टमार्टम कराने के बाद डा. आत्माराम का शव शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे घर पहुंचा। उस समय तक परिवार के अन्य लोग व रिश्तेदार भी घर पहुंच गए थे। शव घर पहुंचते ही परिजन बिलख उठे।
शव को घर पर ही अलग से एक डीप फ्रिजर में रखा गया। बेटे डॉ. प्रताप ने बताया उनका भाई, मां व चाचा अमेरिका से आने है। उनका भाई व मां शुक्रवार देर रात तक यहां पहुंचेंगे तो उनके चाचा शनिवार देर रात तक आएंगे। उनके आने पर ही अंतिम संस्कार किया जाएगा।