सूदखोर से परेशान व्यापारी ने दी जान: पहले बेटी गई, अब पति भी न रहे, मौत से पहले परिवार के साथ किया था मतदान
मेरठ में व्यापारी की हत्या के मामले में आज मोबाइल से मौत के राज खुलेंगे। पुलिस ने मोबाइल में घटना का कारण होना बताया है। जिसका पासवर्ड बेटी को मालूम है। पुलिस आत्महत्या में प्रयुक्त शस्त्र के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
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इंस्पेक्टर लालकुर्ती अतर सिंह ने बताया कि व्यापारी के मोबाइल में घटना का कारण लिखा है। इसका पासवर्ड बेटी को पता है। अभी मोबाइल का लॉक नहीं खुलवाया गया है, आज मोबाइल की जांच की जाएगी। पुलिस हथियार के बारे में भी जानकारी कर रही है। पता चला है कि व्यापारी के पास लाइसेंसी शस्त्र नहीं है। यह शस्त्र किसका है कहां से आया, इस बारे में जानकारी की जा रही है।
पहले बेटी गई, अब पति भी न रहे
योगेंद्र सिंह की मौत के बाद परिवार पर गम का पहाड़ टूट गया। पांच साल पहले बेटी की दौराला में सड़क हादसे में मौत हो गई थी, अब पति योगेंद्र सिंह की मौत होने से पूरा परिवार सदमे में है।
मौके पर पहुंची पत्नी अनुपमा और बेटी जाह्नवी उर्फ आशी का रोकर बुरा हाल था। उनका कहना था कि उनका पूरा परिवार बर्बाद हो गया है। शहर के एक प्रतिष्ठित स्कूल में अध्यापिका अनुपमा चौधरी की हालत कई बार बिगड़ गई। उन्हें पानी पिलाकर कुर्सी मंगाकर बैठाया गया। वहीं, पिता का गोली लगा शव देखकर बेटी की भी चीख निकल गई।
योगेंद्र सिंह की बेटी जाह्नवी सीएस (कंपनी सेक्रेटरी) की तैयारी कर रही है। इसके चलते ही योगेंद्र सिंह ने बृहस्पतिवार को आनलाइन फीस भी जमा की थी। मां-बेटी समझ नहीं पा रहे थे, कि अचानक ऐसे कैसे हो गया। व्यापारी की दुकान पर काम करने वाले नौकर अनिल कस्तला ने बताया कि वह डेढ़ बजे के करीब फोन को चार्जिंग पर लगाकर थोड़ी देर में आने की बात कहकर गए थे, जिसके बाद नहीं लौटे।
निष्पक्ष जांच की रखी मांग
योगेंद्र सिंह के छोटे भाई दीपक चौधरी निवासी अंसल टाउन मोदीपुरम ने एसपी सिटी विनीत भटनागर से निष्पक्ष जांच की मांग की। एसपी सिटी ने जांच का आश्वासन दिया है। वहीं इसके साथ ही पुलिस ने मृतक योगेंद्र सिंह का फोन भी कब्जे में लिया है। इसमें कई अहम सबूत मोबाइल में कैद हैं।
परिवार के साथ किया था मतदान
दीपक चौधरी ने बताया कि बुधवार को योगेंद्र सिंह से बातचीत हुई थी, तब सब सामान्य लग रहा था। उन्होंने परिवार के साथ बृहस्पतिवार को मतदान भी किया था।