मेरठ के लोहियानगर में रिहायशी इलाके में मंगलवार सुबह 7:16 बजे पटाखा फैक्टरी में पहले धमाके के बाद जगह-जगह खून बिखरा था। लाशें इधर-उधर पड़ी हुईं थी...हर कोई यही पूछ रहा था कि इन लाशों का जिम्मेदार कौन है? घायल सिसक-सिसक कर सवाल कर रहे थे कि रिहायशी इलाके में रहना उनका कसूर है क्या? तब तक मौके पर अधिकारी पहुंचे। रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ। इसी बीच 8:48 बजे दूसरा विस्फोट हो गया। इसमें दो फायरकर्मी भी घायल हो गए। दो जेसीबी के शीशे टूट गए। जेसीबी का चालक घायल हो गया। हादसे की भयावहता पर लोगों का यही कहना था कि आखिर मौत की इस फैक्टरी पर किसी ने ध्यान देने की जरूरत क्यों नहीं समझी। क्यों उनको बिना कारण ये दर्द झेलना पड़ रहा है।
Blast In Factory: चलती रही मौत की फैक्टरी, आठ घंटे तक अफसर छिपाते रहे पटाखों की बात, लाशों का जिम्मेदार कौन..?
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लोहियानगर के सी पाॅकेट के रिहायशी इलाके में लोगों ने ये सोचकर घर बनाए थे कि चैन से रहेंगे। लेकिन लालची लोग यहां भी मौत की फैक्टरी शुरू कर देंगे ये उन्होंने सोचा भी नहीं था। लोगों को बस इतना पता था कि यहां पर साबुन का छोटा काम होता है। धमाके के बाद पूरे इलाके में हर कोई स्तब्ध था। पटाखा फैक्टरी का नाम आते ही लोग सहम गए। बड़ी संख्या में घर के बाहर खड़ी महिलाएं बस इतना ही कह रहीं थी कि जरा सा घर में काम कर लो तो एमडीए का कर्मचारी पैसे मांगने आ जाता है।
इतने दिनों से यहां पर ये अवैध पटाखा फैक्टरी चल रही थी लेकिन इसे किसी ने नहीं देखा। मजदूरों के क्षत-विक्षत शव देखकर हर कोई यही बोल रहा था कि बेचारे बिहार से हजारों किलोमीटर दूर परिवार का गुजर-बसर करने के लिए लिए मेरठ आए थे। दिन-रात मेहनत कर रहे थे। लेकिन उन्हें क्या पता था कि पैसों के लालच में मौत की फैक्टरी चलाने वाले उनकी जान लील लेंगे। इन बेचारों का क्या कसूर था। घायलों के परिजन अपनों को देखकर माथा पकड़े बैठे थे। वे व्यवस्था को कोसने के अलावा कुछ नहीं कर सकते थे। बोल रहे थे कि छोटा सा निर्माण कर लो तो वह अवैध हो जाता है और यहां पटाखा फैक्टरी चल रही थी किसी ने क्यों नहीं देखा।
एटीएस की टीम ने भी की पटाखों की पुष्टि
धमाके के बाद नोएडा से एटीएस के सीओ अनुज कुमार और संब इंस्टेक्टर राजीव त्यागी के साथ टीम ने मौके पर पहुंचकर मलबे में जांच पड़ताल की। उन्होंने बारुद देखकर पुलिस अधिकारियों से चर्चा की कि हापुड़ के धौलाना में हुए धमाके में भी ऐसा ही विस्फोटक बरामद हुआ था।
स्काई बम और टॉय गन मिसाइल ने खोली पोल
पटाखा फैक्टरी में विस्फोट सुबह सवा सात बजे हुआ। मौके पर पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों का अमला पहुंच गए। सारे आला अधिकारियों ने निरीक्षण कर लिया। इसके बाद जब उनसे जानकारी ली गई तो बताया गया कि यहां पर कोई पटाखा फैक्टरी नहीं है। यहां तक कि मौके पर मिले चाइनीज टॉय गन की मिसाइल के भारी मात्रा में पैकेट को भी उन्होंने पटाखा होने से साफ इनकार कर दिया।